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CM रेखा गुप्ता ने 6 नए निरंतर परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों का उद्घाटन किया: शहरी पर्यावरणीय स्वास्थ्य की दिशा में बड़ा कदम

स्वच्छ और स्वस्थ शहरों की दिशा में एक अहम पहल करते हुए CM रेखा गुप्ता ने पिछले सप्ताह छह नए निरंतर परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन (CAAQMS) का उद्घाटन किया। ऐसे समय में जब बढ़ते शहरों में स्मॉग, वाहनों का धुआं और औद्योगिक प्रदूषण आम जनजीवन को प्रभावित कर रहे हैं, यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अब तक वायु गुणवत्ता की जांच पारंपरिक तरीकों से होती थी, जिसमें अचानक बढ़ने वाले प्रदूषण—जैसे फैक्ट्री के धुएं या ट्रैफिक जाम—अक्सर दर्ज नहीं हो पाते थे। नए स्टेशन इस कमी को दूर करते हैं और 24×7 रियल-टाइम डेटा उपलब्ध कराते हैं, जिससे नीतियां अधिक प्रभावी और समय पर बनाई जा सकेंगी।

इस पहल से आम नागरिकों को भी सीधा फायदा होगा। मोबाइल ऐप और वेबसाइट के जरिए लोग अपने इलाके की हवा की स्थिति तुरंत जान सकेंगे और उसी अनुसार अपने दिन की योजना बना सकेंगे।

नए CAAQMS स्टेशनों का विवरण

तकनीकी विशेषताएँ और रणनीतिक स्थान

इन छह स्टेशनों में अत्याधुनिक सेंसर लगाए गए हैं, जो लगातार हवा में मौजूद हानिकारक तत्वों को मापते हैं। हर स्टेशन लगभग 50,000 डॉलर की लागत से स्थापित किया गया है और सभी एक केंद्रीय सिस्टम से जुड़े हुए हैं।

ये स्टेशन हर कुछ मिनटों में डेटा रिकॉर्ड करते हैं, जो पुराने साप्ताहिक मैनुअल टेस्टिंग सिस्टम की तुलना में कहीं ज्यादा सटीक और उपयोगी है।

स्थान चयन बेहद सोच-समझकर किया गया है:

  • दो स्टेशन व्यस्त हाईवे के पास

  • दो औद्योगिक क्षेत्रों में

  • दो घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों और स्कूलों के आसपास

इससे ट्रैफिक, उद्योग और आम जीवन से जुड़े प्रदूषण स्रोतों पर बराबर नजर रखी जा सकेगी।

Foul air persistent issue': CM unveils 6 monitoring stations - The Hindu

भौगोलिक वितरण और महत्व

इन स्टेशनों को प्रदूषण के “हॉटस्पॉट्स” पर लगाया गया है:

  • पूर्वी औद्योगिक क्षेत्र: फैक्ट्रियों और गोदामों से निकलने वाले प्रदूषण की निगरानी

  • पश्चिमी एक्सप्रेसवे: भारी ट्रक और मालवाहक वाहनों के धुएं पर नजर

  • केंद्रीय पार्क और बाजार क्षेत्र: जहां सबसे ज्यादा लोग एकत्र होते हैं

पिछले वर्षों के आंकड़ों के आधार पर इन इलाकों में सर्दियों के दौरान PM स्तर सबसे अधिक पाया गया था। अब यहां से मिलने वाला डेटा सफाई अभियानों को दिशा देगा।

मापे जाने वाले प्रमुख प्रदूषक

ये स्टेशन छह प्रमुख प्रदूषकों की निगरानी करेंगे:

  • PM2.5

  • PM10

  • ओजोन (O₃)

  • सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂)

  • नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂)

  • कार्बन मोनोऑक्साइड (CO)

डेटा हर घंटे अपडेट होगा, जिससे दिनभर के पैटर्न और अचानक होने वाले प्रदूषण स्पाइक्स को आसानी से पहचाना जा सकेगा।

Delhi Government to fight pollution throughout the year, says CM Rekha Gupta  | India News - News9live

राज्य और राष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ाव

ये छह नए स्टेशन राज्य के मौजूदा 20 निगरानी स्टेशनों से जुड़ेंगे और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के राष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा बनेंगे।

इससे:

  • AQI मैप और अधिक सटीक होंगे

  • राज्यों के बीच प्रदूषण तुलना आसान होगी

  • नीतिगत फैसले बेहतर डेटा पर आधारित होंगे

CM रेखा गुप्ता का पर्यावरणीय दृष्टिकोण

उद्घाटन भाषण की मुख्य बातें

उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ये स्टेशन
“हमारे बच्चों के फेफड़ों के लिए एक सुरक्षा कवच हैं।”

उन्होंने वायु प्रदूषण से बढ़ते अस्थमा और सांस संबंधी रोगों पर चिंता जताई और प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्ती का भरोसा दिलाया। यह पहल उनके हरित एजेंडे का हिस्सा है—पिछले साल राज्य में 1 लाख से अधिक पेड़ लगाए गए थे।

रियल-टाइम डेटा से निकलने वाली नीतियाँ

अब प्रदूषण बढ़ते ही त्वरित कदम उठाए जा सकेंगे:

  • PM2.5 बढ़ते ही ऑड-ईवन ट्रैफिक योजना

  • रेड अलर्ट पर निर्माण कार्यों पर रोक

  • फैक्ट्रियों की अस्थायी बंदी

विशेषज्ञों का मानना है कि रियल-टाइम डेटा नीति निर्माण को पूरी तरह बदल देगा।

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भविष्य का विस्तार और बजट

  • इन 6 स्टेशनों पर कुल खर्च: 3 लाख डॉलर

  • 2027 तक 10 और स्टेशनों के लिए 10 लाख डॉलर की घोषणा

  • 2028 तक नेटवर्क को दोगुना करने की योजना

यह फंडिंग ग्रीन बॉन्ड और केंद्रीय सहायता से आई है, जिससे टेक्निकल मेंटेनेंस और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

आम नागरिकों के लिए फायदे

पारदर्शिता और जागरूकता

अब नागरिक खुद देख सकेंगे कि उनके इलाके की हवा कितनी साफ या प्रदूषित है। इससे:

  • जागरूकता बढ़ेगी

  • उद्योगों पर सामाजिक दबाव बनेगा

  • स्थानीय स्तर पर बदलाव की मांग मजबूत होगी

डैशबोर्ड और मोबाइल ऐप का उपयोग

  • वेबसाइट: env.delhi.gov.in

  • मोबाइल ऐप: CleanAir App (Google Play पर उपलब्ध)

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फीचर्स:

  • लाइव AQI मैप

  • रंगों से जोखिम संकेत (हरा–सुरक्षित, लाल–खतरनाक)

  • अलर्ट और स्वास्थ्य सलाह

रोजमर्रा के फैसलों में डेटा की भूमिका

  • स्कूल बच्चों की आउटडोर गतिविधियाँ सीमित कर सकते हैं

  • निर्माण कंपनियाँ काम रोक सकती हैं

  • आम लोग वॉक, जॉगिंग या साइक्लिंग का समय बदल सकते हैं

एक अध्ययन के अनुसार, ऐसे अलर्ट से अस्थमा अटैक में 15% तक कमी देखी गई है।

टिकाऊ शहरी विकास की मजबूत नींव

CM रेखा गुप्ता द्वारा शुरू किए गए ये छह निरंतर वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन शहरी स्वास्थ्य के लिए मील का पत्थर हैं। बेहतर डेटा, तेज़ निर्णय और जागरूक नागरिक—यही स्वच्छ भविष्य की कुंजी है।

विपक्ष LokSabha अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव तैयार कर रहा है।

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