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जो औरत तुम्हे सम्भोग सुख देती है, तुम उसके विवश हो जाते हो और तुम्हे उसकी बात माननी ही पड़ती है,
इसी लिए हर महापुरुष ने ये कहा है जिसने काम वेग पर विजय पा ली उसने सबकुछ जीत लिया
लेकिन ये बात काफी समय बाद मुझे समझ आई
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ऋचा से शादी हुई तो घर में सब खुश थे, एक सुंदर कामुक पत्नी उपर से घर का सारा काम करने में दक्ष, थी
मां पिता जी तो खुश थे ही लेकिन मैं भी बहुत खुश था
शादी के 4 साल बाद मां की मृत्यु हो गई घर की सारी जिम्मेदारी ऋचा पर आगाई, और घर वालो के प्रति उसका व्यवहार भी बदलने लगा
कई बार मैने उसे मना किया पर वो नहीं मानती अपने मन करती
उसे पता था मेरी मजबूरी क्या है बहस या झगड़ा होने के बाद वो बात करना बंद करती और हमारे बीच कोई संबंध भी नहीं बनता
पिता जी को ही लेके अक्सर झगड़ा होता था, क्यों की मां उनकी हर जरुरते पूरी करती थी पर ऋचा को लगता ये फालतू काम बढ़ते हैं
एक दिन ऋचा बाथरूम से नहा कर निकली थी, तभी नीचे पापा भी चलते हुए आगे रिचा ने बस तौलिया लपेटी थी
पापा उसी समय अपनी नजर चुराकर अंदर चले गए और शर्मिंदा हो गए ऋचा को भी ये बात लगी
शाम को वापस आने ऋचा ने बताया कि ऐसी बात हुई है
पर इसमें पापा की गलती नहीं है
मैने ऋचा से बोला तुम्हे इस बात का।ध्यान रखना चाहिए कि घर में पापा हैं तो तुम्हे तौलिया लपेट के आने की क्या जरूरत थी
इसपर उसने मुझसे बहुत कड़े शब्दों में कहा कि क्या ये घर मेरा नहीं है ?
क्या मैं अपने घर में अपने हिसाब से घूम नही सकती
बहस के बाद हम सो गए और अगले ही दिन ऋचा ने मेरे उपर दबाव बनाया कि पापा से बोलो वो नीचे कमरे में रहें
अब पत्नी की बात ना मानता तो उसमें भी दिक्कत और पापा को बोल नहीं सकता था कि आप नीचे जाइए
मैने बिना कुछ बोले पापा का सारा समान नीचे कमरे में शिफ्ट करा दिया
पापा ने बोला बेटा नीचे बंद बंद लगता है घुटन सी होती है
मैने भी बोल दिया पापा मम्मी के ना रहने के बाद ऋचा के उप्र घर की जिम्मेदारी बढ़ गई है, और उसे थोड़े प्राइवेसी की जरूरत होती है
पापा समझ गए थे कि मैं उस दिन वाले वाक्य की बात कर रहा हूं पापा ने कुछ बोला नहीं सिर्फ सिर हिलते हुए अपनी छड़ी पकड़ी और धीरे धीरे अंदर चले गए
10 दिन बाद पापा ने हमारे लिए दुबई की टिकट बुक की
15 दिन लंबे विकेशन की और बोला जाओ बेटा बहु के जोर बहुत जिम्मेदारी है उसे घुमा लाओ
ऑफिस से छुट्टी लेने के बाद मैं और ऋचा दोनों घूमने जाते हैं
16 दिन जब वापस आते हैं तो देखते हैं घर के बाहर ताला लगा रहता है
हम पापा को फोन मिलते हैं पर वो उठते नहीं हैं ऋचा गुस्सा होने लगती और पापा को भला बुरा बोलते है
और मुझसे कहती है अगर पापा का ऐसे ही चलता था तो हम लोग को अलग घर लेना पड़ेगा
तभी पापा के दोस्त माथुर अंकल का फोन आता है और वो बोलते हैं रुको बेटा आता हूं
अपनी काली रंग की एक्टिवा पर 5 मिनट में माथुर अंकल आते हैं
और एक चाभी और एक पेपर हमें देते हैं
और बोलते है बेटा ये फ्लैट तुम्हारा नया घर है
इस घर को तुम्हारे पापा बेच दिए हैं
हम दोनो को गुस्सा आई हमने बोला पापा कहा हैं इसपर माथुर अंकल ने कहा ये मैं नहीं बता सकता
हम गाड़ी में बैठे और पेपर देख तो ये फ्लैट का रेंट एग्रीमेंट था जिसमें 2 साल का रेंट और पगड़ी एडवांस भरी हुई थी
साथ में पापा की एक चिट्ठी थी, जिसमें लिखा था
बेटा, बहु को आजादी चाहिए थी, अब नए फ्लेट में उसे मिलेगी,
अपने ही घर के एक कोने में मुझे रहना गवारा नहीं था, ये घर जितना मेरा था उतना ही बहु और तुम्हारा था,
पर बहु के व्यवहार की वजह से मुझे काफी ठेस पहुंची है और अपने ही घर में मुझे गैर जैसा लगता था
शायद बहु को भी ऐसा ही लगता था, इस लिए मैने घर 6 करोड़ में बेच दिया है और उसी पैसे से
1 करोड़ का बंगलो लिया है, तुम्हारे घर का किराया भी भर दिया है
बाकी पैसे बैंक में हैं उसके ब्याज से मेरी जिंदगी अच्छी कटेगी, और मैने अपनी देख भाल के लिए एक नर्स और एक सेवक रख लिया है
मेरी चिंता मत करना तुम और बहु आजादी से रहो
मुझे समझ नहीं आया कि कब स्त्री के शरीर के प्रेम में मुझे अपने पिता का दुख दिखा ही नहीं
उन्होंने इतना बड़ा कदम उठा लिया
मैं जयपुर में आज भी उसी फ्लैट में किराए पर हूं
पर अब इस बात को 6 साल हो गए हैं
पापा की कीमत अब समझ आती है, मुझे भी और मेरी पत्नी को भी दुनिया वालों के नजर में मेरे पापा ने अपने बच्चों के साथ गलत किया लोग उन्हें कोसते हैं
की आप कैसे बाप हैं
अपनी आजादी के लिए बच्चों को नरक में डाल दिया
लेकिन पापा ने आजतक अंदर की बात किसी से नहीं कही है
दोस्तों कुछ भी हो जाए ये याद रखिए कि आप की पत्नी वो है जिसके साथ आप को आगे की जिंदगी कटनी है
पर मातापिता वो हैं जिन्होंने आप को इस काबिल बनाया जिसके भरोसे पत्नी जिंदगी कटेगी
इस लिए पत्नी के चक्कर में माता पिता से बैर कभी मत कीजियेगा