पत्नी को नग्न देख कर पति उत्तेजित होता है, कामवासना अपने चरम पर होती है,
और दोनो एक दूसरे को तृप्त करने के लिए संभोग करते हैं, और संभोग करने से प्रेम में मिलता है विश्वास, एक सुरक्षा का एहसास,
आचार्य ओशो ने पति पत्नी के संबंध को इस तरह बातया है
पत्नी का नग्न जिस्म, सिर्फ पति के सामने ही आना चाहिए, क्यों की ये आपसी प्रेम और विश्वास का प्रतीक है, सबके सामने तो वैश्या नंगी होके खड़ी होती हैं
यदि तुम भी सबके सामने ऐसे हो खड़ी हो जाओगी तो तुम्हारे और एक वैश्या में क्या अंतर रह जाएगा,
शायद इसी लिए हमारे पूर्वज ऋषि मुनि एक स्त्री को और पुरुष को मर्यादित रूप में रहने की सलाह देते थे
और नई नवेली दुल्हन को घूंघट में रहने और अच्छे से तन ढकने की सलाह दी जाती थी
इस लिए क्यों की अच्छी चीज हमेशा छुपा कर रखी जाती है, नहीं तो नजर लग सकती है
लेकिन आज कल की मॉडर्न लड़किया इसे बंधन मानती है, जिस बहु को लोग घर की इज्जत समझते हैं
वो घर में तो साड़ी और सूट पहन कर रहती है
लेकिन बाहर जाती हो नग्न हो जाती है
और अपने शरीर की नुमाइश सोशल मीडिया पर साझा करती हैं
अगर तुम अपना शरीर दुनिया को दिखा सकती हो तो घर वालो से पर्दा किस बात का, उनके सामने भी नग्न रहो और आजाद हो
किसी भी शरीफ पति से पूछ लो कि क्या वो अपनी पत्नी को अर्धनग्न कर के ऐस तरह घुमाएगा
जवाब होगा नहीं, क्यों की इसे पता है जो लोग भी तुम्हे ऐसे देखेंगे वो कामवासना के भाव से देखेंगे
लेकिन आजकल पति ऐसा करने देते हैं
क्यों की शादिया अब पहले वाली शादी नहीं है बल्कि ये तो एक समझौता है, मैं तुम्हें भरपूर संभोग का आनंद दूंगी बदले में तुम मेरे खर्च उठाना
तुम्हारे पति को तुम्हारी इज्जत और से प्रेम नहीं उसे तो प्रेम है तुम्हारे जिस्म से तुम्हारे तुम्हारी योनि से और तुम्हारे स्तनों से
जिस दिन तुम्हारे ये अंग काम के नहीं रहेंगे तुम्हे क्या लगता है वो तुम्हारा साथ देगा
या जिस दिन तुम उस लड़की का खर्चा पानी देना कम कर दोगे वो तुम्हारे साथ रहेगी? कभी भी नहीं
दोनों परिस्थी में तुम दोनो को नए लोगो की तलाश होगी
आज विवाह के मायने बदल गए हैं खास तौर पर बड़े शहरों में ,
यदि जल्दी इसे ठीक नहीं किया गया तो वो स्थिति दूर नहीं जब राह चलती लड़किया किसी के साथ भी हमबिस्तर हो लेंगी, नाजायज बच्चे कूड़े के डिब्बे में मिलेंगे
अभी भी समय है बचालो इस समाज को


