Delhi CJP प्रदर्शन: सोनम वांगचुक के अनशन का 16वां दिन, वजन 8.2 किलो कम होने का दावा; AAP नेताओं ने स्थल का दौरा किया
नई Delhi : सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के नेतृत्व में चल रहे CJP (क्लाइमेट जस्टिस/संविधान जन पहल, जैसा कि प्रदर्शन आयोजकों द्वारा बताया गया है) प्रदर्शन ने सोमवार को अपने 16वें दिन में प्रवेश कर लिया। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद आयोजकों ने दावा किया कि लगातार अनशन के कारण सोनम वांगचुक का वजन अब तक 8.2 किलोग्राम कम हो गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य में गिरावट के बावजूद वांगचुक अपने आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
आंदोलनकारियों के अनुसार, यह प्रदर्शन पर्यावरण संरक्षण, हिमालयी क्षेत्रों की सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों और संवैधानिक मांगों को लेकर आयोजित किया जा रहा है। Delhi प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में समर्थक, छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि पहुंच रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि आंदोलन पूरी तरह अहिंसक है और इसका उद्देश्य सरकार का ध्यान इन महत्वपूर्ण विषयों की ओर आकर्षित करना है।
प्रदर्शन के 16वें दिन आम आदमी पार्टी (AAP) के कई नेता भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने सोनम वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की तथा उनके स्वास्थ्य और आंदोलन की स्थिति की जानकारी ली। AAP नेताओं ने प्रदर्शनकारियों का हालचाल जानने के साथ-साथ चिकित्सकीय सुविधाओं की उपलब्धता पर भी चर्चा की। पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का अधिकार है और प्रदर्शनकारियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाना चाहिए।
Delhi प्रदर्शन स्थल पर मौजूद चिकित्सकीय टीम के अनुसार, अनशन कर रहे लोगों के स्वास्थ्य की नियमित जांच की जा रही है। आयोजकों का कहना है कि डॉक्टर समय-समय पर रक्तचाप, नाड़ी, शरीर का तापमान और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य मानकों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्रदर्शनकारी की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर होती है तो आवश्यक चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराई जाएगी।
सोनम वांगचुक ने प्रदर्शन के दौरान अपने संदेश में कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल के खिलाफ अभियान चलाना नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की पीढ़ियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार और समाज का ध्यान आकर्षित करना है। उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की।
दूसरी ओर, प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के जवान पूरे इलाके में तैनात हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से जारी है।
आयोजकों ने दावा किया कि देश के विभिन्न राज्यों से लोग इस आंदोलन के समर्थन में संदेश भेज रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी प्रदर्शन से जुड़े वीडियो और तस्वीरें साझा की जा रही हैं। कई सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शनकारियों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से वार्ता शुरू करने की अपील की है।
Delhi AAP नेताओं ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लोकतांत्रिक समाज में संवाद सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शनकारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, तो संबंधित पक्षों को बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी मुद्दे का समाधान संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होना चाहिए।
इस बीच, प्रदर्शनकारियों ने सरकार से अपनी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और प्रतिनिधियों के साथ औपचारिक बातचीत शुरू करने की अपील दोहराई। उनका कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से ही अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रदर्शन ने पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और संवैधानिक अधिकारों जैसे मुद्दों को फिर से सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार लंबे अनशन को लेकर सावधानी बरतने की सलाह देते हैं और कहते हैं कि ऐसे मामलों में नियमित चिकित्सकीय निगरानी अत्यंत आवश्यक होती है।
फिलहाल प्रदर्शन अपने 16वें दिन में प्रवेश कर चुका है। आयोजकों का दावा है कि सोनम वांगचुक का वजन 8.2 किलोग्राम कम हो गया है, जबकि उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जा रही है। दूसरी ओर, AAP नेताओं के प्रदर्शन स्थल पहुंचने के बाद इस आंदोलन को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा भी तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच आगे कोई औपचारिक संवाद शुरू होता है या नहीं तथा आंदोलन का अगला चरण किस दिशा में आगे बढ़ता है।

