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PM मोदी ने सीतारमण के ‘व्यापक’ बजट भाषण की सराहना की: भारत के आर्थिक परिवर्तन का रोडमैप

PM नरेंद्र मोदी ने संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के फरवरी 2026 के बजट भाषण को भारत के आर्थिक परिवर्तन का “व्यापक” मार्गदर्शक बताया। लोकसभा में दिए गए इस बजट भाषण को उन्होंने केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास की ठोस योजना करार दिया।

PM के अनुसार यह बजट रोजगार, कृषि, बुनियादी ढांचे और सामाजिक न्याय—सभी क्षेत्रों को जोड़ते हुए एक संतुलित विकास मॉडल प्रस्तुत करता है। इसमें बड़े निवेश के साथ वित्तीय अनुशासन पर भी जोर दिया गया है।

सीतारमण के विज़न के प्रमुख स्तंभ

1. बुनियादी ढांचे पर बड़ा जोर: पूंजीगत व्यय बनेगा विकास का इंजन

बजट में इस वर्ष 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष से अधिक है। इसका उद्देश्य सड़कों, रेल, बंदरगाहों और ऊर्जा ढांचे को मजबूत करना है।

  • गति शक्ति योजना के तहत परिवहन नेटवर्क को एकीकृत किया जाएगा।

  • रेलवे का 2030 तक पूर्ण विद्युतीकरण लक्ष्य।

  • 5G विस्तार से डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा।

PM ने इसे रोजगार सृजन और निजी निवेश को आकर्षित करने वाला कदम बताया।

Emphasised On Reform Express': PM Modi Praises Nirmala Sitharaman's Reply  On Budget In Lok Sabha | India News - News18

2. राजकोषीय संतुलन और आर्थिक स्थिरता

बजट में वित्तीय घाटा (Fiscal Deficit) को GDP के 4.5% तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार चरणबद्ध तरीके से उधारी कम करने और राजस्व संग्रह बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है।

  • महंगाई दर लगभग 4.2% पर नियंत्रित।

  • वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद स्थिर नीति रुख।

मोदी ने इसे “जिम्मेदार आर्थिक प्रबंधन” बताया, जिससे विदेशी निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा।

3. समावेशी विकास और सामाजिक क्षेत्र पर निवेश

  • मनरेगा के लिए 1.2 लाख करोड़ रुपये का आवंटन।

  • PM आवास योजना के तहत नए घरों का निर्माण।

  • MSME के लिए 50,000 करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी।

  • युवाओं के लिए 2 करोड़ ग्रीन जॉब ट्रेनिंग अवसर।

PM ने कहा कि यह बजट “अंत्योदय” की भावना को आगे बढ़ाता है—अर्थात अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना।

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‘व्यापक’ बजट का क्षेत्रवार विश्लेषण

विनिर्माण और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा

  • 1.5 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन।

  • PLI योजना का विस्तार सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी क्षेत्र तक।

  • कच्चे माल पर सीमा शुल्क में कमी, तैयार माल पर वृद्धि।

अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में लगभग 1 करोड़ रोजगार सृजित हो सकते हैं।

कृषि परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा

  • कृषि क्षेत्र के लिए 2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान।

  • ड्रोन और डिजिटल तकनीक से खेती में सुधार।

  • न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जारी रहेगा।

  • हर राज्य में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा।

सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने का है।

वित्तीय क्षेत्र सुधार और डिजिटल सार्वजनिक ढांचा

  • NBFC के लिए नियमों में सुधार।

  • पूंजी बाजार में नए बॉन्ड नियम।

  • UPI के माध्यम से हर महीने 15 अरब से अधिक लेनदेन।

  • साइबर सुरक्षा के लिए 50,000 करोड़ रुपये का निवेश।

डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) को आर्थिक समावेशन का मजबूत आधार बताया गया।

PM Modi hails FM Sitharaman's Budget speech, calls it 'comprehensive' |  India News - Business Standard

विशेषज्ञों और बाजार की प्रतिक्रिया

  • उद्योग संगठनों ने बजट को विकासोन्मुख बताया।

  • शेयर बाजार में बजट दिवस पर 2% की बढ़त दर्ज।

  • अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने वित्तीय अनुशासन की सराहना की।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो 2026-27 में 7% GDP वृद्धि संभव है।

नए विकास चक्र की ओर भारत

PM मोदी द्वारा बजट को “व्यापक” कहे जाने का अर्थ है कि यह केवल वार्षिक वित्तीय योजना नहीं, बल्कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक रणनीतिक दस्तावेज है।

बुनियादी ढांचे में निवेश, वित्तीय अनुशासन, समावेशी विकास और डिजिटल सशक्तिकरण—ये चार स्तंभ भारत की आर्थिक यात्रा को नई दिशा दे सकते हैं।

अब सबसे महत्वपूर्ण है—कार्यान्वयन। यदि योजनाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू होती हैं, तो यह बजट वास्तव में भारत के आर्थिक परिवर्तन का आधार बन सकता है।

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