कोलकाता, 24 मार्च तृणमूल कांग्रेस ने बीरभूम हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी का
बृहस्पतिवार को स्वागत किया और कहा कि इसने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की भारतीय जनता
पार्टी की मांग को बेअसर कर दिया।
मोदी ने बुधवार को, पश्चिम बंगाल के बीरभूम में हुई हिंसा को ‘‘जघन्य पाप’’ करार देते हुए इस पर दुख प्रकट
किया था। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि राज्य सरकार दोषियों को जरूर सजा दिलाएगी।
प्रधानमंत्री ने दोषियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए बंगाल को हर मदद देने का वादा भी किया है।
तृणमूल कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी साबित करती है कि उनका
भी मानना है कि यह राज्य सरकार है, जिसे विषय की जांच करनी चाहिए। राष्ट्रपति शासन लगाने की भाजपा की
मांग अब कहीं से भी असरदार नहीं रह जाती है।’’
हालांकि, घोष ने हैरानगी जताते हुए सवाल किया, ‘‘क्यों प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश में इसी तरह की घटनाओं पर चुप्पी
साध लेते हैं।’’
टीएमसी नेता ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘बीरभूम में जो कुछ हुआ वह निंदनीय है। कोई भी व्यक्ति ऐसी
हिंसा का समर्थन नहीं कर सकता। प्रधानमंत्री ने भी इसकी निंदा की।
लेकिन हम इस बात को लेकर हैरान हैं कि
भाजपा शासित राज्यों में नरसंहार होने पर वह (मोदी) चुप्पी क्यों साध लेते हैं।
क्या उन्होंने उत्तर प्रदेश के हाथरस
और उन्नाव में हुई इस तरह की घटनाओं की कभी निंदा की?’’
उनकी बातों से सहमति जताते हुए राज्य में मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि बंगाल को बदनाम करने के लिए
एक अभियान चलाया जा रहा है।
वहीं, बंगाल भाजपा प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘बंगाल में कानून व्यवस्था लचर हो गई है। राज्य सरकार
दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है। ’’
उल्लेखनीय है कि टीएमसी के एक पंचायत अधिकारी

