Category: कहानियाँ

बहु तुम ये मकान दहेज में नहीं लाई थी

बहु तुम ये मकान दहेज में नहीं लाई थी…. धीरे-धीरे कदमों से चलती हुई तरुणा जी अपने घर की तरफ बढ़ रही थीं। उन्हें इस तरह लँगड़ाते हुए देखकर पड़ोस…

कॉलेज खत्म होने के बाद मेरे पिता मेरे लिए रिश्ता तो ढूंढ रहे थे

कॉलेज खत्म होने के बाद मेरे पिता मेरे लिए रिश्ता तो ढूंढ रहे थे लेकिन मैं अभी आगे और पढ़ना चाहती थी मैं घर पर इस बार में बात करने…