Vidhan Sabha चुनाव 2026 LIVE: ‘एग्जिट पोल मायने नहीं रखते, एलडीएफ केरल में सत्ता में वापसी करेगी,’ मंत्री रियास ने कहा।
केरल Vidhan Sabha चुनाव 2026 के नतीजों से पहले सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आने के बाद जहां विपक्षी दलों में उत्साह देखा जा रहा है, वहीं सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) ने इन अनुमानों को खारिज करते हुए सत्ता में वापसी का भरोसा जताया है। राज्य के मंत्री पी. ए. मोहम्मद रियास ने साफ कहा है कि “एग्जिट पोल मायने नहीं रखते, एलडीएफ केरल में फिर से सरकार बनाएगी।”


एग्जिट पोल पर सियासत तेज
एग्जिट पोल के नतीजों में कुछ एजेंसियों ने कांटे की टक्कर का अनुमान लगाया है, जबकि कुछ ने विपक्षी गठबंधन को बढ़त दी है। लेकिन एलडीएफ नेताओं का कहना है कि जमीनी हकीकत इन अनुमानों से अलग है। रियास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि एग्जिट पोल अक्सर वास्तविक परिणामों से भिन्न होते हैं और जनता का अंतिम फैसला ही निर्णायक होगा।
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्यभर में चुनावी चर्चा चरम पर है और मतगणना से पहले हर दल अपनी जीत का दावा कर रहा है। एलडीएफ का मानना है कि उनकी सरकार द्वारा किए गए विकास कार्य और सामाजिक कल्याण योजनाएं जनता के बीच उनकी पकड़ को मजबूत बनाए हुए हैं।
एलडीएफ का आत्मविश्वास
एलडीएफ ने पिछले कार्यकाल में स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कई बड़े कदम उठाए हैं। खासकर कोविड-19 महामारी के दौरान केरल सरकार की कार्यशैली को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया था। यही कारण है कि पार्टी को भरोसा है कि मतदाता उनके कामकाज को ध्यान में रखकर वोट देंगे।
रियास ने कहा कि सरकार ने आम जनता के हित में जो योजनाएं लागू की हैं, उनका सकारात्मक असर हर वर्ग पर पड़ा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष एग्जिट पोल के जरिए माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इससे चुनाव परिणाम प्रभावित नहीं होंगे।
विपक्ष का पलटवार
विपक्षी दलों ने एलडीएफ के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि जनता बदलाव चाहती है। उनका कहना है कि राज्य में बेरोजगारी, महंगाई और कुछ प्रशासनिक मुद्दों को लेकर लोगों में असंतोष है, जो चुनाव परिणामों में दिखाई देगा।
हालांकि एलडीएफ इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए कहता है कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। रियास ने कहा कि “जनता ने विपक्ष की नकारात्मक राजनीति को नकार दिया है और वे विकास के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं।”
एग्जिट पोल की विश्वसनीयता पर सवाल
भारत में कई बार ऐसा देखा गया है कि एग्जिट पोल वास्तविक नतीजों से काफी अलग साबित होते हैं। इस वजह से कई राजनीतिक दल इन पर ज्यादा भरोसा नहीं करते। एलडीएफ भी इसी तर्क को आगे बढ़ाते हुए कह रहा है कि अंतिम परिणाम ही सच्चाई बताएंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एग्जिट पोल केवल एक अनुमान होते हैं, जिनमें त्रुटि की संभावना रहती है। खासकर बहुकोणीय मुकाबले वाले राज्यों में इनकी सटीकता और भी कम हो जाती है।
जनता का मूड क्या कहता है?
चुनाव के दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों से मिले फीडबैक में मिश्रित रुझान देखने को मिले हैं। जहां कुछ लोग सरकार के काम से संतुष्ट हैं, वहीं कुछ बदलाव की बात कर रहे हैं। यही कारण है कि इस बार का चुनाव काफी दिलचस्प माना जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में एलडीएफ की योजनाओं का असर साफ दिखता है, जबकि शहरी इलाकों में विपक्ष को कुछ समर्थन मिलने की चर्चा है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मतगणना के दिन किसका दावा सही साबित होता है।
नतीजों से पहले बढ़ा रोमांच
जैसे-जैसे मतगणना का दिन नजदीक आ रहा है, राजनीतिक सरगर्मी और तेज होती जा रही है। सभी दल अपने-अपने स्तर पर तैयारियां कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं में उत्साह बना हुआ है।
एलडीएफ का मानना है कि वे एक बार फिर जनता का भरोसा जीतेंगे और सरकार बनाएंगे। वहीं विपक्ष को उम्मीद है कि इस बार सत्ता परिवर्तन होगा।
केरल Vidhan Sabha चुनाव 2026 के परिणाम चाहे जो भी हों, यह साफ है कि मुकाबला बेहद कड़ा है। एग्जिट पोल ने सस्पेंस जरूर बढ़ा दिया है, लेकिन अंतिम फैसला मतदाताओं के वोट से ही होगा। मंत्री पी. ए. मोहम्मद रियास का बयान इस बात को दर्शाता है कि एलडीएफ पूरी तरह आत्मविश्वास में है और उन्हें अपनी जीत पर भरोसा है।
अब सबकी निगाहें मतगणना के दिन पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट सत्ता में वापसी करता है या केरल की राजनीति में कोई नया मोड़ आता है।
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