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PM मोदी ऐतिहासिक स्लोवाकिया यात्रा के बाद G7 शिखर सम्मेलन के लिए जेनेवा पहुंचे

ऐतिहासिक यूरोपीय दौरे के अगले चरण में पीएम मोदी

PM Narendra Modi अपने यूरोप दौरे के अगले चरण में ऐतिहासिक स्लोवाकिया यात्रा पूरी करने के बाद G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए जेनेवा पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री का यह दौरा भारत की वैश्विक कूटनीतिक सक्रियता और यूरोप के साथ बढ़ते रणनीतिक संबंधों का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

स्लोवाकिया की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया। इसके बाद उनका G7 शिखर सम्मेलन में पहुंचना अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका को और अधिक मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।

स्लोवाकिया यात्रा रही बेहद महत्वपूर्ण

PM मोदी की स्लोवाकिया यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक रही। इस दौरान उन्होंने स्लोवाकिया के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की और व्यापार, रक्षा, नवाचार, ऊर्जा तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

दोनों देशों ने सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा, साइबर सुरक्षा और औद्योगिक निवेश के क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर विशेष बल दिया। भारत और स्लोवाकिया के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने के लिए कई समझौतों और सहयोग प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा मध्य यूरोप में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

PM Modi lands in Geneva for G7 Summit after historic Slovakia visit

G7 शिखर सम्मेलन में भारत की बढ़ती भूमिका

हालांकि भारत G7 समूह का औपचारिक सदस्य नहीं है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में भारत को लगातार विशेष आमंत्रित देश के रूप में शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया जाता रहा है। यह वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में भारत के बढ़ते प्रभाव का प्रमाण माना जाता है।

G7 दुनिया की सात प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जिसमें Canada, France, Germany, Italy, Japan, United Kingdom और United States शामिल हैं।

भारत को लगातार आमंत्रित किए जाने से स्पष्ट है कि वैश्विक मुद्दों के समाधान में नई दिल्ली की भूमिका को दुनिया गंभीरता से ले रही है।

वैश्विक चुनौतियों पर होगी चर्चा

G7 शिखर सम्मेलन में इस बार कई अहम वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इनमें वैश्विक आर्थिक स्थिति, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा और क्षेत्रीय संघर्ष प्रमुख हैं।

PM मोदी इन मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण दुनिया के सामने रखेंगे। भारत लगातार यह कहता रहा है कि वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए समावेशी विकास, बहुपक्षवाद और विकासशील देशों की चिंताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

भारत हरित ऊर्जा, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और टिकाऊ विकास के क्षेत्र में अपने अनुभवों को भी साझा कर सकता है।

द्विपक्षीय बैठकों पर रहेगी नजर

G7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की कई विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी होने की संभावना है। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और रणनीतिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

भारत वर्तमान में कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों और निवेश साझेदारी को आगे बढ़ाने पर काम कर रहा है। ऐसे में G7 मंच द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने का अवसर प्रदान करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की उच्च स्तरीय बैठकों से भारत को निवेश आकर्षित करने, नई प्रौद्योगिकियों तक पहुंच बनाने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी भूमिका मजबूत करने में मदद मिलेगी।

ग्लोबल साउथ की आवाज बनेगा भारत

पिछले कुछ वर्षों में भारत ने स्वयं को ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज के रूप में स्थापित किया है। प्रधानमंत्री मोदी कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विकासशील देशों की समस्याओं, जलवायु वित्त, खाद्य सुरक्षा और न्यायसंगत वैश्विक व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर देते रहे हैं।

PM Modi lands in Geneva for G7 Summit after historic Slovakia visit

G7 शिखर सम्मेलन में भी भारत विकासशील देशों के हितों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत विकसित और विकासशील देशों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभा सकता है।

भारत की वैश्विक कूटनीति को मिलेगी नई मजबूती

PM मोदी की स्लोवाकिया यात्रा और उसके तुरंत बाद G7 शिखर सम्मेलन में भागीदारी यह दर्शाती है कि भारत अपनी विदेश नीति के तहत यूरोप और अन्य वैश्विक शक्तियों के साथ संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

आज भारत न केवल दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, बल्कि जलवायु परिवर्तन, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, ऊर्जा और वैश्विक शासन जैसे विषयों पर भी एक प्रभावशाली आवाज बनकर उभरा है।

PM Modi lands in Geneva for G7 Summit after historic Slovakia visit

PM मोदी की यह यात्रा भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और बहुआयामी कूटनीतिक सक्रियता का एक और महत्वपूर्ण अध्याय मानी जा रही है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

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