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नई दिल्ली, 10 मार्च  उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में कोविड-19 के बीच हुए
चुनावों के विजय जुलूसों पर महामारी का साया नहीं रहेगा। दरअसल, चुनाव आयोग ने आज नतीजों के साथ ही

विजय जुलूसों पर से प्रतिबंध हटा दिया है। आयोग ने यह फैसला देश में कोरोना वायरस की स्थिति देखने के बाद
लिया है। इस आदेश के बाद मतगणना के बाद प्रत्याशी और उनके समर्थक विजय जुलूस निकाल सकेंगे। हालांकि,
चुनाव आयोग का कहना है

कि यह छूट कोविड संबंधी राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के दिशा-निर्देशों के अधीन
रहेगी। यानी जिला स्तर पर अधिकारी इस संबंध में फैसला ले सकते हैं।

चुनाव आयोग ने 8 जनवरी 2022 को गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की विधानसभाओं के आम
चुनावों की घोषणा की थी। चुनाव की घोषणा के साथ, आयोग ने संशोधित गाइडलाइंस भी जारी की थी।

इसमें
कोविड-19 को देखते हुए विजय जुलूस और चुनाव प्रचार की गाइडलाइंस तय की गई थीं। पहले रैलियों और
जनसभाओं पर रोक लगाई गई थी।

प्रत्याशी को पांच लोगों के साथ ही जनसंपर्क की इजाजत थी, लेकिन बाद में
स्थिति ठीक होने पर यह शर्तें वापस ले ली गईं और गाइडलाइंस का पालन करते हुए प्रचार की अनुमति दी गई।

राज्य सरकारों की तरफ से भी चुनाव आयोग को तमाम परामर्श दिए गए। इसके बाद गाइडलाइंस में संशोधन जारी
रहा।

इससे पहले 22 फरवरी को, चुनाव वाले राज्यों में कोविड मामलों में गिरावट को देखते हुए, चुनाव आयोग ने
राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की बैठकों और रैलियों के दौरान स्थान की क्षमता की 50 प्रतिशत की सीमा को
हटा दिया था।

6 फरवरी को, भारत के चुनाव आयोग ने रोड शो, रैलियों, जुलूसों और 'पदयात्रा' पर प्रतिबंध के साथ
रहते हुए पांच चुनावी राज्यों में इनडोर और आउटडोर सार्वजनिक सभाओं को आयोजित करने के लिए छूट दी।

अब
चूंकि देश में रोजाना आने वाले मामले 5 हजार प्रतिदिन तक सिमट गए हैं, ऐसे में आयोग ने विजय जुलूसों पर
लगा प्रतिबंध हटा दिया है।