UP

योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में चल रही विकास परियोजनाओं का निरीक्षण किया: प्रमुख अपडेट और असर-UP 

इन दिनों गोरखपुर विकास की रफ्तार से गूंज रहा है। सड़कें ऊंची और चौड़ी हो रही हैं, अस्पताल मजबूत बन रहे हैं और ज्यादा घरों तक साफ पानी पहुंच रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अपने गृह जनपद गोरखपुर में चल रही इन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। यह दौरा इस बात का संकेत है कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर काम को लेकर गंभीर है।
यह लेख बताता है कि मुख्यमंत्री ने किन परियोजनाओं की समीक्षा की, उनका महत्व क्या है और इससे गोरखपुर के भविष्य पर क्या असर पड़ेगा।

गोरखपुर विकास का रणनीतिक महत्व

UP के लिए गोरखपुर क्यों है प्राथमिकता

गोरखपुर पूर्वी UP के केंद्र में स्थित है और कृषि व व्यापार के लिहाज से अहम क्षेत्र माना जाता है। लंबे समय तक यह इलाका बुनियादी ढांचे की कमी से जूझता रहा, लेकिन अब यहां सरकारी निवेश तेजी से बढ़ रहा है
यह “पूर्वांचल विकास मॉडल” का अहम हिस्सा है, जिसका मकसद ग्रामीण इलाकों को बड़े शहरों से जोड़ना है। बेहतर सड़कें, बिजली और लॉजिस्टिक्स पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति देते हैं।

करीब 50 लाख से ज्यादा आबादी वाले इस क्षेत्र में विकास परियोजनाएं रोजगार और उत्पादन दोनों बढ़ा सकती हैं। सरकारी रिपोर्टों के अनुसार 2027 तक यहां हजारों नई नौकरियों की संभावना है।

मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी: काम की रफ्तार और गुणवत्ता पर फोकस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद परियोजना स्थलों का दौरा किया। उन्होंने समय-सीमा, खर्च और काम की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों से सवाल किए।
उनका साफ संदेश था—
“तेजी जरूरी है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं।”

उन्होंने कुछ परियोजनाओं की सराहना की तो कुछ में देरी पर नाराजगी भी जताई और 2026 के मध्य तक काम पूरा करने के निर्देश दिए।

CM Yogi Adityanath | गोरखपुर के लिए सीएम योगी ने की करोड़ों रुपये की सौगात, गरीब परिवारों को मिलेगा बहुत फायदा

प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं

एलिवेटेड सड़कें और कनेक्टिविटी

गोरखपुर शहर में बन रही 12 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड मुख्यमंत्री के निरीक्षण का अहम हिस्सा रही। इसके पूरा होने से:

  • रेलवे स्टेशन से बाहरी इलाकों तक सफर 45 मिनट से घटकर 15 मिनट होगा

  • ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में कमी आएगी

मुख्य बातें:

  • बजट: लगभग ₹500 करोड़

  • सोलर लाइट्स और चौड़ी लेन

  • संभावित उद्घाटन: 2027 की शुरुआत

स्वास्थ्य और शिक्षा ढांचे का विस्तार

एम्स गोरखपुर में 200 नए बेड जोड़े जा रहे हैं। नई जांच और सर्जरी यूनिट्स से आसपास के जिलों के मरीजों को फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने स्टाफ की भर्ती और मरीजों की सुविधा पर खास जोर दिया।

शिक्षा क्षेत्र में महाराणा योगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के विस्तार से करीब 5,000 नए छात्रों को दाखिले का मौका मिलेगा। आधुनिक लैब और बड़ी कक्षाएं तैयार हो रही हैं।

CM Yogi Adityanath | गोरखपुर के लिए सीएम योगी ने की करोड़ों रुपये की सौगात, गरीब परिवारों को मिलेगा बहुत फायदा

पेयजल और सीवरेज व्यवस्था में सुधार

AMRUT योजना के तहत:

  • 80% घरों तक नई पाइपलाइन पहुंच चुकी है (पहले 50%)

  • आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बन रहे हैं

इससे जलजनित बीमारियों में कमी और बारिश में जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी।

लाभ:

  • 24 घंटे पानी की आपूर्ति

  • 2 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा

  • अब तक निवेश: ₹300 करोड़

औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स विकास से आर्थिक बढ़त

नए ITI और स्किल सेंटर

मुख्यमंत्री ने नए आईटीआई और स्किल डेवलपमेंट सेंटर का निरीक्षण किया। यहां हर साल करीब 1,000 युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा।

नई ट्रेनिंग:

  • सोलर टेक्नोलॉजी

  • इलेक्ट्रिकल और मशीन रिपेयर

  • गारमेंट और टेक्सटाइल स्किल्स

इससे आने वाले दो वर्षों में 10,000 तक रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।

CM Yogi Adityanath | गोरखपुर के लिए सीएम योगी ने की करोड़ों रुपये की सौगात, गरीब परिवारों को मिलेगा बहुत फायदा

लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सुधार

  • नेपाल सीमा तक रेल कनेक्टिविटी में सुधार

  • डिजिटल टिकटिंग और स्टेशन आधुनिकीकरण

  • 100 एकड़ में लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित

इससे व्यापार और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, खासकर चावल और कपड़ा उद्योग को।

निरीक्षण के बाद जवाबदेही और पारदर्शिता

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि:

  • हर परियोजना की साप्ताहिक रिपोर्ट दी जाए

  • प्रगति को सरकार के मोबाइल ऐप पर सार्वजनिक किया जाए

  • देरी पर सख्त कार्रवाई हो

नागरिक भी पोर्टल और हेल्पलाइन के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

गोरखपुर का भविष्य

योगी आदित्यनाथ का यह निरीक्षण गोरखपुर को 2030 तक एक आधुनिक, रोजगारयुक्त और सुव्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
बेहतर सड़कें, मजबूत स्वास्थ्य सेवाएं और कौशल विकास केंद्र न सिर्फ जीवन आसान बनाएंगे, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश को नई पहचान भी देंगे।

आपको कौन-सी परियोजना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण लगती है? अपनी राय जरूर साझा करें।

Ashwini वैष्णव ने भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का अंतिम निरीक्षण किया।

Follow us on Facebook

India Savdhan News | Noida | Facebook

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.