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पति पत्नी के बीच एक भरोसे का काम करता है संभोग, लेकिन सेक्स कब आपके पति का से आप का विश्वास हिला दे ये कोई नहीं जानता,

2 भाइयों में मैं अकेली थी पापा मेरे काफी रसूख परिवार से थे, भगवान की दया हमारे पास हर वो चीज थी, जिसके लिए लोग सपना देखते हैं
12 पास करने के बाद मुझे मुझे कॉलेज में एडमिशन दिलाया गया और मैं कॉलेज जाना शुरू कर दी कॉलेज में ही मुझे अमित मिले मैं लाइन में लगी थी फार्म जमा करने के लिए और पीछे से अमित आते हैं और बोलते हैं इस तरह धूप में खड़ी रहेगी तो बेहोश होकर गिर जाएगी आ चल में तेरा फॉर्म जमा कर आता हूं।
अमित के साथ सीधे रजिस्टार ऑफिस में घुस गई और 2 मिनट के अंदर में फॉर्म जमा कर दिया अमित से पहली मुलाकात थी इतनी अजीब हुई थी कि मुझे मौका ही नहीं मिला कि उन्हें शुक्रिया कहूं या उनका नाम पूछो
और ना ही अमित ने इन चीजों में कोई रुचि दिखाई उन्होंने मेरा काम कराया और कहां गायब हो गए मुझे पता भी नहींचला
कॉलेज शुरू होने के 3 महीने बाद अमित मुझे फिर से दिखाई दिए और मैं जब उन्हें देखा तो तुरंत पहचान गई लेकिन उन्होंने तो मुझे पहचान भी नहीं बाद में पता चला कि यह मुझे एक साल सीनियर है मैं मौके को हाथ से छोड़कर जाने देना नहीं चाहती थी और मैं तुरंत अमित के पास पहुंचे और उन्हें शुक्रिया कहा
बाद में पता चला की अमित के पापा और मेरे पापा काफी घनिष्ठ दोस्त हैं उसके बाद हम दोनों के बीच में भी दोस्ती काफी अच्छी हो गई अमित का मेरे घर आना जाना हो गया और मन ही मन में अमित को पसंद करने लगी थी
इसी तरह हमारी दोस्ती को 5 साल हो गए थे और 5 साल में कब अमित और हम प्यार में फंस गए पता ही नहीं चला ना कभी आज तक अमित ने मुझे अपने प्यार का इजहार किया ना मैं अमित से कभी अपने प्यार का इजहार किया पर हम दोनों को पता था कि हम दोनों एक दूसरे से बहुत मोहब्बत करते हैं
अमित की नौकरी मुझे 1 साल पहले लग गई और 1 साल बाद मेरी भी नौकरी लग गई उसके बाद क्या हुआ कि हम और अमित दोनों एक ही शहर में पोस्ट ले लेते हैं
जिस तरह मेरे पापा काफी रसूखदार परिवार से थे उसी तरह अमित के पापा भी काफी बड़े परिवार से थे और समाज में अच्छी हैसियत रखते थे
और ऊपर से सोने पर सुहागा मेरे पापा और अमित के पापा की 15 साल पुरानी दोस्ती भी थी
चंडीगढ़ में साथ काम करते-करते हम दोनों का एक दूसरे के फ्लैट पर आना-जाना बढ़ गया मैं हर वक्त अमित के करीब आना चाहती थी क्योंकि मैं उनसे बेइंतहा प्यार करती थी पर वह हर बार मुझे दूर करते थे और बोलते थे
देख किट्टू एक दिन तू यह करना ही है तो इंतजार करते हैं ना शादी करते हैं फिर करेंगे और मैं उनके ऊपर जोर-जोर से हंस दिया करती थी
खैर हम दोनों अपने लाइफ में काफी अच्छे से सेटल थे अब मेरे घर पर शादी की बात चलना शुरू हुई थी मैंने मौका ना गवाते हुए तुरंत ही अमित के बारे में अपने पापा को बताया पापा ने मुझे कुछ बोला नहीं और चुपचाप वहां से चले गए
मैं अंदर से बहुत खुश थी कि चलो पापा समझते हैं मुझे लेकिन तभी शाम को मेरे बड़े भैया आते हैं और मुझे जोर से एक थप्पड़ मारते हैं और बोलते हैं यही सब करने के लिए तुझे बाहर भेजा गया था
मैं बोलता हूं मैं क्या गलत किया भैया उन्होंने बोला अगर प्यार करना भी था तो किसी अपने बराबर के लोगों के साथ करती
मैंने बोला मैं 6 साल से अमित को जान रही हूं और 3 साल से प्यार कर रही हूं क्या इतना समय कम होता है किसी को जानने के लिए इस पर भैया ने मुझे कुछ बोला नहीं और बोला कि तेरी शादी उससे नहीं हो सकती है और भूल जाओ उसे
मैं अमित को यह बात बताई तो अमित ने बोला कोई बात नहीं है तू टेंशन ना ले मैं हैंडल करता हूं
अमित ने घर पर आकर के अपने पापा से यह बात बोली कि मैं किट्टू से प्यार करता हूं और मैं उससे शादी करना चाहता हूं उसके पापा काफी ज्यादा खुश थे और वह अगले ही दिन मेरे घर आते हैं
और बहुत गर्म जोशी से पापा से मिलते हैं पर मेरे पापा का व्यवहार काफी ठंडा रहता है
उन्होंने अपनी बात मेरे पापा के सामने रखी की अपनी दोस्ती को रिश्ते में बदलते हैं और किट्टू और अमित की शादी करते हैं
मेरे पापा उन्हें कुछ बोलते नहीं है पर हाथ जोड़ते हैं और बोलते हैं ऐसा संभव नहीं है
इसके बाद अमित के पापा कुछ भी नहीं बोलते और सीधा वहां से उठकर वापस चले जाते हैं
घर पर बहुत बार बोलने के बाद भी मेरे पापा और मेरे भाई मेरी शादी के लिए राशि नहीं हुए काफी समय इंतजार करने के बाद मुझे भी यह लगने लगा कि शायद मैंने कुछ गलत किया है क्योंकि मेरा परिवार कभी भी मेरे किसी डिसीजन के खिलाफ नहीं जाता था फिर इसी के खिलाफ क्यों
फिर बाद में मुझे पता चला कि हमारी शादी न होने का सबसे बड़ा कारण है हमारी जात का एक न होना हम दोनों ही जनरल केटेगरी से थे पर फिर भी मैं उच्च कूल की ब्राह्मण थी और वह एक वैश्य था
फिर पापा ने अपने ही हैसियत के बराबर के एक लड़के से मेरी शादी कराई रसूखदार परिवार था मेरे शहर से तकरीबन 100 किलोमीटर दूर काफी बड़ी कोठी और सबसे बड़ीबात इस बार लड़का अपनी जात का था
शादी की बात फिक्स होते ही सबसे पहले मेरे पापा आते हैं और मुझे बोलते हैं देखा कि तू मैं एक ऐसा लड़का तेरे लिए ढूंढा है जिसके घर में शराब सिगरेट तो दूर कोई सुपारी भी नहीं खाता
मैंने अपने पापा से पूछा आपको कैसे पता चला पापा ने बोला उनके घर में एक भी पान का पत्ता या शराब जैसी कोई चीज नहीं दिखाई थी अगल-बगल से भी पता लगाया तो किसी ने भी नहीं बोला कि यह लोग कुछ ऐसा काम करते हैं
मेरी शादी होती है काफी धूमधाम से काफी ज्यादा दहेज दिया जाता है सिर्फ इसलिए कि लड़का अपनी जात का है और काफी रसूखदार परिवार से है
सुहागरात की सेज पर में बैठी रहती हूं और मेरे पति कमरे में आने में काफी देरी करते हैं
लगभग रात को 1:00 बजे आते हैं और वह दारू के नशे में रहते हैं और मुझे बोलते हैं आई एम सॉरी दोस्तों ने जबरदस्ती पिला दी क्योंकि आज मेरी शादी है और मैं उन्हें मना नहीं कर सकता
मैंने कुछ बोला नहीं और दूसरी तरफ मुंह करके सो गई और दूसरी तरफ मुंह करके वह भी सो गए पर मेरे मन में ही यह सवाल आया कि पापा ने तो कहा था कि लड़का और उसका पूरा परिवार शराब तो छोड़ो सुपारी भी नहीं खाता इस बात का क्या
अगले दिन सुबह सब कुछ सही रहता है घर में सारी रस्म की जाती है और रात का समय होता है मैं वापस अपने कमरे में जाती हूं
जब मैं अपने पति को फोन करती हूं तो वह मुझे बोलना है कि तुम खाना खाकर सो जाओ मुझे थोड़ा समय लगेगा
मैंने बोला कोई बात नहीं है आपको जितना भी समय लगे आप लगाइए मैं आपका इंतजार करूंगी
इस बार वह रात को 3:00 बजे आए और पूरे तरीके से नशे में थे
मेरी सब्र का बांध टूट गया और मैं तुरंत बोला आप तो शराब नहीं पीते ना तो फिर रोज-रोज शराब पी के कैसे आतेहैं
वह हंस के मुझे बोलते हैं चल सो जा पगली मुझसे सवाल जवाब ना कर
मैंने बोला मेरा हक बनता है मैं आपकी पत्नी हूं
और वह एक हवन की तरह मेरे ऊपर झापड़ पड़ते हैं और मेरे साथ संभोग करना शुरू करते हैं और बोलते हैं पत्नी है तो पत्नी धर्म निभा चल मुझे खुश कर
वह संभोग जो एक पति-पत्नी के लिए उनके विश्वास की कड़ी रहता है मेरे लिए मेरी सुहागरात के दिन ही डर का कारण बन गया
मैं यह बात किसी से भी नहीं कह सकती थी क्योंकि मेरे दोनों भाइयों की शादी नहीं हुई थी और पापा से तो बोलने का सवाल ही नहीं होता
जब मैं यह बात अपनी मां को बताई तो मां ने बोला यह तो हमेशा से होता आया है तुम उसकी पत्नी हो तुम नहीं उसके साथ यह करोगी तो कौन करेगा कोशिश करो बातों को भूलने की
उसे दिन के बाद से मैं हर रोज रात में दर में सोती हूं मुझे नहीं पता होता कि मेरे साथ संभोग किया जाएगा या मेरा बलात्कार होगा वह भी मेरे पति के द्वारा
मैं उसे समाज की हिस्सा हूं जहां पर यदि मैं किसी को 5-7 साल से जान रही हूं तो वह मेरे लिए अजनबी है
मेरी उससे शादी नहीं कराई जाएगी पर वही मेरे पिता और मेरे भाई मुझे किसी अनजान के बिस्तर पर फेंक देते हैं ताकि वह नशे में आकर के मेरा बलात्कार कर सके
मैं निशब्द हूं समय रहते यदि मैं अपने प्यार के लिए लड़ाई की होती तो आज मेरी यह स्थिति ना होती
और मैं प्रत्येक मां-बाप से यह बोलना चाहूंगी की हम बेटियां हैं हमें ऐसे संस्कार दिए जाते हैं कि हम ज्यादा खुलकर आपके सामने नहीं बोल सकते पर हमारे भविष्य का निर्णय लेना आपके हाथ मेंहै
यदि आपकी बेटी को किसी से प्यार है और वह काफी लंबे समय से इस घोर कलयुग में उसके साथ है उसे जानरहा है
तो जात-पात का चक्कर छोड़ पैसे का चक्कर छोड़ उसे उसके साथ जिंदगी बिताने दीजिए
तभी सही मायने में आप एक अच्छे मां-बाप कहलाएंगे क्योंकि आपकी खुशी आपके बच्चों से है ना कि इस समाज से जो की जात की वजह से आपको और आपके परिवार का आकलन करता है