PM मोदी ने की अहम एनडीए संसदीय दल की बैठक: एजेंडा, रणनीति और आगे की राह
नई दिल्ली के केंद्र में इस सप्ताह PM नरेंद्र मोदी ने एनडीए संसदीय दल की एक बेहद अहम बैठक की अध्यक्षता की। संसद का अगला बड़ा सत्र 2026 की शुरुआत में होने वाला है, ऐसे में यह बैठक किसी वार रूम से कम नहीं मानी जा रही। हालिया राज्य चुनावों के बाद और देश की निगाहें सरकार पर टिकी होने के कारण इस बैठक का महत्व और भी बढ़ गया है।
यह सिर्फ सहयोगी दलों की सामान्य बैठक नहीं थी। PM मोदी का उद्देश्य था—स्पष्ट रणनीति तय करना, नीतिगत प्राथमिकताओं को अंतिम रूप देना, विपक्ष के हमलों का जवाब तैयार करना और देश के लिए आगे का रोडमैप साफ करना। इसे आप एक लंबी यात्रा से पहले इंजन की फाइन-ट्यूनिंग कह सकते हैं। इस बैठक में आर्थिक विधेयकों से लेकर सामाजिक योजनाओं तक हर मुद्दे पर चर्चा हुई और यह तय किया गया कि एनडीए किस तरह बढ़त बनाए रखेगा।
एनडीए गठबंधन बैठक का रणनीतिक महत्व
यह बैठक बिल्कुल सही समय पर हुई। बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में हुए हालिया चुनावों ने गठबंधन की ताकत दिखाई, लेकिन कुछ अंदरूनी खामियों को भी उजागर किया। पीएम मोदी ने इस मंच का इस्तेमाल टीम को एकजुट करने और पिछले एक साल की उपलब्धियों पर आगे बढ़ने के लिए किया।
बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि कैसे बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) पर ज़ोर देने से एनडीए को चुनावी फायदा मिला। अब लक्ष्य है—इसी रफ्तार को राष्ट्रीय स्तर की बहसों तक बनाए रखना।
चुनावों के बाद एनडीए की एकता का विश्लेषण
पिछले साल के करीबी मुकाबलों के बाद एकता सबसे बड़ा मुद्दा रहा। जेडीयू और शिवसेना जैसे सहयोगी दलों ने साझा लक्ष्यों पर काम करने की जरूरत बताई। पीएम मोदी ने साफ संदेश दिया—कोई भी दल अकेले नहीं चलेगा, सबको एक ही स्क्रिप्ट पर रहना होगा।
एक अहम सफलता रही सीट शेयरिंग पर नई सहमति, जिससे पुराने विवादों से बचा जा सके। ग्रामीण इलाकों से आए फीडबैक में लोगों ने सड़कों और बिजली जैसी योजनाओं पर संयुक्त प्रयासों की तारीफ की। बैठक का समापन इसी संकल्प के साथ हुआ कि यह टीमवर्क आगे भी कायम रहेगा।

आगामी संसदीय सत्र के लिए माहौल तय करना
PM मोदी ने अगले महीने शुरू होने वाले सत्र के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। सांसदों को पूरी तैयारी के साथ संसद में आने को कहा गया—तथ्यों के साथ, आंकड़ों के साथ।
उन्होंने जोर दिया कि बहसें चाहे कितनी भी तीखी हों, सरकार को संयम और स्थिर नेतृत्व का संदेश देना है। 2025 के रोजगार और विकास के आंकड़ों को सामने रखकर सरकार अपनी उपलब्धियां गिनाएगी।
सांसदों के लिए निर्देश (Mandates for MPs)
सोशल मीडिया और भाषणों में सिर्फ तयशुदा लाइन ही अपनाई जाएगी
कोई भी बयान जो विवाद पैदा करे, बर्दाश्त नहीं होगा
महिला सुरक्षा कानूनों को प्रमुखता से उठाया जाएगा
हर सांसद को हफ्ते में कम से कम एक बार अपने क्षेत्र में जाकर जनता से मिलना होगा
मुख्य एजेंडा: नीति प्राथमिकताएं और विधायी फोकस
बैठक का केंद्र बिंदु रहा—कौन से विधेयक सबसे अहम हैं और किन्हें तेजी से पारित करना है। छोटे सत्र को देखते हुए सरकार ने चुनिंदा लेकिन असरदार कानूनों पर ध्यान केंद्रित किया।
सरकार का विधायी एजेंडा
श्रम संहिता में संशोधन: भर्ती को आसान बनाना, 2027 तक 1 करोड़ नई नौकरियों का लक्ष्य
कृषि कानूनों में सुधार: किसानों के सुझावों के आधार पर, बेहतर फसल बीमा
डिजिटल इकोनॉमी बिल: ऑनलाइन व्यापार और ई-पेमेंट को बढ़ावा
ग्रीन एनर्जी कानून: हर राज्य के लिए सौर ऊर्जा लक्ष्य
आर्थिक सुधार और सुशासन
50,000 किमी नई सड़कों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बिल
मध्यम वर्ग के लिए टैक्स में राहत
भ्रष्टाचार रोकने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था
PM मोदी ने बताया कि पिछले साल जीडीपी 7% बढ़ी और अब इससे भी आगे जाना लक्ष्य है।

सामाजिक कल्याण योजनाएं: संदेश और क्रियान्वयन
PM आवास योजना के तहत 2014 से अब तक 4 करोड़ से ज्यादा घर बने—इस उपलब्धि को और मजबूती से जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से लीकेज में भारी कमी
पूर्वोत्तर राज्यों में योजनाओं का विस्तार
संसद में लाभार्थियों की कहानियों को प्रमुखता
जमीनी स्तर पर अमल
हर महीने फीडबैक रिपोर्ट
रियल-टाइम ट्रैकिंग के लिए मोबाइल ऐप
ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का विस्तार (2 करोड़ मुफ्त जांच का लक्ष्य बढ़ेगा)
विपक्षी रणनीति और संसदीय प्रबंधन
PM मोदी ने साफ कहा—भावनाओं से नहीं, तथ्यों से लड़ना है।
महंगाई और रोजगार पर हमलों के जवाब में आंकड़े तैयार
25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने के आंकड़े
अमेरिका समेत प्रमुख देशों से मजबूत विदेशी संबंधों को उजागर करना
विवादित मुद्दों पर पहले से तैयारी
CAA: अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के तथ्य
सीमा सुरक्षा: रक्षा बजट में 20% बढ़ोतरी
महंगाई: ताजा आंकड़ों के मुताबिक 4.5%

पूर्ण उपस्थिति और व्हिप प्रबंधन
किसी भी अहम वोटिंग में गैरहाजिरी नहीं
व्हिप्स हर सांसद के वोट पर नजर रखेंगे
बहस में कौन बोलेगा, कब बोलेगा—सब तय
आंतरिक समीकरण और नेतृत्व की सोच
PM मोदी ने सांसदों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत तालमेल पर जोर दिया। बीजेपी अध्यक्ष और महासचिवों को राज्यों से सीधा फीडबैक लाने की जिम्मेदारी दी गई।
PM मोदी का विज़न: अगला चरण
PM मोदी ने 2047 तक विकसित भारत (Viksit Bharat) के लक्ष्य को केंद्र में रखा।
“हर कानून उस सपने की एक ईंट है।”
युवाओं, टेक्नोलॉजी और स्किल डेवलपमेंट पर खास फोकस रहेगा।
मुख्य बातें और आगे की राह
इस अहम बैठक के बाद एनडीए एकजुट और स्पष्ट रणनीति के साथ आगे बढ़ता दिख रहा है।
मुख्य निष्कर्ष:
एकजुट विधायी एजेंडा – आर्थिक सुधारों पर तेज़ी
समन्वित संवाद रणनीति – एक स्वर, एक संदेश
डिलीवरी पर फोकस – योजनाओं का ज़मीनी असर ही असली ताकत
2026 की ओर बढ़ते भारत में यह रणनीति राजनीति की दिशा तय कर सकती है।
अब आपकी राय क्या है—एनडीए की सबसे बड़ी जीत क्या होगी? अपनी सोच साझा करें और ऐसे ही अपडेट्स के लिए जुड़े रहें।
‘अगर इस देश में कोई नहीं लड़ेगा, तो मैं लड़ूंगी’: Delhi में एसआईआर मुद्दे पर ममता बनर्जी का तीखा प्रदर्शन
Follow us on Facebook
India Savdhan News | Noida | Facebook

