पंजाब मंत्री संजीव अरोड़ा court के बाहर बेटी से मिलकर भावुक हुए
पंजाब सरकार के मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता Sanjeev Arora हाल ही में गुरुग्राम कोर्ट परिसर के बाहर अपनी बेटी से मुलाकात के दौरान भावुक हो गए। यह दृश्य उस समय सामने आया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए गए संजीव अरोड़ा को अदालत में पेश किया गया था। कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों ने बताया कि जैसे ही उन्होंने अपनी बेटी और परिवार के अन्य सदस्यों को देखा, वे अपने आंसू नहीं रोक पाए और बेटी को गले लगाकर रो पड़े। यह भावुक पल सोशल मीडिया और समाचार चैनलों पर तेजी से वायरल हो गया।
क्या है पूरा मामला?
संजीव अरोड़ा पर लगभग 100 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी GST बिलिंग मामले में जांच चल रही है। प्रवर्तन निदेशालय ने 9 मई को उनके चंडीगढ़ स्थित आवास पर छापेमारी की थी। इसके बाद लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। ED का आरोप है कि इस मामले में फर्जी कंपनियों और मोबाइल फोन के व्यापार के जरिए बड़ी रकम का लेन-देन किया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क में कथित तौर पर हवाला और शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। ED का दावा है कि इस घोटाले के जरिए विदेशों से भी धन का लेन-देन हुआ। हालांकि संजीव अरोड़ा ने इन सभी आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है।

court में पेशी के दौरान भावुक दृश्य
गुरुग्राम की विशेष court में जब संजीव अरोड़ा को पेश किया गया, तब उनका चेहरा काफी थका हुआ दिखाई दे रहा था। रिपोर्टों के मुताबिक, कई दिनों की हिरासत के कारण उनकी दाढ़ी बढ़ गई थी और वे मानसिक रूप से काफी परेशान नजर आ रहे थे। अदालत परिसर में उनकी बेटी और परिवार के सदस्य मौजूद थे।
जैसे ही कोर्ट की कार्यवाही खत्म हुई और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया, वे अपने परिवार से मिले। इसी दौरान वे भावुक हो गए और अपनी बेटी को गले लगाकर रोने लगे। वहां मौजूद कई लोगों ने इस दृश्य को बेहद मार्मिक बताया। परिवार के अन्य सदस्य भी भावुक नजर आए।
court ने भेजा न्यायिक हिरासत में
ED की हिरासत पूरी होने के बाद अदालत ने संजीव अरोड़ा को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब उन्हें 1 जून तक जेल में रहना होगा। जांच एजेंसी का कहना है कि पूछताछ पूरी हो चुकी है और अब चार्जशीट तैयार की जा रही है।
संजीव अरोड़ा के वकीलों ने court में उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दी है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं और उन्हें राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है।
AAP ने बताया राजनीतिक बदले की कार्रवाई
आम आदमी पार्टी ने इस गिरफ्तारी को केंद्र सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं को परेशान करने की कोशिश बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए कर रही है। पंजाब सरकार के मंत्री Aman Arora ने भी इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए ED और CBI का इस्तेमाल किया जा रहा है।
AAP नेताओं का कहना है कि संजीव अरोड़ा लगातार पंजाब में उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने का काम कर रहे थे और इसी कारण उन्हें निशाना बनाया गया।

मंत्री पद की जिम्मेदारियां बदली गईं
संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद पंजाब सरकार ने उनके विभागों का कार्यभार अन्य मंत्रियों को सौंप दिया है। उद्योग, बिजली और स्थानीय निकाय विभागों की जिम्मेदारी अलग-अलग मंत्रियों को दी गई है। हालांकि वे अभी भी पंजाब मंत्रिमंडल का हिस्सा बने हुए हैं।
सरकार ने कहा है कि यह केवल अस्थायी व्यवस्था है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक विभागों का काम प्रभावित न हो, इसलिए यह कदम उठाया गया।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
संजीव अरोड़ा के भावुक होने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कुछ लोगों ने इसे एक पिता की पीड़ा बताया, जबकि कुछ ने इसे राजनीतिक ड्रामा कहा। कई यूजर्स ने लिखा कि जेल और जांच का दबाव किसी भी इंसान को भावुक कर सकता है। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों और समर्थकों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
हाई कोर्ट में चुनौती
संजीव अरोड़ा ने अपनी गिरफ्तारी और रिमांड को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि ED ने कानूनी प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके कारोबारी लेन-देन पूरी तरह वैध थे।
अब इस मामले में हाई कोर्ट की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यदि अदालत से राहत मिलती है तो उन्हें बड़ी कानूनी सफलता मिल सकती है।

परिवार पर मानसिक दबाव
राजनीतिक और कानूनी लड़ाइयों का असर केवल नेताओं पर ही नहीं बल्कि उनके परिवारों पर भी पड़ता है। कोर्ट परिसर में बेटी से मिलते समय संजीव अरोड़ा का भावुक होना इसी मानसिक दबाव को दर्शाता है। परिवार के लिए यह समय बेहद कठिन माना जा रहा है।
राजनीति में अक्सर नेताओं को कठोर और मजबूत छवि में देखा जाता है, लेकिन यह घटना दिखाती है कि निजी जीवन में वे भी आम इंसानों की तरह भावनात्मक होते हैं।
पंजाब मंत्री संजीव अरोड़ा का कोर्ट परिसर में बेटी से मिलकर भावुक होना इस पूरे मामले का सबसे चर्चित पल बन गया है। एक ओर ED मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर AAP इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है। आने वाले दिनों में अदालत की सुनवाई और ED की चार्जशीट इस मामले की दिशा तय करेगी। फिलहाल संजीव अरोड़ा न्यायिक हिरासत में हैं और पूरा देश इस हाई-प्रोफाइल मामले पर नजर बनाए हुए है।
कैबिनेट विस्तार के बाद पहली बार UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की।
Follow us on Facebook
India Savdhan News | Noida | Facebook

