-घाटी वाले मंदिर में 51 किलो दूध और 11 किलो घी से किया केसरीनंदन का अभिषेक, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
मथुरा, 16 अप्रैल । श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी का
जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना के मंदिरों में भी धार्मिक अनुष्ठान हुए।
मथुरा के प्राचीन घाटी वाले बाबा हनुमान मंदिर में शनिवार को हनुमान जी का जन्मोत्सव उल्लास के साथ मनाया
गया।
सुबह सबसे पहले मंदिर में विराजमान श्री हनुमान जी महाराज के विग्रह का 51 किलो दूध, 11 किलो गाय
का घी, 11 किलो शहद, 21 किलो बूरा, गंगाजल, जमुना जल, गुलाब जल आदि से पंच अभिषेक किया गया।
इसके बाद केसरीनंदन को नवीन पोशाक धारण कराई गई।
हनुमान जी के जन्मोत्सव पर 11100 लड्डूओं का भोग लगाया गया। इसके बाद यह प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं
को वितरित किया गया। इस अवसर पर मंदिर में फूल बंगला भी सजाए गए और हनुमान जी को 56 भोग लगा
गए। हनुमान जी का जन्मोत्सव पर केसरीनंदन के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
मंदिर परिसर
बजरंग बली के जयकारों से गुंजायमान होता है। उधर, वृंदावन धाम में बालाजी देवस्थान में धार्मिक अनुष्ठान हुए।
मथुरा पुरी बृजमंडल के प्राचीन देव स्थान श्री दीर्घ विष्णु भगवान मंदिर में विराजमान श्री सिद्ध दीर्घ हनुमान जी
महाराज का जन्म महोत्सव पूर्ण उत्साह एवं वैदिक मर्यादाओं के साथ मंदिर प्रांगण में आयोजित हो रहा है।
मंदिर
सेवायत महंत कान्तानाथ चतुर्वेदी के अनुसार प्रात:
मंगला आरती, मध्यांह 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में हनुमानजी
का पंचामृत महाभिषेक हुआ। दोपहर में दो बजे से सिंदूर श्रृंगार धारण,
सांयकाल चार बजे से फूल बंगला दर्शन,
सांयकाल पांच बजे से सुंदर कांड पाठ, एवं रात्रि आठ बजे महोत्सव महाआरती का भव्य आयोजन किया
जायेगा।मध्यान्ह काल में महाभिषेक के साथ वैदिक परम्परा के अनुरूप श्री हनुमान जी महाराज का पूजन-अर्चन,
मथुरा पुरी के वैदिक ब्राहृमणो द्वारा मंत्रोच्चारण के मध्य किया गया।
ब्रज में हनुमान जी के अनेकों मंदिर हैं।
इनमें प्रमुखतः नौहझील स्थित झाड़ी वाले हनुमान मंदिर, वृंदावन स्थित
सिंहपौर हनुमान जी मंदिर, नींव करौरी बाबा आश्रम स्थित मंदिर,
परिक्रमा मार्ग स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर, रंग
जी मंदिर स्थित काले हनुमान जी के दर्शन, लुटेरिया हनुमान के मंदिरों में जन्म उत्सव आस्था के साथ मनाया
गया।कहीं रामायण का पाठ चल रहा था,
कहीं फूल बंगले सजाए गए।तो कहीं हनुमान जी को अर्पित किए जाने के
लिए छप्पन भोग लगाए गए।
हनुमान जी के दर्शनों के लिए सुबह से ही भक्तों का मंदिर में तांता लगा हुआ
था।भक्त अपने अर्ध्य के दर्शन कर उनको जन्म उत्सव की बधाई दे रहे थे।

