Untitled design 2022 08 25T223828.711

पलवल, 25 अगस्त  रेलवे में टिकिट चैकर की नौकरी लगाने का झांसा देकर एक व्यक्ति साढे 19
लाख 70 हजार रुपये ठगने के मामले में शहर थाना

पुलिस ने सात नामजद आरोपियों के खिलाफ ममला दर्ज कर
जांच शुरू कर दी है।

थाना प्रभारी अनूप कुमार ने गुरुवार को बताया कि गांव कारना निवासी विजय पाल पुलिस
को दी शिकायत में कहा कि वह अनपढ व्यक्ति है

तथा खेतीबाडी व मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का गुजारा
कर रहा है। सबसे बडा पुत्र रिंकू बीएससी कक्षा पास है।

फरवरी 2019 में उसकी मुलाकात केशव निवासी गांव मानपुर से हुई। उसने उसे कहा कि वह रेलवे में नौकरी करता
है और 1 लाख 50 हजार रुपये उसका वेतन है। केशव ने उसे कहा कि वह उसके बेटे को रेलवे में टिकिट चैकर की
नौकरी लगवा देगा। उसने नौकरी लगावाने के लिए उससे 6 लाख रुपये मांगे। आरोपी केशव ने उसकी मुलाकात

भमरोला निवासी योगेश से करवाई। योगेश ने अपने आपको भारतीय रेलवे में टिकिट चैकर के पद पर कार्यरत
बतलाते हुऐ उसके बेटे को रेलवे में टिकिट चैकर पद पर नौकरी लगाने का आश्वासन दिया। योगेश को 1 लाख 70

हजार रुपये माह अप्रैल 2019 दे दिये थे।

योगेश ने इसके अतिरिक्त अपने भाई को उसके घर भेजकर 50 हजार
रुपये और मंगवाए।

मनवीर ने अपने आप को भाजपा का जिला अध्यक्ष बताया। उक्त लोगों ने उसे कहा कि 6 लाख रुपये में नौकरी
नहीं लगेगी उसे 20 लाख रुपये देने होंगे।

कल्लू और मनवीर ने उसकी मुलाकात देहरादून निवासी रवि कुमार से
करवाई। रवि ने उसकी मुलाकात अनूप शर्मा से करवाई

जिसने अपने आप को भारतीय रेलवे में चीफ के पद पर
कार्यरत बताया। रवि कुमार व अनूप शर्मा ने उसके बेटे का फार्म भरवाया और इसके बाद रवि कुमार, कल्लू,

मनवीर व अनूप शर्मा रेलवे चीफ ने मुझे मेरे बेटे रिंकू की नौकरी के सम्बन्ध में मेनेजर डिवीजनल रेलवे (नॉदर्न
रेलवे) नई दिल्ली कार्यालय द्वारा मई 2019 जारी बतलाकर एक नियुक्ति पत्र दिया। इसके बाद मेरे बेटे की

नियुक्ति का झांसा देकर उसे रवि कुमार व अनूप शर्मा रेलवे चीफ ने 3-4 दिन तक अपने पास दिल्ली रखा और
उसके बाद रवि कुमार मेरे बेटे को ट्रेनिंग का झांसा देकर देहरादून ले गया

जहां करीब 3 माह तक रिंकू को देहरादून
रखा। उक्त लोगों ने षडयंत्र रचकर भारतीय रेलवे में टिकिट चैकर के पद पर

नौकरी लगाने का झांसा देकर उससे
अलग अलग किस्तों में 19 लाख 70 हजार रुपये हडप लिए।