Iron पुरुष को नमन: नारी शक्ति की गूंज, एकता परेड में पीएम मोदी की उपस्थिति
हर साल 31 अक्टूबर को भारत अपने Iron पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करता है — वह महान नेता जिन्होंने 500 से अधिक रियासतों को जोड़कर एक अखंड भारत का निर्माण किया। यह दिन राष्ट्रीय एकता दिवस (Rashtriya Ekta Diwas) के रूप में मनाया जाता है, जो हमें आधुनिक भारत की नींव रखने वाले इस महानायक के योगदान की याद दिलाता है। इस अवसर पर देशभर में एकता परेड का आयोजन होता है, जो भारत की शक्ति और विविधता का प्रतीक है।
इस वर्ष की परेड: नारी शक्ति की गूंज
इस बार की परेड खास रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में हिस्सा लिया। इस बार परेड का मुख्य आकर्षण थी नारी शक्ति की गर्जना, जो पटेल के समावेशी भारत के विज़न का प्रतीक बनी।
महिलाओं ने कई टुकड़ियों का नेतृत्व किया, जिससे लैंगिक समानता की दिशा में बढ़ते कदम स्पष्ट हुए। परेड में देश के सभी राज्यों की झलक, सांस्कृतिक झांकी और सैन्य प्रदर्शन शामिल थे — एकता और सशक्तिकरण का अद्भुत संगम।
एकता दिवस परेड: राष्ट्रीय गौरव और सुरक्षा का मेल
परेड की शुरुआत राष्ट्रीय गान और ध्वजारोहण से हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया, जो नेतृत्व और सम्मान का प्रतीक है।
पीएम मोदी की उपस्थिति और भाषण की अहम भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने परेड मार्ग पर चलते हुए बलों का अभिवादन किया। उनकी उपस्थिति ने जवानों का उत्साह बढ़ाया।
अपने भाषण में उन्होंने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” का संदेश दिया और विभाजन की प्रवृत्तियों से सावधान रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि “एकता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है”। करीब 20 मिनट चले उनके संबोधन ने सभी को प्रेरित किया कि वे देश की मजबूती के लिए कार्य करें।
सोशल मीडिया पर भी उनके भाषण की खूब सराहना हुई — कई लोगों ने कहा कि यह पटेल की भावना को आधुनिक भारत से जोड़ता है।

सैन्य शक्ति और सुरक्षा बलों की झांकियाँ
परेड में पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने शानदार प्रदर्शन किया।
सीआरपीएफ (CRPF) ने सटीक मार्च करते हुए आधुनिक हथियारों और ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन किया।
महिला अधिकारी अग्रिम पंक्ति में रहीं — बीएसएफ (BSF) की ऑल-विमेन स्क्वॉड ने आतंक-रोधी अभियानों की झलक पेश की।
यह संदेश स्पष्ट था — एकता और सुरक्षा एक-दूसरे के पूरक हैं। जिन सीमाओं को पटेल ने एक किया, उनकी रक्षा आज ये जवान करते हैं।
नारी शक्ति की गूंज: महिलाओं की बढ़ती भूमिका
इस बार महिलाओं ने परेड में नेतृत्व की कमान संभाली। दर्शकों की सबसे जोरदार तालियाँ उन्हीं के लिए थीं।
इस वर्ष परेड में महिलाओं की भागीदारी 30% रही, जो पिछले साल की 20% से अधिक है।
कैप्टन प्रिया सिंह ने भारतीय सेना की महिला टुकड़ी का नेतृत्व किया।
सीआईएसएफ (CISF) की ऑल-विमेन मोटरसाइकिल स्क्वॉड ने शानदार प्रदर्शन किया।
ये दृश्य नारी शक्ति के नए युग का प्रतीक बने। अब महिलाएँ रक्षा, पुलिस और आपदा प्रबंधन जैसी जिम्मेदार भूमिकाओं में अग्रणी हैं।

महिला सशक्तिकरण पर पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी योजनाओं का उल्लेख किया और कहा कि नारी शक्ति भारत के विकास की धुरी है।
उन्होंने बताया कि आज महिलाएँ रक्षा, विज्ञान, प्रशासन और नेतृत्व के हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
यह बदलाव सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि वास्तविक सशक्तिकरण का प्रमाण है — जो पटेल के समावेशी भारत के सपने को साकार करता है।
आधुनिक भारत में सरदार पटेल की दृष्टि
पटेल ने जिस एकता की नींव रखी, आज वही भारत की प्रगति का आधार है।
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना
पटेल ने संवाद और दृढ़ संकल्प के माध्यम से रियासतों को जोड़ा। आज सांस्कृतिक आदान-प्रदान और परस्पर सम्मान उसी भावना को आगे बढ़ा रहे हैं।
परेड की झांकियों में एक झांकी ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ की थी, जिसके चारों ओर विभिन्न राज्यों के लोग थे — एकता में विविधता की अद्भुत झलक।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम
परेड में स्वदेशी तकनीक और हथियारों का प्रदर्शन किया गया।
यह पटेल की सोच का विस्तार है — मजबूत नींव पर आत्मनिर्भर राष्ट्र।
भारत ने रक्षा उत्पादन में $20 अरब का आंकड़ा पार किया है। यह आत्मनिर्भर भारत की ओर एक बड़ा कदम है।
एकता के पथ पर अग्रसर नारी शक्ति
राष्ट्रीय एकता दिवस, सरदार पटेल की उस अमूल्य देन का उत्सव है — एक अखंड भारत।
प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति ने इस श्रद्धांजलि को और प्रभावशाली बना दिया।
परेड में नारी शक्ति की गर्जना ने यह सिद्ध कर दिया कि भारत की असली ताकत उसकी समानता और एकता में निहित है।
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