बिहार की राजनीति-RajyaSabha
बिहार की राजनीति में हालिया घटनाक्रम ने महागठबंधन के भीतर गहरे तनाव को उजागर कर दिया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच दरार अब खुलकर सामने आ रही है, खासकर RajyaSabha चुनाव में हार के बाद।
RajyaSabha हार का पूरा मामला
फरवरी 2026 के RajyaSabha चुनाव में RJD उम्मीदवार सिर्फ 5 वोटों से हार गया। पार्टी को जीत के लिए 122 वोट चाहिए थे, लेकिन केवल 117 ही मिले। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब खबर आई कि कांग्रेस के कुछ विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की, जिससे NDA उम्मीदवार को फायदा मिला।
इस घटना ने RJD के कार्यकर्ताओं में भारी नाराज़गी पैदा कर दी है। उनका मानना है कि कांग्रेस ने न तो सही रणनीति बनाई और न ही वोट मैनेजमेंट में पूरी गंभीरता दिखाई।
कार्यकर्ताओं में गुस्सा क्यों?-RajyaSabha
जमीनी स्तर पर RJD के कार्यकर्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उनका आरोप है कि:
कांग्रेस ने गठबंधन धर्म नहीं निभाया
संयुक्त बैठकों और रणनीति में ढिलाई बरती
वोट ट्रांसफर को लेकर स्पष्ट योजना नहीं बनाई
पटना और अन्य जिलों में कार्यकर्ताओं की बैठकों में कांग्रेस के खिलाफ खुलकर विरोध देखा गया। सोशल मीडिया पर भी कई RJD नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नाराज़गी जताई।

विरोध के संकेत-RajyaSabha
यह असंतोष सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर असर दिख रहा है:
समस्तीपुर में संयुक्त रैली का बहिष्कार
गया में कांग्रेस उम्मीदवारों को समर्थन देने से इनकार
कई जिलों में गठबंधन कार्यक्रम ठप
यह संकेत देते हैं कि कार्यकर्ताओं का भरोसा कमजोर हो रहा है।
पुराना इतिहास भी रहा है उतार-चढ़ाव भरा-RajyaSabha
RJD और कांग्रेस का गठबंधन पहले भी कई बार तनाव से गुजरा है:
2019 लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन
2020 विधानसभा चुनाव में भी समन्वय की समस्याएं
सीट बंटवारे को लेकर लगातार खींचतान
इन सब वजहों से कार्यकर्ताओं के बीच पहले से ही अविश्वास था, जो अब और गहरा गया है।
तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया-RajyaSabha
RJD नेता तेजस्वी यादव ने हालात संभालने की कोशिश की है। उन्होंने:
पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें की
सार्वजनिक रूप से कांग्रेस को “महत्वपूर्ण सहयोगी” बताया
कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की
लेकिन अंदरखाने दबाव बना हुआ है कि इस हार की समीक्षा हो और जिम्मेदारी तय की जाए।

आगे क्या?-RajyaSabha
यह विवाद महागठबंधन के भविष्य के लिए बड़ा खतरा बन सकता है:
आने वाले उपचुनाव प्रभावित हो सकते हैं
2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति कमजोर पड़ सकती है
विपक्षी दल इस फूट का फायदा उठा सकते हैं
RajyaSabha चुनाव की हार ने RJD और कांग्रेस के रिश्ते में दरार को उजागर कर दिया है। जमीनी स्तर पर गुस्सा और अविश्वास बढ़ रहा है। अगर दोनों दल जल्द ही तालमेल सुधारने में सफल नहीं होते, तो महागठबंधन टूटने की कगार पर पहुंच सकता है।
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