Delhi सरकार ने संशोधित पीएम-यूडीएवाई योजना के क्रियान्वयन के लिए 100 करोड़ रुपये की मांग की
नई दिल्ली: Delhi सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी की अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को संपत्ति अधिकार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से संशोधित प्रधानमंत्री अनधिकृत कॉलोनी विकास योजना (PM-UDAY) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार से 100 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की मांग की है। सरकार का कहना है कि इस राशि का उपयोग योजना के तहत आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाओं, डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने, सर्वेक्षण, जनसुविधाओं के विकास और आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाने में किया जाएगा।
Delhi में बड़ी संख्या में ऐसी अनधिकृत कॉलोनियां हैं, जहां लाखों लोग वर्षों से रह रहे हैं। इन कॉलोनियों में रहने वाले नागरिक लंबे समय से अपनी संपत्तियों के कानूनी अधिकार और मूलभूत सुविधाओं की मांग करते रहे हैं। PM-UDAY योजना का उद्देश्य ऐसे निवासियों को संपत्ति के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराना और उनके जीवन को अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाना है।
Delhi सरकार के अधिकारियों का कहना है कि संशोधित योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक सरल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म को मजबूत किया जाएगा ताकि नागरिक ऑनलाइन आवेदन कर सकें, आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकें और अपने आवेदन की स्थिति की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें। इसके अलावा रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और भूमि संबंधी सूचनाओं के सत्यापन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
Delhi सरकार के अनुसार, प्रस्तावित 100 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग सर्वेक्षण कार्य, भू-अभिलेखों के अद्यतन, तकनीकी ढांचे को मजबूत करने, जनसंपर्क अभियान चलाने तथा संबंधित विभागों की क्षमता बढ़ाने में किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध हो जाती है तो योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सकेगी।
PM-UDAY योजना के तहत पहले भी बड़ी संख्या में लोगों ने संपत्ति अधिकार के लिए आवेदन किए थे। हालांकि, कई मामलों में दस्तावेजों की कमी, तकनीकी समस्याओं और सत्यापन प्रक्रिया में देरी के कारण आवेदन लंबित रह गए। संशोधित व्यवस्था का उद्देश्य इन चुनौतियों को दूर करना और प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाना है।
शहरी विकास विशेषज्ञों का मानना है कि अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को कानूनी संपत्ति अधिकार मिलने से उन्हें बैंक ऋण लेने, संपत्ति का वैध हस्तांतरण करने और भविष्य में निवेश करने जैसी सुविधाएं प्राप्त हो सकती हैं। साथ ही, सरकार के लिए भी इन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास और शहरी नियोजन अधिक व्यवस्थित तरीके से करना संभव होगा।
Delhi सरकार का कहना है कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल नागरिकों को लाभ मिलेगा, बल्कि राजधानी के शहरी विकास को भी नई दिशा मिलेगी। सरकार का मानना है कि स्पष्ट भूमि रिकॉर्ड और संपत्ति अधिकारों के कारण अवैध लेनदेन में कमी आएगी तथा प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी।
हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि केवल संपत्ति अधिकार प्रदान करना पर्याप्त नहीं होगा। इसके साथ-साथ सड़कों, जल आपूर्ति, सीवर व्यवस्था, बिजली, पार्क, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी समानांतर विकास आवश्यक है। उनका मानना है कि यदि बुनियादी ढांचे में सुधार नहीं किया गया तो योजना का पूरा लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पाएगा।
विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि योजना का उद्देश्य स्वागतयोग्य है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। विपक्ष ने यह भी मांग की कि आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह सरल बनाया जाए ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
इस बीच, Delhi सरकार ने संबंधित विभागों को योजना की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे और नागरिकों की शिकायतों के समाधान पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना का लाभ उपलब्ध कराना है।
शहरी योजनाकारों का मानना है कि यदि केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच बेहतर समन्वय बना रहता है और पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं, तो PM-UDAY योजना राजधानी के लाखों लोगों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इससे संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आने के साथ-साथ शहरी विकास को भी गति मिलेगी।
फिलहाल, Delhi सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की मांग पर केंद्र सरकार के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो संशोधित PM-UDAY योजना के क्रियान्वयन में तेजी आने और अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को संपत्ति अधिकार प्रदान करने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य राजधानी के नागरिकों को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध व्यवस्था के माध्यम से कानूनी संपत्ति अधिकार उपलब्ध कराना है, ताकि वे अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकें।

