नई दिल्ली, 12 अप्रैल जेएनयू परिसर में रविवार को हुए विवाद के बाद मंगलवार को जिला पुलिस की
क्राइम टीम ने घटनास्थल का दौरा किया
और वहां से महत्वपूर्ण सबूतों को जमा किया। पुलिस ने जेएनयू के
अधिकारियों से बात कर रविवार को हुए हंगामे के संबंध में जानकारी ली। पुलिस की एक टीम ने दोनों पक्षों के
छात्रों को थाने में बुलाकर पूछताछ भी की।
छात्रों से पूछताछ के दौरान थाने में फॉरेंसिक टीम के सदस्य भी मौजूद
थे।
पूछताछ कर रही टीम ने वीडियो बनाने वाले छात्रों के मोबाइल की जांच की है। पुलिस टीम ने सभी वीडियो जब्त
कर लिए हैं। इसके अलावा मामले की जांच के लिए एसआईटी के गठन की भी बात सामने आ रही है
, जिससे जांच
में तेजी लाई जा सके। पुलिस अधिकारी ने दोनों पक्षों के 20 से ज्यादा छात्रों को पूछताछ के लिए थाने में बुलाया
था। इन छात्रों से घटना के संबंध में जानकारी ली गई।
साथ ही पुलिस टीम ने दोनों पक्षों के छात्रों से बातचीत कर
वीडियो बनाने और वायरल करने वालों की सूची तैयार की है।
संभावना है कि इस सूची में मौजूद लोगों को बुधवार से पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। पुलिस अधिकारी ने
बताया कि पुलिस टीम ने कुछ छात्रों के मोबाइल भी जब्त किए हैं।
जिनकी मदद से यह पता लगाने की कोशिश
की जा रही है कि विवाद को बढ़ावा देने के लिए पहले से तैयारी तो नहीं की जा रही थी।
पुलिस टीम छात्रों के
व्हट्एप ग्रुप की भी जांच कर रही है। अभी तक की जांच में पुलिस ने 30 ग्रुप की पहचान की है।
जिसमें विवाद के
संबंध में बातचीत हुई है या फिर उनके वीडियो शेयर किए गए हैं। यह सभी ग्रुप छात्रों से जुड़े हुए हैं।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि झगड़े के दौरान वैज्ञानिक और तत्थात्मक सक्ष्यों को जुटाने के लिए फॉरेंसिक
असिस्टेंट ऑफिसर की तैनाती की गई है।
यह ऑफिसर पुलिस टीम के साथ सक्ष्यों को जुटाने से लेकर जांच तक
में मदद करेंगे। वहीं, मंगलवार को क्राइम टीम जेएनयू परिसर में पहुंची।
यहां पुलिस टीम ने कावेरी हॉस्टल का
दौरा कर महत्वपूर्ण सबूतों को जमा किया।
पुलिस टीम के साथ फॉरेंसिक असिस्टेंट आफिसर भी मौजूद रहे। पुलिस
टीम ने मेस में पहुंचकर वहां के खाने का मेनू चार्ट जब्त करने के साथ ही खाना बनाने वाले लोगों से पूछताछ की।
पुलिस टीम का कहना है कि खाने को लेकर विवाद हुआ था या पूजा को लेकर इस संबंध में मेस के कर्मचारियों से
जानकारी जुटानी जरूरी थी।

