नई दिल्ली, 13 मार्च दिल्ली के तीनों नगर निगम अगर एक होते हैं तो वार्डों का परिसीमन नए
सिरे से किया जाएगा। जिसके लिए राजनीतिक दलों ने नए सिरे से रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
वार्ड
परिसीमन आबादी के हिसाब से किया जाता है। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, अभी 18 अप्रैल तक चुनाव
कराने की घोषणा की जा सकती है।
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली नगर निगम के चुनाव तय समय पर होने हैं या नहीं, यह अब
तक तय नहीं किया गया है। अभी 18 अप्रैल तक इंतजार किया जा रहा है।
अगर उससे पहले तीनों निगमों को एक
करने पर फैसला नहीं लिया जाता है तो चुनाव तय समय पर कराए जाएंगे।
दिल्ली में 22 मई तक निगम चुनाव
पूरे कराए जाने हैं।
जिसके लिए अभी अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है।
नगर निगमों में मौजूदा वार्डों की स्थिति
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम:
कुल वार्ड- 104
अनुसूचित जाति (महिला) के लिए आरक्षित – 10
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित वार्ड की संख्या 10
महिला के लिए आरक्षित वार्ड 42
सामान्य के लिए वार्ड-42
पूर्वी दिल्ली नगर निगमः
कुल वार्ड- 64
अनुसूचित जाति (महिला) के लिए आरक्षित वार्ड – 6
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित वार्ड की संख्या – 5
महिला के लिए आरक्षित वार्ड – 27
सामान्य के लिए वार्ड – 26
उत्तरी दिल्ली नगर निगम:कुल वार्ड- 104
अनुसूचित जाति (महिला) के लिए आरक्षित वार्ड- 10
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित वार्ड की संख्या 10
महिला के लिए आरक्षित वार्ड 42
सामान्य के लिए वार्ड 42
परिसीमन का अर्थ क्या है
परिसीमन का अर्थ है चुनाव से पहले सीमाओं का निर्धारण करना। परिसीमन को किसी देश या राज्य की निर्वाचन
क्षेत्रों की सीमा या सीमा तय करने का कार्य या प्रक्रिया को कहा जाता है।
यह कवायद पूरी होने के बाद चुनाव
कराए जाते हैं। परिसीमन आयोग को सीमा आयोग भी कहा जाता है,
जिसका मुख्य उद्देश्य जनसंख्या के आधार
पर निर्वाचन क्षेत्रों का सही विभाजन करना है। जिससे सभी नागरिकों को प्रतिनिधित्व करने का समान अधिकार
मिल सके।

