Rajasthan के राजसमंद जिले में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
सोमवार Rajasthan तड़के से शुरू हुई बारिश ने पूरे इलाके को जलमग्न कर दिया, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सड़कों पर पानी का तेज बहाव इतना अधिक था कि कई गाड़ियां, बाइक और ऑटो खिलौनों की तरह बहते नजर आए।
हालात की गंभीरता
- राजसमंद शहर में तेज बारिश के कारण मुख्य सड़कों पर पानी भर गया। कस्बे से गुजरने वाले नाले में अचानक जलस्तर बढ़ने से अफरा-तफरी मच गई।
- मचींद गांव में सुथार मोहल्ले की गलियों में 4 से 5 फीट तक पानी बहने लगा, जिससे दो कारें बह गईं और कई घरों में पानी घुस गया।
- बाघेरी नाका बांध पर सुबह 6 बजे एक फीट की चादर चल रही थी, जो दोपहर तक बढ़कर सवा तीन फीट तक पहुंच गई।
बहती गाड़ियां और जलमग्न सड़कें-Rajasthan
- वायरल वीडियो में देखा गया कि तेज बहाव में कारें और अन्य वाहन तिनके की तरह बहते नजर आए।
- गोमती-उदयपुर फोरलेन पर मोखमपुरा, मोरचणा, बडारड़ा और पीपरड़ा में पानी भर गया, जिससे कई वाहन बंद हो गए और जाम की स्थिति बन गई।
घरों में घुसा पानी
- रामेश्वर महादेव मंदिर से लेकर टीवीएस सर्कल तक कई घरों में पानी घुस गया। राजनगर, मालीवाड़ा, रेगर मोहल्ला और हस्तिनापुर जैसे इलाकों में आधा फीट तक पानी भर गया।
- तालेड़ी नदी में अतिक्रमण के कारण पानी का बहाव अवरुद्ध हुआ, जिससे आसपास के घरों में पानी भर गया।
नदी-नालों का उफान
- बनास नदी उफान पर है, जिससे आधा दर्जन रास्ते बंद कर दिए गए हैं। कुंभलगढ़ से उदयपुर मार्ग पर ओड़ा पुलिया पर पानी आने से यातायात बाधित हुआ।
- चन्द्रभागा नदी भी आमेट क्षेत्र में बह रही है, जिससे मंदिरों और बाजारों तक पानी पहुंच गया।

प्रशासन की प्रतिक्रिया
- स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं, लेकिन जलभराव के कारण बचाव कार्यों में बाधा आ रही है।
- पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि लोग जलमग्न पुलियों और खतरनाक इलाकों से दूर रहें।
बारिश का आंकड़ा
| तहसील | बारिश (मिमी) |
|---|---|
| देवगढ़ | 114 |
| आमेट | 63 |
| कुंभलगढ़ | 57 |
| नाथद्वारा | 46 |
| राजसमंद | 32 |
| भीम | 24 |
| देलवाड़ा | 11 |
भविष्य की चेतावनी
- मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
- बाघेरी नाका बांध से बहता पानी नंदसमंद बांध तक पहुंच सकता है, जिससे वहां भी ओवरफ्लो की स्थिति बन सकती है।

राजसमंद में जो दृश्य सामने आए हैं, वे आमतौर पर पहाड़ी राज्यों में देखने को मिलते थे, लेकिन अब राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके भी इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से अछूते नहीं रहे। प्रशासन की सक्रियता और लोगों की सतर्कता ही इस संकट से राहत दिला सकती है।
अगर आप चाहें तो मैं इस रिपोर्ट को एक समाचार लेख या सोशल मीडिया पोस्ट में भी बदल सकता हूँ।
Delhi के लोकप्रिय बाजार में एक दुकान में आग लग गई
Follow us on Facebook



