दक्षिण भारत में बारिश का कोहराम
दक्षिण भारत में हालिया भारी बारिश और चक्रवातीय गतिविधियों ने कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में व्यापक तबाही मचाई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इन क्षेत्रों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
बेंगलुरु में पिछले 36 घंटों में लगातार भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस आपदा में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। सड़कें जलमग्न हैं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और कई इलाकों में जलभराव के कारण घरों व दुकानों में पानी घुस गया है। नगर निगम और राज्य सरकार की राहत-बचाव टीमें सक्रिय हैं और प्रभावित इलाकों में मदद पहुंचाई जा रही है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे चिंता और बढ़ गई है।
IMD ने तमिलनाडु के चेंगलपट्टू, विल्लुपुरम और कांचीपुरम जिलों में चक्रवात ‘मेंडस’ के कारण रेड अलर्ट जारी किया है। इससे इन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री मोदी से ₹2000 करोड़ की राहत की मांग की है। प्रभावित जिलों में तंजावुर, तिरुवरुर, नागपट्टिनम, चेन्नई, विल्लुपुरम, और तिरुपथुर शामिल हैं।
IMD ने केरल के कासरगोड, कन्नूर, वायनाड, कोझीकोड, और मलप्पुरम जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, पलक्कड़, त्रिशूर, और एर्नाकुलम जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। मौसम विभाग ने अगले 4 से 5 दिनों में मॉनसून के केरल पहुंचने की संभावना जताई है, जो सामान्यतः जून के पहले सप्ताह में होता है।

