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Delhi पुलिस ने कनाडा में कपिल शर्मा के कैफ़े पर हुई फायरिंग के ключ साज़िशकर्ता को किया गिरफ्तार

कनाडा के ब्रैम्पटन में एक व्यस्त कैफ़े के बाहर अचानक गोलियों की आवाज़ गूंजी। शीशे टूटकर बिखर गए, लोग घबराकर इधर-उधर भागे, और कुछ ही मिनटों में यह साफ हो गया कि यह कोई साधारण हिंसक घटना नहीं थी। यह हमला उस जगह पर हुआ जिसका संबंध भारत के मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा से जुड़ा है। अब दिल्ली पुलिस ने इस हमले के एक प्रमुख साज़िशकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है—एक ऐसी गिरफ्तारी जो सीमाओं के पार चल रहे आपराधिक नेटवर्क के धागों को जोड़ती है।

यह गिरफ्तारी एक अंतरराष्ट्रीय केस को सुलझाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। यह दिखाता है कि कैसे धमकियों की पहुंच भारतीय गलियों से लेकर कनाडा की सड़कों तक फैल सकती है—और कैसे सेलिब्रिटी से जुड़े कारोबार अपराधियों का निशाना बन सकते हैं।

घटना: कपिल शर्मा से जुड़े कैफ़े पर फायरिंग का पूरा विवरण

कैफ़े का बैकग्राउंड और कपिल शर्मा का संबंध

यह कैफ़े ब्रैम्पटन, ओंटारियो में स्थित है—जो भारतीय प्रवासियों का प्रमुख केंद्र है। इसका नाम है “हैशटैग कॉफ़ी हाउस”। कपिल शर्मा इसकी सीधी मालिकाना हक़दार नहीं हैं, लेकिन उनकी टीम इसे मैनेज करती है ताकि विदेशों में मौजूद भारतीय दर्शकों के बीच एक कनेक्शन बनाया जा सके।

क्यों बना यह कैफ़े निशाना? जानकारों का कहना है कि शर्मा के फैन यहाँ बड़ी संख्या में आते हैं। हमलावर शायद इसे संदेश देने की नीयत से चुन सकते हैं—चाहे वह वसूली हो, गैंग रंजिश हो या कोई पुराना हिसाब।

घटना के बाद कपिल शर्मा ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी और इसे अपने सर्कल के लिए “हैरान करने वाला” बताया।

कपिल शर्मा के कनाडा वाले कैफे पर फायरिंग का आरोपी गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस ने धर दबोचा | Kapil sharma canada cafe firing a man arrested by delhi police

कनाडा में शुरुआती जांच और फायरिंग के तुरंत बाद की स्थिति

अक्टूबर 2025 की ठंडी रात में जब गोलीबारी हुई, तो पील रीजनल पुलिस तेजी से मौके पर पहुँची। कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन दीवारों पर गोली के निशान और टूटे काँच बयान कर रहे थे कि मामला गंभीर है।

जांच में इसे ड्राइव-बाय शूटिंग माना गया। एक काला SUV मौके से तेज़ी से भागते देखा गया। हालांकि, कनाडाई पुलिस ने शुरू में किसी गैंग का नाम नहीं लिया, लेकिन संकेत दिए कि मामला संगठित अपराध से जुड़ा हो सकता है।

समाचार चैनलों पर इस घटना की चर्चा बढ़ी और प्रवासी समुदाय में चिंता फैल गई। जल्द ही जांच के धागे भारत की ओर मुड़ने लगे।

तोड़फोड़ दिल्ली से: मुख्य साज़िशकर्ता की गिरफ्तारी

गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान और भूमिका

दिल्ली पुलिस ने दक्षिणी दिल्ली में एक ठिकाने से 32 वर्षीय राजन “रॉकी” सिंह को पकड़ा। उस पर आरोप है कि वह इस पूरी साज़िश का मास्टरमाइंड है—जिसने फायरिंग की हरी झंडी भारत से ही दी।

रॉकी का आपराधिक इतिहास लंबा है—छोटी चोरी से लेकर उगाही और बड़े आपराधिक रैकेट तक। वह पंजाब के एक गैंग से जुड़ा बताया जाता है जो वसूली के लिए कुख्यात है। उसके घर से पुलिस को बर्नर फोन, फर्जी खातों की लिस्ट और पैसे के लेजर मिले, जो उसे ब्रैम्पटन फायरिंग से जोड़ते हैं।

एक अंडरकवर टिप के बाद पुलिस उसे पकड़ने में सफल हुई। पूछताछ में वह कई अहम जानकारियाँ दे रहा है।

Delhi पुलिस द्वारा उजागर किया गया अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क

पुलिस ने फोन रिकॉर्डिंग, बैंक ट्रांजैक्शन्स और गोपनीय चैट्स से यह लिंक जोड़ा कि आदेश भारत से दिए गए।
कनाडा पुलिस के साथ साझा इंटेलिजेंस ने पूरा पज़ल साफ कर दिया।

रॉकी ऐप्स और फर्जी अकाउंट्स के माध्यम से कनाडा में मौजूद आरोपियों से बात करता था। हथियारों की खरीद और पैसों के ट्रांसफर की योजना भारत में ही बनी। यही कारण है कि भारत में साज़िश रचने के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया।

कपिल शर्मा ने कनाडा वाले अपने कैफे में फायरिंग की घटना के बाद की पहली पोस्ट, फैन्स बोले- गुड लक | Kapil sharma first reaction after Canada kaps cafe firing incident

षड्यंत्र का पर्दाफाश: मंशा और गैंग कनेक्शन

फायरिंग के पीछे संदिग्ध मकसद

सबसे बड़ा शक वसूली पर है—कपिल शर्मा से जुड़े कारोबार से सुरक्षा शुल्क की मांग की जा रही थी।
जब रकम नहीं मिली, तो धमकी के रूप में गोलीबारी की गई, ऐसा पुलिस का दावा है।

साथ ही पंजाब के गैंगों की आपसी दुश्मनी और पुराने बदले की कहानियाँ भी सामने आ रही हैं।
शर्मा की लोकप्रियता और उनके कैफ़े की सफलता को लेकर कुछ गैंगों में जलन की बात भी सामने आई है।

हालाँकि पुलिस अभी जाँच कर रही है, शुरुआती पैटर्न कई पुराने मामलों से मेल खाते हैं।

सिंडिकेट की पकड़: संगठित अपराध से जुड़े गहरे तार

रॉकी का गैंग कथित तौर पर BKI नामक समूह से जुड़ा है, जिसकी गतिविधियाँ भारत, कनाडा और कई देशों में फैली मानी जाती हैं।
पुलिस ने छापेमारी के दौरान ऐसे दस्तावेज़ बरामद किए जिनमें कई सेलिब्रिटीज़ और कारोबारी लोगों की “देय रक़म” की सूची थी।

गैंग की विशेषताएँ:

  • 5 देशों में सक्रिय नेटवर्क

  • एन्क्रिप्टेड कॉल्स और फर्जी खातों का उपयोग

  • भारतीय मूल के व्यवसायों को निशाना बनाना

कानूनी पहलू और प्रत्यर्पण प्रक्रिया

भारत में चल रही कानूनी कार्यवाही

Delhi की अदालत ने रॉकी पर UAPA और अंतरराष्ट्रीय अपराधों की साज़िश रचने के तहत मुकदमे दर्ज किए हैं।
उसके खिलाफ ज़मानत की संभावना बेहद कम है। डिजिटल सबूत—वॉइस नोट्स, चैट्स, बैंक ट्रेल—मामला मजबूत कर रहे हैं।

उसके साथियों के बयान भी जल्द सामने आ सकते हैं।

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कनाडाई अधिकारियों के साथ सहयोग और प्रत्यर्पण की दिशा

भारत और कनाडा के बीच MLAT (Mutual Legal Assistance Treaty) मौजूद है, जिसके तहत दोनों देशों की एजेंसियाँ जानकारी साझा कर रही हैं।

यदि कनाडा ट्रायल के लिए उसे अपने देश लाना चाहे, तो प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू होगी—जिसमें औपचारिक अनुरोध और अदालतों की मंजूरी शामिल है।

यह प्रक्रिया लंबी हो सकती है, लेकिन गंभीर मामलों में दोनों देशों का सहयोग तेज़ रहता है।

सीमा-पार अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता

रॉकी सिंह की गिरफ्तारी यह दिखाती है कि अपराध की पहुँच कितनी दूर तक हो सकती है—भारत में रची साज़िश, और हमला कनाडा में।
यह केस बताता है कि अंतरराष्ट्रीय गैंगों से निपटने के लिए कितना मजबूत खुफिया आदान-प्रदान जरूरी है।

मुख्य निष्कर्ष:

  • संगठित अपराध अब वैश्विक रूप ले चुका है।

  • भारत-कनाडा एजेंसियों का सहयोग सराहनीय रहा।

  • यह गिरफ्तारी बड़े नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में अहम कदम है।

आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं। विशेषज्ञों की सलाह है—यदि आप प्रवासी समुदाय में रहते हैं और किसी भी तरह की धमकी/उगाही का सामना करते हैं, तो तुरंत स्थानीय अथॉरिटीज़ को सूचित करें।

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