उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में बुधवार की दोपहर सादी वर्दी में बिना हेलमेट लगाए पीएसी के दो जवानों को नागरिक पुलिस द्वारा पकड़ने के मामले ने तूल पकड़ लिया। मामला रौनाही थाना क्षेत्र है। दरअसल, रौनाही थाने के दरोगा कपिलदेव यादव ने पीएसी के दो जवानों को लॉकडाउन के उलंघन के आरोप में हिरासत में ले लिया। जब यह बात साथियों को पता चली तो दो ट्रकों में भरकर पीएसी के जवान थाने पहुंच गए। आरोप है कि, पुलिस से भिड़ंत कर जबरन दोनों जवानों को मुक्त कराया गया। जब यह बात अफसरों को पता चली तो पूरे थाने को सील कर दिया गया और जांच शुरू की गई है।
बुधवार को सुचितागंज बाजार में सादी वर्दी में पीएसी के दो जवान जयशकंर यादव व शाबान बिना हैलमेट व मास्क लगाए टहलते हुए मिले। उनका कहना है कि वे दवा लेने निकले थे। जिन्हें एसआई कपिलदेव यादव ने लॉकडाउन तोड़ने के आरोप में पकड़ा तो यादव व दोनों पीएसी के जवानों के बीच विवाद शुरू हो गया। दोनों पीएसी के जवानों को पुलिस रौनाही थाने ले गई। जिसकी खबर जब आरडी इंटर कालेज में ठहरे पीएसी कैंप में पहुंची तो जवाबी कार्रवाई में पीएसी के जवानों का दल दो ट्रकों में थाने पहुंचा और थाने पर धावा बोलकर दोनों को छुड़ा लाया। जब इस घटना की जानकारी अधिकारियों को हुई तो थाना परिसर को सील कर दिया गया। मामले को एसएसपी, सीओ पीएसी के डिप्टी कमांडेंट संजय कुमार व अन्य अधिकारियों ने सुलझाने का प्रयास किया है। लेकिन अभी कोई बात नहीं बनी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी आशीष तिवारी ने पूरे प्रकरण पर जांच बैठा दी है। एसएसपी ने बताया कि सीओ सदर वीरेंद्र विक्रम को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिनकी जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन होगा। एसएसपी के मुताबिक पीएसी के दो जवान सुचितागंज बाजार में सादी वर्दी मे टहल रहे थे, जो हेलमेट नहीं लगाए हुए थे। जिन्हे पुलिस ने चेक किया। जिसको लेकर पुलिस व पीएसी के जवानो में विवाद हो गया।
जानकारी के मुताबिक, दो दिन पहले एमएस नाज इंटर कॉलेज परिसर में ठहरे पीएसी की टुकड़ी से भी पुलिस वालों से विवाद हुआ था। जिसको लेकर पहले से पुलिस से पीएसी के जवान नाराज थे। इस मामले मे कोई केस अभी दर्ज नहीं किया गया है।

