Delhi की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 70 लाख पौधों के लक्ष्य के लिए ‘ग्रीन ड्राइव पोर्टल’ लॉन्च किया
Delhi सरकार ने राजधानी को अधिक हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत ग्रीन ड्राइव पोर्टल लॉन्च किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में इस डिजिटल पोर्टल का शुभारंभ करते हुए राजधानी में 70 लाख पौधे लगाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की घोषणा की। सरकार का कहना है कि यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी पर आधारित एक व्यापक पर्यावरण आंदोलन होगा।
पोर्टल लॉन्च करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। उन्होंने लोगों से अपने घरों, स्कूलों, कॉलेजों, कार्यालयों और आवासीय कॉलोनियों में अधिक से अधिक पौधे लगाने का आग्रह किया।
Delhi ग्रीन ड्राइव पोर्टल को इस तरह विकसित किया गया है कि आम नागरिक आसानी से वृक्षारोपण अभियान का हिस्सा बन सकें। पोर्टल के माध्यम से लोग मेगा प्लांटेशन ड्राइव के लिए स्लॉट बुक कर सकते हैं, स्वयं को “एनवायरनमेंटल सेवियर” या “ग्रीन वॉरियर” के रूप में पंजीकृत कर सकते हैं तथा अपने निकटतम सरकारी नर्सरी से निःशुल्क पौधे प्राप्त करने की जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार वृक्षारोपण स्थल का चयन भी कर सकेंगे।
इस अभियान की एक विशेष पहल ‘वृक्ष रथ’ भी है। इसके तहत दिल्ली वन विभाग की टीमें घरों, शैक्षणिक संस्थानों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA), आवासीय सोसायटियों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर पहुंचकर निःशुल्क पौधे, आवश्यक उपकरण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएंगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पौधे केवल लगाए ही न जाएं, बल्कि उनका उचित संरक्षण और रखरखाव भी हो।
पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि पोर्टल के माध्यम से दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों में वृक्षारोपण स्थलों को चिह्नित किया गया है। नागरिक अपनी पसंद के क्षेत्र या विधानसभा के अनुसार पौधारोपण के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस अभियान को केवल सरकारी भूमि तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि निजी परिसरों, स्कूलों, कॉलेजों और छतों पर भी हरियाली बढ़ाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करेगी।
Delhi सरकार के अनुसार, इस अभियान में मुख्य रूप से स्थानीय और लंबे समय तक जीवित रहने वाली प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। इनमें पीपल, बरगद, नीम, अर्जुन, जामुन और गूलर जैसे वृक्ष शामिल हैं। इन प्रजातियों का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि ये पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता बढ़ाने और वायु गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सरकार ने यह भी घोषणा की है कि राजधानी में 100 ऑक्सीजन पार्क विकसित किए जाएंगे। इन पार्कों का उद्देश्य शहर के विभिन्न हिस्सों में हरित क्षेत्र बढ़ाना, लोगों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना तथा पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया गया तो दिल्ली में हरित आवरण बढ़ाने और प्रदूषण कम करने में उल्लेखनीय सहायता मिल सकती है।
Delhi मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ और हरित बनाने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की है। उन्होंने कहा कि यदि हर परिवार कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो राजधानी का पर्यावरण काफी बेहतर हो सकता है। उन्होंने लोगों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दिल्ली सरकार का कहना है कि तकनीक और जनभागीदारी के माध्यम से वृक्षारोपण को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा। ग्रीन ड्राइव पोर्टल इसी सोच का हिस्सा है, जिससे नागरिक सीधे सरकार के पर्यावरण अभियानों से जुड़ सकेंगे।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली जैसे महानगर में हरित क्षेत्र बढ़ाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। लगातार बढ़ते शहरीकरण, वाहनों की संख्या और वायु प्रदूषण के बीच बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से तापमान नियंत्रण, कार्बन अवशोषण और जैव विविधता संरक्षण में मदद मिलेगी। यदि सरकार का 70 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा होता है और पौधों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाता है, तो यह राजधानी के पर्यावरण सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकती है।

