Arvind Kejriwal Delhi Liquor Policy Case Supreme Court ED Chargesheet e1715318748737

अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट फैसला सुनाएगा। वहीं ED दिल्ली शराब घोटाले की चार्जशीट दाखिल करेगी। ऐसे में आज पूरे देश की नजरें दिल्ली CM पर टिकी हैं।

अरविंद केजरीवाल की जमानत पर फैसले पर आज पूरे देश की नजरें टिकी हैं।

दिल्ली CM अरविंद केजरीवाल को जेल गए आज 50 दिन हो गए। 22 मार्च से वे ED की कस्टडी में और तिहाड़ जेल में हैं। केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की हुई है। लोकसभा चुनाव 2024 चल रहे हैं तो चुनाव प्रचार करने के लिए उन्होंने अंतरिम जमानत भी मांगी हुई है।

याचिका पर गत 7 मई को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जो आज सुनाया जाएगा। वहीं ED ने भी केजरीवाल की जमानत का विरोध करते हुए बीते दिन सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर दिया है। ED आज राऊज एवेन्यू कोर्ट में दिल्ली शराब घोटाला केस की चार्जशीट भी दाखिल करेगी।

 

 

ED के हलफनामे पर AAP ने जताई आपत्ति

दूसरी ओर, दिल्ली CM अरविंद केजरीवाल की लीगल टीम ने सुप्रीम कोर्ट में शिकायत देकर ED के हलफनामे पर कड़ी आपत्ति जताई की है। केजरीवाल की लीगल टीम का कहना है कि सुनवाई पूरी होने के बाद और सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला सुनाया जाने से ठीक पहले हलफनामा प्रस्तुत किया गया, जो कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट की अनुमति लिए बिना हलफनामा दाखिल किया गया है।

ED 2 साल से मामले की जांच कर रही है और एक सबूत हाथ नहीं लगा। किसी के बयान पर राजधानी के मुख्यमंत्री को गिरफ्तार कर लिया। ED जिनका नाम कोर्ट में लेती है, वह सभी भाजपा में करीबी हैं। इनके बयानों पर भरोसा करके ED केजरीवाल के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इसका सीधा मतलब यह है कि ED भाजपा के इशारों पर काम कर रही।

 

 

ED ने अपने हलफनामे में क्या दलीलें दीं?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ED ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करके अरविंद केजरीवाल की जमानत का विरोध किया है। ED की तरफ से कहा गया है कि चुनाव प्रचार करना किसी शख्स का मौलिक अधिकार नहीं है। संविधान के अनुसार भी भारतीयों को चुनाव प्रचार करने का अधिकार नहीं मिला है। अरविंद केजरीवाल लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़ रहे।

अब से पहले किसी नेता को चुनाव प्रचार के लिए जमानत नहीं दी गई। अगर केजरीवाल को जमानत देकर परंपरा शुरू की गई तो जेल में कैद अन्य नेता भी जमानत मांगने लगेंगे। चुनाव प्रचार की आड़ में अपराधी या आरोपी राजनेता जेल से बाहर आ जाएंगे। ED ने समन भेजे, तब भी केजरीवाल ने विधानसभा चुनाव होने का बहाना बनाया था। अब लोकसभा चुनाव प्रचार का बहाना बनाकर जमानत मांग रहे हैं, यह ठीक नहीं।