नई दिल्ली, 16 मार्च  अखिल भारतीय शिक्षा अधिकार मंच के आह्वान पर राजधानी के कई छात्र
संगठनों ने शिक्षा मंत्रालय के बाहर बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। ये छात्र नई शिक्षा नीति 2020 के खिलाफ हैं

और फिर से एमफिल समाप्त करने, चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम बंद करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन करने
वाले संगठनों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) सहित कई अन्य संगठन
शामिल थे।

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि मौजूदा दोहरी शिक्षा नीति के तहत निजी और सरकारी स्कूलों द्वारा समाज में
गैर बराबरी बनी हुई है।

एनईपी 2020 द्वारा सरकार व्यावसायिक शिक्षा और अनौपचारिक शिक्षा के माध्यम से गैर
बराबरी को बढ़ावा दे रही है। गरीब और हाशिये के समुदाय के छात्रों को अनौपचारिक श्रम बाजार में धकेल रही है।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षा के अनौपचारीकरण, फंड में कटौती, सीटों की संख्या घटाना, फीस बढ़ोतरी आदि से
बहुसंख्यक छात्र अच्छी और औपचारिक उच्च शिक्षा प्रणाली से वंचित