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तंजावुर/नई दिल्ली, 27 अप्रैल। तमिलनाडु के तंजावुर जिले में एक मंदिर द्वारा आयोजित रथयात्रा के
दौरान करंट लगने से 11 लोगों की मौत हो गयी।

ये लोग एक ‘हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइन; के संपर्क में आ गए
थे। पुलिस ने बुधवार को बताया कि मृतकों में आठ पुरुष और तीन किशोर शामिल हैं।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि, मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मृतकों के प्रति शोक
व्यक्ति किया है।

राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, ;तंजावुर में एक शोभायात्रा में बिजली का करंट लगने से बच्चों सहित
लोगों की मौत एक ऐसी त्रासदी है,

जिसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी
गहरी संवेदनाएं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मोदी के हवाले से ट्वीट किया, ;तमिलनाडु के तंजावुर में हुई दुर्घटना से गहरा
दुख हुआ। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।

मुझे उम्मीद है कि घायल लोग
जल्द ठीक हो जाएंगे।; पीएमओ ने एक और ट्वीट किया,

;तमिलनाडु के तंजावुर में हुए हादसे में जान गंवाने वालों
के परिजनों को पीएमएनआरएफ से दो-दो लाख जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपये दिये जाएंगे।

मुख्यमंत्री
स्टालिन ने मौतों पर शोक व्यक्त करते हुए

11 शोक संतप्त परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता राशि
देने का आदेश दिया है।

यह दुखद घटना बुधवार तड़के कलीमेदु के समीप हुई जब अप्पार मंदिर की रथयात्रा निकाली जा रही थी। पुलिस
और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रथ को मोड़ा जा रहा था और इस दौरान वह ऊपर से गुजर रहे बिजली के एक

तार के संपर्क में आ गया,जिससे रथ में मौजूद लोगों को करंट लग गया। उन्होंने बताया कि करंट लगने से लोग
इधर-उधर गिर गए और रथ पूरी तरह जल गया। एक महिला समेत कुल 17 घायलों को इलाज के लिये तंजावुर

राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री स्टालिन ने तमिलनाडु विधानसभा में,घटना पर दुख
व्यक्त करते हुए कहा कि वह आज तंजावुर जिले के गांव का दौरा करके पीड़ितों के परिजनों से मिलेंगे।

साथ ही, स्टालिन ने कहा कि वह अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात करेंगे। स्टालिन ने मृतकों के प्रति शोक
व्यक्त करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया।

इस दौरान विधायकों ने मौन भी
रखा। स्टालिन ने कहा कि तंजावुर जिला प्रभारी मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी,

निर्वाचित प्रतिनिधियों और वरिष्ठ
अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है। अप्पार मंदिर चेन्नई से लगभग 350 किमी दूर तमिलनाडु के कावेरी डेल्टा
क्षेत्र में तंजावुर जिले के मेलवेली गांव के अंतर्गत कालीमेडु में स्थित है।