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मुंबई कोरोना वायरस की वजह से देश में आज ही लॉकडाउन बढ़ाया गया है लेकिन मुंबई में लॉकडाउन का भारी उल्लंघन सामने आया है। लोग सड़कों पर उतर आए हैं। बांद्रा स्टेशन पर सैकड़ों मजदूर स्टेशन पर जमा हो गए हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं। इतने सारे लोगों के सड़क पर आने से कोरोना के फैलने का खतरा बढ़ गया है। इतने लोगों का एक साथ सड़क पर आना बहुत सारे सवाल पैदा करता है।

जानकारी के मुताबिक, ये लोग खाने की समस्या बता रहे हैं और घर भेजने की मांग कर रहे हैं। कोरोना से बुरी तरह प्रभावित मुंबई में इस कदर भीड़ का उमड़ना काफी डराने वाला है। मजदूरों को हटाने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करनी पड़ी। बताया जा रहा है कि लगभग 4:30 बजे से लोग बांद्रा स्टेशन के पास इकट्ठे हो रहे थे। पुलिस ने पहुंचकर पहले समझाने की कोशिश की लेकिन 6 बजे के आसपास पुलिस ने लाठी चार्ज किया।

21 दिन के लिए देश में लागू लॉकडाउन 14 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। इससे पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 10 बजे देश को संबोधित करते हुए ऐलान किया अब देशभर में 3 मई तक लॉकडाउन जारी रहेगा। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि लोग लॉकडाउन को लंबा खिंचता देख घबरा गए और घर भेजने की मांग करने लगे।वहीं खबर आ रही है कि रात में 8 बजे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को फोन कर बांद्रा में जमा भीड़ पर चिंता व्यक्त की। गृहमंत्री ने कहा कि इस तरह की घटनाएं कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में भारत को कमजोर करती हैं।ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सजग रहना जरूरी है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को अपना पूरा समर्थन दिया।

ऐसे में महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार इन मजदूरों के खाने का इंतजाम करेगी।हम मजदूरों को समझा रहे हैं कि उनकी परिस्थितियों को सुधारने की पूरी कोशिश करेंगे। गृह मंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी ने अफवाह फैला दी थी। इस मामले में 37 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 197 केस दर्ज किए गए हैं।

महाराष्ट्र में उत्पन्न हुई स्थिति को लेकर शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में 6 लाख लोग शेल्टर्स में रह रहे हैं। केंद्र सरकार के सामने मामला रखा गया था कि इन लोगों को घरों तक पहुंचने की कोशिश की जाए। उनके पास खाना नहीं है और वे घर जाना चाहते हैं। बांद्रा में इकट्ठा हुए लोग अब चले गए हैं लेकिन यह स्थिति इसलिए हैं क्योंकि केंद्र सरकार ने बात नहीं सुनी। फिलहाल बांद्रा स्टेशन से लोगों को हटा दिया गया है। यहां तक कि गुजरात के सूरत में भी मजदूरों ने घर जाने के लिए दंगा तक किया, यह सब केंद्र सरकार की विफलता को दिखाता है, जो प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक भेजने में नाकाम हो रही है। वे भोजन या आश्रय नहीं चाहते, वो घर जाना चाहते हैं।

बता दें महाराष्ट्र कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। मंगलवार को 121 नए मामले सामने आए। राज्य में मरीजों की संख्या 2455 पर पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 121 मामलों में से मुंबई से 92, नवी मुंबई से 13, ठाणे से 10 और वसई-विरार (पालघर जिले में) से 5 और एक रायगढ़ से है। उधर, मुंबई के धारावी में आज दो और मौतें हुईं। इसके साथ राज्य में मरने वालों का आंकड़ा 162 तक पहुंच गया है।

बता दें कि इससे पहले एेसी ही स्थिति दिल्ली में बनीं थी जब लॉकडाउन की घोषणा हुई थी तो भारी संख्या में मजदूर घर जाने के लिए निकले थे। देशव्यापी लॉकडाउन को तोड़ते हुए आनंद विहार बस अड्डे पर जनसैलाब उमड़ पड़ा था। बस अड्डे से जिधर नजर जा रही उधर लोगों का सिर्फ हूजूम ही नजर आ रहा था। लॉकडाउन की सारी व्यवस्थाएं यहां पूरी तरह से चरमरा गई थी।

लॉकडाउन के बाद चारों ओर हुए सन्नाटे को लोगों की भीड़ ने कोलाहल में तब्दील कर दिया था। हर कोई भाग रहा था। जिधर से अमुक इलाके में जाने वाली बस जाने की सूचना आ रही उधर ही लोग भागे जा रहे थे। बाद में गृहमंत्रालय के सख्त होने पर स्थिति काबू में आई थी। (इंडिया सावधान न्यूज़ से सोफिया मालिक रिपोर्टर )