दर्दनाक घटना: Bengaluru की सड़कों पर आवारा सांड के हमले में 77 वर्षीय बुजुर्ग की मौत
कल्पना कीजिए, एक शांत शाम के बाद आप घर लौट रहे हों। अचानक अंधेरे से एक विशाल आवारा सांड दौड़ता हुआ आए और पल भर में आपको हवा में उछाल दे।
Bengaluru में पिछले सप्ताह यही भयावह सपना 77 वर्षीय बुजुर्ग के लिए हकीकत बन गया। एक व्यस्त सड़क पर उनकी जान चली गई।
इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। यह हादसा शहरी इलाकों में आवारा पशुओं के बढ़ते खतरे पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
घटना का विस्तृत विवरण
यह घटना शाम करीब 7 बजे, पूर्वी Bengaluru की एक व्यस्त सड़क पर हुई। बुजुर्ग व्यक्ति रोज़ की तरह पास की दुकान से सामान खरीदने निकले थे।
इसी दौरान एक आवारा सांड अचानक आक्रामक हो गया। उसने अपने सींगों से बुजुर्ग को जोर से उठाकर सड़क पर पटक दिया।
तेज़ टक्कर से वे सड़क पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए शोर मचाया।
लगभग 20 मिनट बाद एंबुलेंस पहुंची, लेकिन अस्पताल ले जाते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
चश्मदीदों की गवाही और शुरुआती प्रतिक्रिया
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सांड पास की एक गली से सड़क पर आया था।
एक दुकानदार ने बताया,
“वह पहले शांत दिख रहा था, फिर अचानक बिना चेतावनी दौड़ पड़ा।”
कुछ लोगों ने डंडों से उसे भगाने की कोशिश की, लेकिन कोई भी पास जाने की हिम्मत नहीं कर सका।
हमले के बाद सांड अंधेरे में भाग गया। कुछ समय के लिए ट्रैफिक भी बाधित रहा।
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पुलिस जांच और प्रारंभिक निष्कर्ष
पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया।
रात में ही सांड को लगभग एक किलोमीटर दूर पकड़ लिया गया।
जांच में पता चला कि:
सांड एक स्थानीय डेयरी मालिक का था
उसे खुला छोड़ दिया गया था
मृतक की मौत का कारण तेज़ टक्कर से पसलियों का टूटना था
पुलिस ने पशु मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूछताछ जारी है।
मृतक की पहचान और शोक में डूबा समुदाय
मृतक का नाम रमेश कुमार था। वे एक सेवानिवृत्त शिक्षक थे और पास ही अकेले रहते थे।
पड़ोसी उन्हें बेहद शांत, मिलनसार और मुस्कुराते रहने वाला इंसान बताते हैं।
उनकी मौत के बाद:
घर के बाहर मोमबत्तियां जलाई गईं
प्रार्थना सभा में दर्जनों लोग शामिल हुए
एक रिश्तेदार ने रोते हुए कहा,
“वह रोज़ इसी सड़क से चलते थे… उन्हें ऐसी मौत नहीं मिलनी चाहिए थी।”
शहरी भारत में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या
Bengaluru जैसे बड़े शहरों में आवारा सांड और गायों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
ये जानवर सड़कों पर घूमते रहते हैं, ट्रैफिक रोकते हैं और आम लोगों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं।
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आंकड़े और रुझान
Bengaluru में अनुमानित 50,000 से अधिक आवारा पशु
पिछले 5 वर्षों में 20% की वृद्धि
2024 में ही 10,000 पशु पकड़े गए
2015 की तुलना में आज हालात दोगुने खराब हैं।
समस्या बढ़ने के कारण
डेयरी मालिकों द्वारा पशुओं को खुला छोड़ना
कचरे के ढेर, जो पशुओं को सड़कों पर लाते हैं
नियमों का कमजोर पालन
आश्रय स्थलों (गौशालाओं) की कमी
मानव–पशु संघर्ष की अन्य घटनाएं
पिछले महीने एक बाइक सवार गिरकर घायल
कोरमंगला में घंटों बसें रुकी रहीं
2024 में शहर में 200 से अधिक ऐसी घटनाएं
अधिकांश मामूली होती हैं, लेकिन कभी-कभी जानलेवा बन जाती हैं।
कानूनी और नागरिक जिम्मेदारी: दोषी कौन?
इस घटना के बाद सवाल उठता है—जिम्मेदार कौन है?
BBMP (नगर निगम) के नियम
भीड़भाड़ वाले इलाकों से पशु हटाना अनिवार्य
जुर्माना: ₹500 से शुरू
शाम के बाद पशु छोड़ना प्रतिबंधित
लेकिन नियमों का पालन अक्सर नहीं होता।
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पशु मालिकों की जिम्मेदारी
पशुओं को बांधकर रखना
पहचान टैग लगाना
उल्लंघन पर ₹5,000 तक जुर्माना
इस मामले में साफ लापरवाही दिखती है।
पीड़ित परिवार के पास कानूनी विकल्प
मुआवजे के लिए दावा
नगर निगम से सहायता
ऑनलाइन शिकायत और जनहित याचिका
जनता का दबाव बदलाव ला सकता है।
सार्वजनिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की विफलता
यह हादसा सिर्फ पशु नियंत्रण की नहीं, बल्कि शहरी सुरक्षा व्यवस्था की विफलता भी दिखाता है।
सड़क और रोशनी की समस्याएं
पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं
कोई बैरिकेड या चेतावनी संकेत नहीं
झाड़ियों में छिपे पशु अचानक सामने आ जाते हैं
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पैदल यात्रियों पर असर
हर साल बेंगलुरु में 1,500 पैदल दुर्घटनाएं
10% मामलों में आवारा पशु कारण
बुजुर्ग सबसे ज्यादा असुरक्षित
राष्ट्रीय तुलना
2020 से अब तक देश में 300 से अधिक मौतें
कर्नाटक में 50 मौतें (पिछले साल)
बेंगलुरु सबसे आगे
आगे का रास्ता: रोकथाम के ठोस कदम
1. सख्त कार्रवाई और भारी जुर्माने
जुर्माना ₹10,000 तक
बार-बार उल्लंघन पर जेल
GPS टैग अनिवार्य
2. अधिक गौशालाएं और रेस्क्यू टीम
2026 तक 20 नई गौशालाएं
NGO के साथ साझेदारी
तेज़ और सुरक्षित पकड़ अभियान
3. नागरिक सतर्कता
आवारा पशु दिखे तो 1533 पर कॉल करें
फोटो लेकर BBMP ऐप पर शिकायत
मोहल्ला निगरानी समूह बनाएं
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शहर में सह-अस्तित्व पर पुनर्विचार
Bengaluru में आवारा सांड के हमले में रमेश कुमार की मौत एक चेतावनी है।
यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था की असफलता का आईना है।
अब जरूरत है:
दोषियों की जवाबदेही
मजबूत पशु नियंत्रण कानून
पैदल यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता
आप क्या कर सकते हैं?
आज ही आवारा पशु की सूचना दें
स्थानीय अभियानों से जुड़ें
PM मोदी ने इथियोपियाई संसद को संबोधित किया: ‘शेरों की धरती पर घर जैसा महसूस हो रहा है’
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