भोपाल, 16 अप्रैल प्रदेश के शासकीय स्कूलों में बंटने वाले मध्याह्न भोजन के लिए मार्च का खाद्यान्न
अभी तक उचित मूल्य की राशन दुकानों तक नहीं पहुंचा है।
राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को 12 हजार 67 टन
खाद्यान्न पहुंचाने के लिए आवंटित गए था, लेकिन सिर्फ एक हजार 25 टन ही पहुंचा है। पंचायत एवं ग्रामीण
विकास विभाग ने इस पर आपत्ति उठाई है।
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण के राज्य समन्वयक आलोक कुमार
सिंह ने निगम के प्रबंध संचालक को पत्र लिखकर खाद्यान्न की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
कोरोना काल में स्कूल बंद होने की वजह से मध्याह्न भोजन व्यवस्था बंद थी। इसकी जगह विद्यार्थियों को सीधे
खाद्यान्न दिया जा रहा था। अब स्कूल खुल गए हैं इसलिए मध्याह्न भोजन देने की व्यवस्था प्रारंभ हो गई है।
इसके लिए राज्य परिषद ने 12 हजार 67 टन खाद्यान्न् का आवंटन जारी भी कर दिया। इसे नागरिक आपूर्ति
निगम को उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से स्कूलों को उपलब्ध कराना था,
लेकिन अभी तक सिर्फ एक हजार
25 टन गेहूं ही दुकानों तक पहुंचाया गया है।
इससे प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण कार्यक्रम के संचालन में मैदानी
स्तर पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उधर, खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना
है कि बायोमैट्रिक सत्यापन के आधार पर खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था बनाई है।
मध्याह्न भोजन के लिए
खाद्यान्न प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा।

