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मकर संक्रांति पर नितिन के घर जुटे CMऔर एनडीए नेता, सियासी संकेतों से भरा रहा उत्सव

जनवरी 2026 की ठंडी सुबह, आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगें और तिल–गुड़ की मिठास के बीच मकर संक्रांति का एक खास भोज राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। CM[CMका नाम] और एनडीए के कई बड़े नेता नितिन के आवास पर एक साथ नजर आए। यह सिर्फ त्योहार का जश्न नहीं था, बल्कि मुस्कुराहटों के पीछे संभावित सियासी समीकरणों की झलक भी दिखी।

इस आयोजन को खास बनाता है मेहमानों की सूची। एनडीए के ऐसे नेता, जो आमतौर पर औपचारिक बैठकों में ही साथ दिखते हैं, यहां एक अनौपचारिक माहौल में मिले। सवाल उठना स्वाभाविक है—क्या यह विधानसभा सत्रों की तनातनी से राहत का पल था या आने वाले चुनावों से पहले समर्थन मजबूत करने की रणनीति?

राजनीतिक कैलेंडर में मकर संक्रांति का महत्व

सांस्कृतिक जुड़ाव और जनसंपर्क

मकर संक्रांति भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो फसल और सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक है। तिल–गुड़ की मिठाइयों, पतंगबाजी और सामूहिक भोज के जरिए यह पर्व लोगों को जोड़ता है। राजनीति में भी इसका खास महत्व है।

नेता इस मौके पर आम लोगों से जुड़ाव दिखाते हैं। महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में एनडीए नेता वर्षों से मकर संक्रांति को जनसंपर्क के अवसर के रूप में इस्तेमाल करते रहे हैं। तिलगुल बांटना और “गोड गोड बोला” का संदेश देना भरोसे और अपनापन दिखाने का तरीका बन गया है।

पिछले अनुभव बताते हैं कि ऐसे आयोजनों में शामिल नेताओं के प्रति मतदाताओं की सकारात्मक भावना 15–20% तक बढ़ती है। नितिन के यहां हुआ यह आयोजन भी उसी परंपरा का हिस्सा दिखा।

रणनीतिक समय का चुनाव

2026 की शुरुआत में यह आयोजन ऐसे समय हुआ है, जब कुछ ही महीनों में राज्य चुनाव होने हैं। कृषि सब्सिडी और सड़क परियोजनाओं को लेकर हालिया चर्चाओं के बीच यह मुलाकात अहम मानी जा रही है।

विधानसभा की औपचारिकता से दूर, पुरणपोली की थाली के साथ नेता खुलकर बात कर सके। सूत्रों के मुताबिक, सीट बंटवारे और गठबंधन की रणनीति पर भी अनौपचारिक चर्चा हुई। 2024 में एनडीए की मजबूत जीत के बाद, एकजुटता का संदेश देना भी इसका बड़ा मकसद माना जा रहा है।

मकर संक्रांति भोज में एनडीए की दिखी एकजुटता, भाजपा के नितिन के साथ मंच पर नजर आए सीएम नीतीश सहित कई नेता - nda unity shines at nitin nabin makar sankranti bhoj

प्रमुख मेहमान और उनके राजनीतिक संदेश

CM की मौजूदगी और संकेत

CM ने कार्यक्रम में पहुंचकर नितिन की मेजबानी की तारीफ की और एकता पर जोर दिया। हाल की बाढ़ राहत और विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने सामूहिक प्रयास की बात कही। पतंग उड़ाते हुए उनकी तस्वीरों ने उन्हें एक सहज और जनता से जुड़े नेता के रूप में पेश किया।

CMका नितिन के घर आना नितिन की राजनीतिक हैसियत को भी मजबूत करता है और गठबंधन की मजबूती का संकेत देता है।

प्रमुख एनडीए नेता और गठबंधन की तस्वीर

कार्यक्रम में [नेता 1], जो शहरी इलाकों में मजबूत पकड़ रखते हैं, और [नेता 2], जो ग्रामीण राजनीति के माहिर माने जाते हैं, की मौजूदगी खास रही। दोनों की साथ मौजूदगी ने एकजुटता का संदेश दिया, हालांकि कुछ हल्की-फुल्की फुसफुसाहटें सियासी समीकरणों की ओर इशारा करती दिखीं।

मुख्य संकेत:

  • सोशल मीडिया पर साझा तस्वीरें वायरल, हजारों लाइक्स

  • किसी खुली खींचतान का अभाव

  • क्षेत्रीय मुद्दों पर तालमेल की झलक

मकर संक्रांति भोज में एनडीए की दिखी एकजुटता, भाजपा के नितिन के साथ मंच पर नजर आए सीएम नीतीश सहित कई नेता - nda unity shines at nitin nabin makar sankranti bhoj

पर्दे के पीछे: रणनीति और अनौपचारिक बातचीत

अनौपचारिक बैठकों का दौर

सूत्रों के अनुसार, CMऔर नितिन के बीच अलग से बातचीत हुई, जिसमें आगामी चुनाव और विकास परियोजनाओं पर चर्चा हुई। छोटे समूहों में हुई चर्चाओं से संकेत मिला कि योजनाएं सिर्फ जश्न तक सीमित नहीं रहीं।

ऐसे माहौल में भरोसा बनता है और फैसले तेजी से आगे बढ़ते हैं—यही इस तरह के आयोजनों की असली ताकत है।

एकता का सार्वजनिक प्रदर्शन

कार्यक्रम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छा गईं। कुर्ते-पायजामे में नेता, हाथ में पतंग—इन तस्वीरों ने स्थिरता और एकजुटता का संदेश दिया।
#NDAMakarSankranti जैसे हैशटैग स्थानीय स्तर पर ट्रेंड करने लगे।

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नितिन की भूमिका और स्थानीय असर

मेजबान के रूप में नितिन की बढ़ती साख

नितिन को एनडीए में एक सेतु-निर्माता माना जाता है, जिनके संबंध राज्य और केंद्र—दोनों स्तरों पर मजबूत हैं। उनके घर इस आयोजन का होना उनके बढ़ते राजनीतिक कद को दर्शाता है।

पार्टी के अंदर इसे उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे उनके विकास परियोजनाओं को गति मिल सकती है।

जमीनी स्तर पर संदेश

स्थानीय कार्यकर्ताओं और मतदाताओं में उत्साह दिखा। लोगों को लगा कि जब बड़े नेता यहां आते हैं, तो विकास की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल और मतदाताओं का भरोसा मजबूत होता है।

दावत से आगे की राजनीति

नितिन के घर हुई यह मकर संक्रांति दावत सिर्फ एक उत्सव नहीं थी, बल्कि रणनीति, एकता और भविष्य के संकेतों से भरी हुई थी। मुख्यमंत्री और एनडीए नेताओं की मौजूदगी ने साफ कर दिया कि गठबंधन आने वाले चुनावों के लिए तैयार है।

आने वाले हफ्तों में इसके असर दिख सकते हैं—चाहे वह सीट बंटवारे की घोषणा हो या नई परियोजनाओं की सौगात।
आपको क्या लगता है, क्या यह आयोजन आने वाली राजनीति की दिशा तय करेगा? अपनी राय जरूर साझा करें।

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