PM मोदी का दावा: महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को बनाया मुख्यमंत्री उम्मीदवार — राजनीतिक विश्लेषण और असर
ज़रा सोचिए — बिहार की भीड़भाड़ वाली चुनावी रैली, झंडे लहरा रहे हैं, नारे गूंज रहे हैं। PM नरेंद्र मोदी मंच पर आते हैं और कहते हैं कि महागठबंधन (MGB) ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
यह बयान सिर्फ़ शब्द नहीं, बल्कि चुनावी रणभूमि में एक राजनीतिक “स्ट्राइक” है। बिहार की राजनीति में जहां हर बयान मायने रखता है, वहाँ मोदी का यह दावा विपक्ष की एकता पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।
बयान का पृष्ठभूमि और संदर्भ- PM
25 अक्टूबर 2024 को भागलपुर की रैली में मोदी ने यह दावा किया। यह ठीक उस समय हुआ जब बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग नज़दीक थी।
महीनों से विपक्षी दल यह स्पष्ट नहीं कर पा रहे थे कि उनका सीएम चेहरा कौन होगा। मोदी ने इसी अनिश्चितता को निशाना बनाया और भीड़ से कहा कि “महागठबंधन ने पहले ही तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री उम्मीदवार बना दिया है, बस वो इसे छुपा रहे हैं।”
राजनीतिक हलचल का केंद्र
यह बयान इतना अहम क्यों?
क्योंकि यह महागठबंधन की अंदरूनी कमजोरियों को उजागर करने की कोशिश है। अगर यह माना जाए कि तेजस्वी “एकमात्र चेहरा” हैं, तो कांग्रेस या छोटे दलों में असंतोष पैदा हो सकता है।
बिहार की राजनीति में जाति समीकरण और गठबंधन बहुत जटिल हैं। मोदी का बयान इस समीकरण में शंका के बीज बोता है — क्या विपक्ष सच में एकजुट है, या सत्ता की दौड़ में बिखरा हुआ?

बयान के स्रोत और सही उद्धरण
भागलपुर रैली के वीडियो क्लिप्स और समाचार रिपोर्ट्स के अनुसार, मोदी ने कहा:
“महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित कर दिया है। वे इसे छिपाते हैं, लेकिन सब जानते हैं।”
यह बयान मीडिया में तेजी से फैला। विपक्ष की ओर से तुरंत कोई औपचारिक खंडन नहीं आया, जिससे BJP को और बढ़त मिली।
महागठबंधन की आधिकारिक प्रतिक्रिया- PM
महागठबंधन के नेताओं ने कहा कि वे “साझा नेतृत्व” (collective leadership) में विश्वास रखते हैं।
नीतीश कुमार ने कहा, “सीएम का फैसला चुनाव बाद होगा।”
कांग्रेस ने भी एकता पर ज़ोर दिया, किसी नाम का उल्लेख नहीं किया।
लालू प्रसाद यादव ने तेजस्वी की तारीफ़ तो की, लेकिन औपचारिक घोषणा से बच गए।
यह रणनीति जानबूझकर अपनाई गई है ताकि भीतरू मतभेद सामने न आएँ।
इतिहास से तुलना
2015 के चुनाव में भी महागठबंधन ने बिना सीएम चेहरा तय किए जीत हासिल की थी।
2020 में गठबंधन टूटा, पर 2022 में फिर से साथ आया।
इतिहास यही बताता है कि “स्पष्ट चेहरा न होने” की नीति उनके लिए नुकसानदायक नहीं रही।

BJP की रणनीति- PM
BJP का लक्ष्य साफ़ है — विपक्ष की एकता को तोड़ना।
तेजस्वी का नाम लेकर मोदी ने कांग्रेस और JDU के नेताओं के बीच असंतोष बढ़ाने की कोशिश की।
राजनीतिक रूप से यह “divide and dominate” की चाल है।
कौन हुआ फ़ायदे में?
BJP: PM मोदी बनाम तेजस्वी की सीधी लड़ाई का नैरेटिव सेट करके चुनाव को सरल बना दिया।
तेजस्वी यादव: एक “मुख्यमंत्री उम्मीदवार” की तरह चर्चा में आ गए, पर इससे गठबंधन के भीतर दबाव भी बढ़ गया।
कुल मिलाकर BJP को तात्कालिक लाभ मिलता दिखा।
क्षेत्रवार असर
मगध, सीमांचल और उत्तर बिहार के कई सीटों पर इस बयान का असर देखा गया।
यादव मतदाता तेजस्वी के पक्ष में सशक्त हुए, लेकिन अन्य जातियों — खासकर कुर्मी, ईबीसी और अति पिछड़े — में हल्का झुकाव NDA की ओर देखा गया।
मीडिया और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया- PM
राष्ट्रीय चैनलों पर बहस छिड़ गई।
इंडिया टुडे ने इसे “रणनीतिक दावा” बताया।
प्रभात खबर ने लिखा — “यह एक चुनावी चाल है।”
प्रशांत किशोर ने कहा, “यह विपक्ष की देरी को उजागर करने का राजनीतिक हथियार है।”
योगेंद्र यादव के अनुसार, “यह बेरोज़गारी जैसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है।”
सोशल मीडिया पर रुझान
#TejashwiCM दो दिन तक ट्रेंड में रहा — 15 लाख से ज़्यादा पोस्ट हुए।
BJP समर्थक मीम्स और वीडियो फैला रहे थे, वहीं RJD कार्यकर्ताओं ने तेजस्वी के भाषणों को शेयर कर “युवा नेतृत्व” पर ज़ोर दिया।
Google Trends पर “Tejashwi Yadav CM candidate” की सर्च अचानक बढ़ गई।
आगे की दिशा
PM मोदी का दावा बिहार चुनावी माहौल को हिला गया।
यह दावा भले सिद्ध न हुआ हो, लेकिन उसने MGB को बचाव की मुद्रा में ला दिया।
तेजस्वी इस बयान से “अनौपचारिक उम्मीदवार” की तरह उभरे हैं।
BJP ने विपक्ष की एकता पर सवाल उठाकर रणनीतिक बढ़त बना ली है।
PM मोदी का दावा राजनीतिक हथियार है, प्रमाणित तथ्य नहीं।
महागठबंधन ने परंपरागत रणनीति के तहत अब तक कोई औपचारिक चेहरा नहीं चुना।
बयान से बीजेपी ने चुनावी विमर्श को अपने पक्ष में मोड़ लिया।
Bihar चुनाव प्रचार: राहुल गांधी ने ट्रंप को लेकर पीएम मोदी पर साधा निशाना, युवाओं पर केंद्रित विकास का वादा
Follow us on Facebook
India Savdhan News | Noida | Facebook

