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PM मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मू के गांव पहाड़पुर का दौरा किया, पवित्र उपवनों में की प्रार्थना

पहाड़पुर बना राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र

PM नरेंद्र मोदी का ओडिशा के मयूरभंज जिले स्थित पहाड़पुर गांव का दौरा देशभर में चर्चा का विषय बना। यह गांव राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दिवंगत पति श्याम चरण मुर्मू का पैतृक गांव है और आदिवासी संस्कृति तथा परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। प्रधानमंत्री की इस यात्रा को केवल एक सरकारी कार्यक्रम के रूप में नहीं देखा गया, बल्कि इसे आदिवासी विरासत, प्रकृति संरक्षण और सांस्कृतिक सम्मान के प्रतीक के रूप में भी महत्व दिया गया।

PM के आगमन से पहले पूरे गांव को सजाया गया था। स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल था और ग्रामीणों ने पारंपरिक वेशभूषा पहनकर उनका स्वागत किया। जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें लोकनृत्य और आदिवासी संगीत की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष रंग प्रदान किया।

पवित्र उपवनों में की प्रार्थना

दौरे का सबसे महत्वपूर्ण क्षण वह था जब PM मोदी ने गांव के पवित्र उपवनों में जाकर प्रार्थना की। आदिवासी समाज में इन उपवनों का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इन्हें प्रकृति और आस्था के संगम के रूप में देखा जाता है। सदियों से स्थानीय समुदाय इन स्थलों की रक्षा करता आया है और इन्हें पवित्र मानकर पूजा-अर्चना करता है।

PM ने उपवनों में प्रार्थना कर प्रकृति के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपराओं में प्रकृति को माता का स्थान दिया गया है और आदिवासी समाज ने सदियों से इस विचार को अपने जीवन में अपनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए आदिवासी समुदाय की जीवनशैली पूरे विश्व के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

राष्ट्रपति मुर्मू के संघर्षपूर्ण जीवन का किया उल्लेख

अपने संबोधन में PM मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जीवन संघर्ष और उपलब्धियों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहाड़पुर जैसे साधारण गांव से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचना भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत का उदाहरण है।

PM ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू का जीवन करोड़ों भारतीयों, विशेषकर महिलाओं और आदिवासी युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा, मेहनत और सेवा की भावना के बल पर कोई भी व्यक्ति बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति को समाज के वंचित वर्गों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिनिधि बताया।

President Murmu, PM Modi Offer Prayers at Sacred Tribal Groves in Odisha's Pahadpur  Village | Times Now

आदिवासी संस्कृति को मिला सम्मान

PM के इस दौरे को आदिवासी संस्कृति के सम्मान के रूप में भी देखा जा रहा है। भारत की सांस्कृतिक विविधता में आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनकी परंपराएं, लोककला, संगीत और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना देश की समृद्ध विरासत का हिस्सा हैं।

PM ने कहा कि केंद्र सरकार आदिवासी समाज के विकास और उनकी सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि विकास और परंपरा दोनों को साथ लेकर चलना ही भारत की विशेषता है।

विकास योजनाओं पर दिया जोर

दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की जानकारी भी ली। उन्होंने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचे और विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

PM ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के बिना भारत के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने बताया कि सरकार गांवों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर काम कर रही है। इसके साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण पर बल

PM मोदी ने अपने भाषण में युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण को विकास का आधार बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। साथ ही महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाना भी देश की प्रगति के लिए आवश्यक है।

उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उदाहरण देते हुए कहा कि आज देश की बेटियां हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। सरकार महिलाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्यमिता से जुड़ी विभिन्न योजनाएं चला रही है, जिनका सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है।

PM Modi Offers Prayers at Tribal Shrine in Pahadpur, Joins President Murmu  in Sapling Plantation - Pragativadi I Latest Odisha News in English I  Breaking News

पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

पवित्र उपवनों में प्रार्थना के दौरान PM ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के सामने एक गंभीर चुनौती है और इससे निपटने के लिए प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलना आवश्यक है।

PM ने लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और जंगलों की रक्षा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज ने सदियों से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण किया है और आधुनिक समाज को भी उनसे सीख लेनी चाहिए।

ग्रामीणों में दिखा उत्साह

PM के दौरे को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया। लोगों ने इसे अपने गांव के लिए गर्व का क्षण बताया। कई ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री की यात्रा से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा।

ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और मांगों को भी प्रशासन के समक्ष रखा। इनमें बेहतर सड़कें, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा संस्थानों का विस्तार और रोजगार के अवसर शामिल थे। प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार इन आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का प्रयास करेगी।

PM नरेंद्र मोदी का पहाड़पुर दौरा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह आदिवासी संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और समावेशी विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का सशक्त संदेश था। पवित्र उपवनों में की गई उनकी प्रार्थना ने प्रकृति और परंपराओं के प्रति सम्मान को रेखांकित किया, जबकि विकास और सशक्तिकरण से जुड़े उनके संदेश ने स्थानीय लोगों में नई उम्मीद जगाई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के गांव में PM की उपस्थिति ने इस छोटे से गांव को राष्ट्रीय पहचान दिलाई और यह यात्रा आने वाले वर्षों में आदिवासी क्षेत्रों के विकास तथा सांस्कृतिक संरक्षण के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में याद की जाएगी।

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