Release consultativecommitteemeeting108231 html m31fbe703587

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक में आज वी. वी. गिरी राष्ट्रीय श्रम संस्थान के कामकाज पर चर्चा हुई

केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री श्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में श्रम और रोजगार मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक आज नई दिल्ली में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों ने भाग लिया। उपस्थित सांसदों में श्री सुनील कुमार मंडल, श्री उमेश जी जाधव, श्री सुनील कुमार सोनी, श्री भागीरथ चौधरी, श्री राजमणि पटेल और श्री इरन्ना कडाडी शामिल थे। बैठक का विषय “वी.वी.गिरी राष्ट्रीय श्रम संस्थान का कामकाज” था।

वी. वी. गिरी राष्ट्रीय श्रम संस्थान (वीवीजीएनएलआई) के महानिदेशक ने संबोधन में कहा कि यह संस्थान विश्व स्तर पर एक प्रतिष्ठित संस्थान है, जिसे श्रम क्षेत्र में अनुसंधान और प्रशिक्षण में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह श्रम और रोजगार से संबंधित प्रमुख सामाजिक भागीदारों और हितधारकों को ज्ञान और कौशल का प्रसार करने में सक्रिय है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में 164 और 2022-23 में 171 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए, इनमें 10,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने आईटीसी- अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) जैसे श्रम अनुसंधान, नीति और प्रशिक्षण में लगे विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ वी. वी. गिरी राष्ट्रीय श्रम संस्थान के सहयोग और साझेदारी के बारे में जानकारी प्रदान की। पिछले दो दशकों के दौरान, संस्थान ने 101 अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिसमें 127 देशों के 2351 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

Release consultativecommitteemeeting10823(1) html m31fbe703587

संस्थान ने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों/विश्वविद्यालयों और नियोक्ता संगठनों के साथ कई समझौता ज्ञापनों पर भी हस्ताक्षर किए हैं। संस्थान विभिन्न पत्रिकाओं और समाचार पत्रों का भी प्रकाशन करता है, और अब तक 155 शोध अध्ययन प्रकाशित कर चुका है।

Release consultativecommitteemeeting10823(1) html m45b485070V5P

बैठक में भाग लेने वाले संसद सदस्यों ने श्रम अनुसंधान और प्रशिक्षण के क्षेत्र में संस्थान के प्रयासों की सराहना की और भविष्य में सुधार के लिए मूल्यवान सुझाव दिए।

अपने समापन भाषण में श्री भूपेंद्र यादव ने श्रमिकों के लिए स्थानीय भाषाओं में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। जिससे वे आसानी से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकें। उन्होंने यह भी सलाह दी कि संस्थान को नीति-उन्मुख अनुसंधान और कार्यक्रमों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए जिससे जमीनी स्तर पर श्रमिकों की मदद हो सके।

केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री श्री रामेश्वर तेली ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।