Nitish कुमार ने बिहार में ‘समृद्धि यात्रा’ की शुरुआत की, आर्थिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार
बिहार के मुख्यमंत्री Nitish कुमार ने राज्य में आर्थिक विकास को तेज करने के उद्देश्य से ‘समृद्धि यात्रा’ की शुरुआत की है। यह यात्रा सिर्फ एक राजनीतिक दौरा नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर रोज़गार, सड़क, बिजली और खेती से जुड़ी समस्याओं को समझकर उनके समाधान की दिशा में एक ठोस पहल है। चुनाव में मजबूत जनादेश के बाद मुख्यमंत्री ने इसे सही समय पर उठाया गया कदम बताया है।
बिहार लंबे समय से बाढ़, कम आय, और बाज़ारों से कमजोर जुड़ाव जैसी चुनौतियों से जूझता रहा है। ‘समृद्धि यात्रा’ का मकसद इन्हीं समस्याओं पर सीधे काम कर राज्य को विकास के नए रास्ते पर ले जाना है।
समृद्धि का संकल्प
Nitish कुमार ने पिछले सप्ताह पटना से ‘समृद्धि यात्रा’ की शुरुआत की, जहां बड़ी संख्या में लोग बदलाव की उम्मीद लेकर पहुंचे। यह यात्रा पूरे बिहार में घूमकर आर्थिक बाधाओं को दूर करने का प्रयास करेगी। हाल के चुनावों में जनता ने रोज़गार और बेहतर जीवन की मांग को प्राथमिकता दी थी, और यह यात्रा उसी जनादेश का परिणाम मानी जा रही है।
मुख्य लक्ष्य है— 2030 तक बिहार को तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनाना। मुख्यमंत्री गांव-गांव और शहर-शहर जाकर लोगों से सीधे संवाद करेंगे और विकास योजनाओं की जानकारी देंगे। इसे सपनों से अमल तक का पुल कहा जा सकता है।
सेक्शन 1: समृद्धि यात्रा का ढांचा
मुख्य उद्देश्य और विज़न
‘समृद्धि यात्रा’ का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में बिहार की GDP में 10% की वृद्धि करना और 2028 तक 5 बिलियन डॉलर का निवेश आकर्षित करना है। यह पहल केंद्र सरकार की योजनाओं जैसे मेक इन इंडिया से भी जुड़ी है।
इसमें कृषि, उद्योग और शिक्षा—तीनों पर समान जोर है। मकसद सिर्फ विकास नहीं, बल्कि उसका लाभ हर जिले तक पहुंचाना है।

यात्रा मार्ग और प्राथमिक क्षेत्र
यात्रा की शुरुआत पटना से हुई है और अगले महीने यह मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर सहित 20 जिलों में पहुंचेगी। ये वे क्षेत्र हैं जहां खेती, सड़क या उद्योग से जुड़ी समस्याएं ज्यादा हैं।
पूरा दौरा करीब छह महीने चलेगा। गंगा के किनारे बसे इलाकों को प्राथमिकता दी गई है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाई जा सके।
हितधारकों की भागीदारी
इस यात्रा में किसान, व्यापारी, युवा, महिला उद्यमी और पंचायत प्रतिनिधि शामिल होंगे। टाउन हॉल बैठकों और मोबाइल ऐप के जरिए सुझाव लिए जाएंगे। अनुमान है कि 10,000 से अधिक लोग सीधे संवाद में भाग लेंगे।
सेक्शन 2: आर्थिक बदलाव के मुख्य स्तंभ
बुनियादी ढांचे पर जोर
रोहतास जिले में नई सड़कों की घोषणा होगी, जिससे किसानों को शहरों तक पहुंच आसान होगी। इस साल 500 गांवों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य है।
2027 तक 1,000 किलोमीटर नई सड़कें और 24 घंटे बिजली आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया है। दरभंगा से नेपाल सीमा तक रेल लाइन भी प्रस्तावित है, जिससे व्यापार और रोज़गार बढ़ेगा।
उद्योग और निवेश को बढ़ावा
खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों को टैक्स में छूट और सस्ती ज़मीन दी जाएगी। इस दौरान 50 से अधिक निवेश समझौते (MoU) होने की उम्मीद है।
लक्ष्य है अगले दो साल में औद्योगिक रोज़गार को दोगुना करना।
कृषि और सहायक उद्योग
200,000 हेक्टेयर भूमि के लिए सिंचाई परियोजनाएं, 15 जिलों में कोल्ड स्टोरेज और किसानों को सीधे बाज़ार से जोड़ने की योजना है। मक्का, दूध, मछली पालन जैसे क्षेत्रों में मूल्यवर्धन पर जोर रहेगा।
सेक्शन 3: मानव संसाधन और रोज़गार
कौशल विकास
50 नए प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे, जहां वेल्डिंग, आईटी और तकनीकी कोर्स होंगे। हर साल 1 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है।
उद्यमिता और MSME
छोटे कारोबार और स्टार्टअप्स के लिए 10,000 डॉलर तक के सस्ते ऋण दिए जाएंगे। बिहार में 20% MSME उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य है।
स्वास्थ्य और शिक्षा
दूरदराज़ इलाकों में नए स्वास्थ्य केंद्र, 1,000 नए बेड और 100 गांवों में स्कूलों में लैब की सुविधा दी जाएगी।
सेक्शन 4: विश्लेषण और प्रभाव
पिछली योजनाओं से तुलना
2015 की विकास यात्राओं की तुलना में यह पहल ज्यादा लक्ष्य-आधारित और डेटा-ड्रिवन है। इसमें निवेशकों की सीधी भागीदारी और रियल-टाइम फीडबैक शामिल है।
चुनौतियां
भूमि विवाद, बाढ़ और नौकरशाही देरी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। असली परीक्षा यात्रा के बाद योजनाओं के अमल की होगी।
सफलता के पैमाने
प्रति व्यक्ति आय: 2030 तक $1,200
निवेश: $1 बिलियन FDI
रोज़गार: 5 लाख नए अवसर
सड़क और बिजली कवरेज में 20% वृद्धि
यात्रा के बाद की राह
‘समृद्धि यात्रा’ बिहार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की नीतीश कुमार की बड़ी पहल है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर, रोज़गार, कृषि और मानव विकास को एक साथ आगे बढ़ाने का रोडमैप पेश करती है।
अब ज़रूरत है कि जनता और निवेशक मिलकर सरकार से जवाबदेही मांगें। बिहार की तरक्की इस सामूहिक प्रयास पर निर्भर करेगी। अपनी भागीदारी निभाइए, सुझाव दीजिए और एक समृद्ध बिहार के निर्माण में साथ दीजिए।
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