Shiva Sharma हत्याकांड: श्रद्धा दुबे को 3 दिन की ट्रांजिट रिमांड, बॉयफ्रेंड आमिर भी हिरासत में
लखनऊ के कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मॉडल श्रद्धा दुबे को नागपुर में गिरफ्तार किए जाने के बाद अदालत ने उन्हें, उनकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर उत्तर प्रदेश पुलिस को सौंपने की अनुमति दी। वहीं, पुलिस ने श्रद्धा के बॉयफ्रेंड आमिर को भी कथित तौर पर फरार होने में मदद करने के आरोप में हिरासत में लिया है।
पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा और उनके साथियों को नागपुर से लखनऊ लाया जा रहा है, ताकि शिवा शर्मा की मौत से जुड़े घटनाक्रम, आरोपियों की गतिविधियों और गिरफ्तारी से बचने के दौरान मिली कथित मदद के बारे में पूछताछ की जा सके। इस मामले ने इसलिए भी सुर्खियां बटोरी हैं क्योंकि शुरुआत में शिवा की मौत को दुर्घटना माना गया था, लेकिन परिवार की शिकायत के बाद हत्या के आरोपों की जांच शुरू हुई।
1. नागपुर की अदालत ने 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड दी
21 अक्टूबर 2026 को श्रद्धा दुबे, उनकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को नागपुर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। उत्तर प्रदेश पुलिस ने तीनों को लखनऊ ले जाकर आगे की जांच करने के लिए ट्रांजिट रिमांड मांगी थी।
अदालत ने पुलिस की मांग स्वीकार करते हुए तीनों को 24 अक्टूबर तक ट्रांजिट रिमांड पर भेजने की अनुमति दी। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस और विशेष कार्यबल (STF) की टीम उन्हें सड़क मार्ग से लखनऊ ले जाने के लिए रवाना हुई।
ट्रांजिट रिमांड का उद्देश्य किसी आरोपी को उस स्थान से संबंधित जांच एजेंसी के अधिकार क्षेत्र तक कानूनी प्रक्रिया के तहत ले जाना होता है, जहां मामले की जांच की जा रही है। इसका अर्थ यह नहीं है कि आरोपी को दोषी ठहरा दिया गया है।
लखनऊ पहुंचने के बाद पुलिस तीनों से पूछताछ कर सकती है और मामले से जुड़े सबूतों, घटनाक्रम तथा कथित फरारी की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर सकती है।
2. बॉयफ्रेंड आमिर पर श्रद्धा की मदद करने का आरोप
इस मामले में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम श्रद्धा के बॉयफ्रेंड आमिर को हिरासत में लिया जाना है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस को संदेह है कि आमिर ने शिवा शर्मा की मौत के बाद श्रद्धा को पुलिस से बचने में मदद की थी।
आरोप है कि आमिर ने श्रद्धा को फरार रहने के दौरान मोबाइल फोन और सिम कार्ड उपलब्ध कराने में सहायता की। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि फोन और सिम कथित तौर पर फर्जी पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करके हासिल किए गए थे।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आमिर ने श्रद्धा को कहां पहुंचने में मदद की, उनके बीच किस तरह संपर्क बना रहा और फरारी के दौरान किन लोगों ने उनकी सहायता की।
हालांकि, आमिर की भूमिका से संबंधित ये आरोप जांच का हिस्सा हैं। उनकी कथित मदद के बारे में अंतिम निष्कर्ष पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकाला जा सकता है।
3. 9 अक्टूबर को कैसे हुई शिवा शर्मा की मौत?
इस पूरे मामले की शुरुआत 9 अक्टूबर 2026 को हुई, जब लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद शिवा शर्मा की मौत हो गई।
शिवा की उम्र करीब 28 वर्ष बताई गई है। वह लखनऊ में कैफे चलाते थे और श्रद्धा दुबे के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों पिछले लगभग तीन महीने से हजरतगंज स्थित अपार्टमेंट में रह रहे थे। बाद में श्रद्धा की बहन रश्मि भी वहां रहने लगी थीं।
शुरुआत में पुलिस ने घटना को दुर्घटनावश गिरने से हुई मौत के तौर पर देखा था। लेकिन शिवा के परिवार ने उनकी मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई थी।
परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने हत्या के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया। अब जांच का प्रमुख उद्देश्य यह पता लगाना है कि शिवा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी।
4. परिवार ने लगाए मारपीट और प्रताड़ना के आरोप
शिवा शर्मा की मां रंजना शर्मा ने पुलिस से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि उनके बेटे को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया था। परिवार को संदेह है कि शिवा को इमारत से गिराया गया हो सकता है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, परिवार ने यह भी बताया कि शिवा ने घटना से कुछ समय पहले अपनी मां से फोन पर बात की थी। कथित तौर पर उन्होंने कहा था कि श्रद्धा उन्हें बाहर बुला रही हैं और वह कुछ ही मिनटों में लौट आएंगे।
इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने घटना के समय मौजूद परिस्थितियों, संबंधित लोगों के बयानों और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि परिवार की शिकायत में लगाए गए आरोप अपने आप में दोष सिद्ध नहीं करते। जांच एजेंसियों को यह स्थापित करना होगा कि घटना दुर्घटना थी, आत्महत्या थी या किसी आपराधिक कृत्य का परिणाम।
5. श्रद्धा दुबे ने क्या सफाई दी?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, श्रद्धा दुबे ने एक वीडियो इंटरव्यू में शिवा की मौत में अपनी भूमिका होने से इनकार किया था। उन्होंने दावा किया कि शिवा ने आर्थिक परेशानियों के कारण आत्महत्या की थी।
श्रद्धा ने कथित तौर पर यह भी आरोप लगाया कि शिवा पर 15 से 20 लाख रुपये का कर्ज था और पैसे वापस नहीं कर पाने की स्थिति में उन्होंने अपनी जान लेने की धमकी दी थी।
उनका यह बयान परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों से अलग है। इसलिए पुलिस के लिए दोनों पक्षों के दावों की जांच करना और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के साथ उनका मिलान करना महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल, श्रद्धा के बयान को उनका पक्ष माना जाना चाहिए। उनकी सफाई और परिवार के आरोपों की सत्यता का फैसला जांच तथा अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगा।
6. नागपुर में कैसे पकड़े गए तीनों आरोपी?
श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और दानिश को 20 अक्टूबर को नागपुर में संयुक्त पुलिस अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई में उत्तर प्रदेश STF, लखनऊ पुलिस और नागपुर क्राइम ब्रांच ने सहयोग किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की तलाश के दौरान CCTV फुटेज, स्थानीय खुफिया जानकारी और एक ई-रिक्शा चालक से मिले सुरागों का इस्तेमाल किया गया। जांचकर्ताओं ने कथित तौर पर करीब 200 CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कर उनकी गतिविधियों का पता लगाया।
रिपोर्टों के अनुसार, तीनों लखनऊ से निकलने के बाद अलग-अलग स्थानों से होते हुए नागपुर पहुंचे थे। वहां वे शहर के बेलतरोड़ी इलाके में एक अपार्टमेंट में किराये पर रह रहे थे, जहां पुलिस ने छापा मारकर उन्हें गिरफ्तार किया।
इस मामले में पुलिस ने पहले आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इनाम भी घोषित किया था। गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ से शिवा की मौत और उसके बाद आरोपियों की गतिविधियों से जुड़े सवालों के जवाब मिल सकेंगे।
7. अब आगे क्या होगा?
श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और दानिश को लखनऊ लाने के बाद पुलिस उनसे अलग-अलग पहलुओं पर पूछताछ करेगी। इसमें घटना से पहले और बाद की गतिविधियां, उपलब्ध CCTV फुटेज, फोन और सिम कार्ड से संबंधित जानकारी तथा कथित फरारी में मदद करने वाले लोगों की भूमिका शामिल हो सकती है।
आमिर से भी कथित मदद के संबंध में पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह स्पष्ट करने का प्रयास करेंगी कि आरोपियों के बीच क्या संपर्क था और क्या किसी ने जानबूझकर पुलिस की कार्रवाई से बचने में सहायता की।
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