Mumbai पुलिस: शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के खिलाफ ₹60 करोड़ की निवेश धोखाधड़ी में लुकआउट सर्कुलर जारी
अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा, जो पहले पॉर्नोग्राफी मामले में फंस चुके हैं, एक बार फिर ₹60 करोड़ के कथित निवेश धोखाधड़ी मामले में Mumbai पुलिस की रडार पर हैं। मुंबई पुलिस द्वारा दोनों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LoC) जारी किए जाने की खबर ने मनोरंजन जगत और निवेशकों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
यह मामला एक निवेशक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर आधारित है। शिकायत में दावा किया गया कि वियान इंडस्ट्रीज (Vian Industries) के माध्यम से ₹60 करोड़ का निवेश कराया गया और बाद में धोखाधड़ी हुई। LoC जारी होने का मतलब है कि एयरपोर्ट और अन्य निकास बिंदुओं पर इनकी आवाजाही पर कड़ी नजर रखी जाएगी। बिना इजाजत इन्हें देश छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
₹60 करोड़ के निवेश धोखाधड़ी का मामला: पूरी कहानी
शिकायतकर्ता का पक्ष और आरोप
- शिकायत का आधार एक निवेशक ने शिकायत दर्ज कराई है। यह धोखाधड़ी वियान इंडस्ट्रीज से जुड़ी एक स्कीम के माध्यम से हुई। निवेशकों को ऊंचे रिटर्न और बड़े मुनाफे का झूठा वादा किया गया था।
- ₹60 करोड़ की राशि का विवरण कुल ₹60 करोड़ का निवेश हुआ था। यह राशि कथित तौर पर कई निवेशकों से आई थी, जिन्हें भारी नुकसान हुआ। निवेशकों को उनकी मूल पूंजी भी नहीं मिल पाई।
शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा की भूमिका
- वियान इंडस्ट्रीज से जुड़ाव शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा दोनों वियान इंडस्ट्रीज से जुड़े थे। वे कंपनी के निदेशक और प्रमुख शेयरधारक के रूप में काम करते थे। कंपनी की गतिविधियों में उनकी प्रत्यक्ष भागीदारी के प्रमाण मिले हैं।
- राज कुंद्रा का पूर्व आपराधिक इतिहास राज कुंद्रा का पॉर्नोग्राफी मामला इस धोखाधड़ी से सीधे तौर पर नहीं जुड़ा है, पर उनके पूर्व अनुभव संदेह पैदा करते हैं। उन पर पहले भी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। यह नया मामला उनकी विश्वसनीयता पर और सवाल उठाता है।

लुकआउट सर्कुलर (LoC): इसका क्या मतलब है?
LoC जारी करने की प्रक्रिया और कारण
- LoC क्या है? लुकआउट सर्कुलर एक कानूनी उपकरण है। इसका उपयोग आव्रजन अधिकारी किसी व्यक्ति को देश छोड़ने से रोकने के लिए करते हैं। यह पुलिस या अन्य जांच एजेंसियों के अनुरोध पर जारी किया जाता है।
- मुंबई पुलिस द्वारा LoC जारी करने के कारण शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के देश छोड़कर भागने की आशंका थी। जांच में सहयोग न करने या गवाहों को प्रभावित करने की संभावना भी थी। मामले की गंभीरता और ₹60 करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी एक अहम कारण है।
LoC का प्रभाव
- यात्रा प्रतिबंध हवाई अड्डों, बंदरगाहों और अन्य निकास बिंदुओं पर उनकी पहचान की जाएगी। बिना इमिग्रेशन क्लीयरेंस के देश छोड़ना उनके लिए असंभव होगा। इस प्रतिबंध से उनकी विदेश यात्राएं रुक जाएंगी।
- कानूनी और व्यावसायिक परिणाम इस LoC से उनकी वर्तमान परियोजनाओं और व्यवसायों पर गहरा असर पड़ेगा। यह उनके सार्वजनिक जीवन और छवि को भी और ज्यादा प्रभावित करेगा। उनकी ब्रांड वैल्यू को काफी नुकसान होगा।
वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में निवेश के सबक
निवेशकों के लिए सावधानियां
- निवेश से पहले शोध किसी भी कंपनी की पृष्ठभूमि, वित्तीय स्थिति और प्रबंधन की जांच करें। निवेश योजनाओं और रिटर्न के दावों को सत्यापित करना बहुत जरूरी है। कभी भी जल्दी पैसा बनाने के झांसे में न आएं।
- कानूनी दस्तावेजों को समझना सभी समझौतों और अनुबंधों को ध्यान से पढ़ें और समझें। जरूरत पड़ने पर कानूनी सलाहकार की मदद लें। बिना समझे किसी भी कागजात पर हस्ताक्षर न करें।
नियामक निकायों की भूमिका
- सेबी (SEBI) और अन्य संस्थाएं सेबी वित्तीय बाजारों और निवेश योजनाओं को नियंत्रित करता है। निवेशकों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए नियामक तंत्र काम करता है। इस मामले में किसी नियामक चूक की भी जांच की जाएगी।

आगे की जांच और संभावित परिणाम
पुलिस जांच की दिशा
- गवाहों के बयान और सबूत जांच अधिकारी गवाहों के बयान दर्ज कर रहे हैं। अन्य निवेशकों से भी संपर्क किया जा रहा है। डिजिटल सबूत और वित्तीय रिकॉर्ड की भी गहन जांच की जा रही है।
- कानूनी कार्रवाई गिरफ्तारी, पूछताछ और आरोप तय होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। क्या अन्य लोगों की भी संलिप्तता सामने आ सकती है, इस पर भी पुलिस नजर रखेगी। जांच से कई परतें खुल सकती हैं।
मामले के संभावित परिणाम
- आरोपियों के लिए सजा भारतीय कानूनों के तहत धोखाधड़ी के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान है। क्या निवेशकों को उनकी राशि वापस मिल पाएगी, यह भी कानूनी प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा होगा। न्याय प्रणाली अपना काम करेगी।
- कॉर्पोरेट जगत पर प्रभाव इस मामले से कॉर्पोरेट गवर्नेंस और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठेंगे। यह अन्य कंपनियों के लिए एक चेतावनी का काम करेगा। व्यापारिक दुनिया में ईमानदारी और जवाबदेही बहुत जरूरी है।

शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा पर ₹60 करोड़ की निवेश धोखाधड़ी का गंभीर आरोप है। इसी कारण Mumbai पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। यह घटना निवेशकों को सतर्क रहने और किसी भी निवेश से पहले गहन शोध करने की आवश्यकता पर जोर देती है। कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और इसके परिणाम इस मामले से जुड़े सभी पक्षों के लिए महत्वपूर्ण होंगे। यह मामला बॉलीवुड हस्तियों और कॉर्पोरेट जगत में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्व को रेखांकित करता है।
UP के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के हनुमान गढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की
Follow us on Facebook
India Savdhan News | Noida | Facebook

