चतुर्थ सड़क सुरक्षा सप्ताह गोष्ठी का हुआ आयोजन
अमरोहा इंडिया सावधान न्यूज़
जिलाधिकारी बालकृष्ण त्रिपाठी की अध्यक्षता मे सोमवार को अभिनन्दन बैंकट हॉल, अमरोहा में चतुर्थ सड़क सुरक्षा सप्ताह के अन्तर्गत दिनांक 18 अप्रैल से 24 अप्रैल तक की गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में जिलाधिकारी ने कहा कि जो सरकार द्वारा कानून बनाया गया है, वह हमारे लिये और हमारे के परिवार की सुरक्षा के लिये ही है,
हमें उन नियमों का पालन करना चाहिये। सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा’ है, यह अभियान विभिन्न उपायों पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिन्हें लोगों को सरकार द्वारा निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए अपनाना चाहिए और बाद में खुद को और अपने प्रियजनों को सुरक्षित रखना चाहिए। सड़क सुरक्षा एक आम और महत्वपूर्ण विषय है, आम जनता में खासतौर से नये आयु वर्ग के लोगों में अधिक जागरुकता लाने के लिये इसे शिक्षा, सामाजिक जागरुकता आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ा गया है। सभी को सड़क यातायात नियमों की अच्छे से जानकारी होनी चाहिये खासतौर से बच्चे और युवा लोगों को जो महत्वपूर्ण सड़क दुर्घटना के खतरे पर रहते हैं।
उन्होनें कहा कि आज के समय मे सड़क दुर्घटनाओं की संख्या काफी बढ़ गयी है और इस समस्या का कोई एक कारण नही है वास्तव में ऐसे कई सारे कारण है। जो सड़क दुर्घटनाओं को बढ़ावा देने का कार्य करते हैं जैसे – यातायात नियमों की जानकारी ना होना, सड़को की स्थिति ठीक ना होना, वाहन चलाते वक्त सुरक्षा सावधानियां ना बरतना आदि। हमारे देश में दिन-प्रतिदिन बढ़ती वाहनों की संख्या को देखते हुए। अब यह काफी आवश्यक हो चुका है कि हम सड़क सुरक्षा से जुड़े मानकों को अनिवार्य रुप से अपनायें क्योंकि मात्र इसी के द्वारा ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लायी जा सकती है।
उन्होने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या के साथ ही इन दुर्घटनाओं में जान गवाने वालों की भी संख्या बढ़ती जा रही है। यदि इस समस्या पर समय रहते ध्यान नही दिया गया तो सड़क दुर्घटना की यह समस्या आगे चलकर और भी भयावह रुप धारण कर लेगी। सामान्यतः सड़क दुर्घटनाओं का मूल कारण यातायात नियमों की जानकारी ना होना, अपरिपक्व चालक द्वारा वाहन चलाना, सीमा गति से अधिक गति में वाहन चलाना, सुरक्षा उपायों की अनदेखी करना, यातायात नियमों का पालन ना करना, सड़को की स्थिति खराब होना आदि हैं।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने जानकारी देते हुये कहा कि यातायात सुरक्षा के जो आवश्यक तत्व है वह सभी को अवगत है, इसलिये सुरक्षा के नियमों का पालन करें। उन्होने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा समय-समय पर चलाये जाने वाले चालान काटने का अभियान का कोई राजस्व वसूली करने का उद्देश्य नही है बल्कि यह आपकी सुरक्षा के लिये होता है, जिससे आप लोग सुरक्षित रहें। उन्होने कहा कि यदि हम घर से निकलते हुये हेलमेट लगाते हैं तो हमसे जो छोटे भाई या अन्य सदस्य है वह भी आपको देखकर यातयात के सुरक्षा का पालन अवश्य करें।
उन्होने कहा जनपद में वाहनों की चेकिंग में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जायेगी, बाईक पर बिना हेलमेट, चार पहिया वाहनों पर सीटवेल्ट के बिना कोई भी नजर नही आना चाहिये। इस पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा सख्ती बरती जायगीेे और ओवरलोड वाहन, जैसे- टैम्पो, प्राईवेट बस, मैजिक आदि नही चलनी चाहिये, ऐसे वाहन को सीज कर एफ0आई0आर0 दायर की जाये।
सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी ने जानकारी देते हुये कहा कि दुर्घटना होने पर सबसे पहले घायल व्यक्ति को अस्पताल अवश्य पहुंचाये, जिसके लिये आपसे कोई पुलिस द्वारा जबावदेही नही जायेगी और ऐसा करने पर सरकार द्वारा घायल व्यक्ति के मदद के लिये उस व्यक्ति को 5000 रू0 तक की मदद की जायेगी, जिसे नेक व्यक्ति नाम दिया गया है। उन्होने कहा कि इस लिये सभी नेक व्यक्ति बने और दुर्घटना में घायलों की मदद अवश्य करें। उन्होने कहा कि यदि कही दुर्घटना होती है तो सर्वप्रथम घायल व्यक्ति के एम्बुलेंस पर कॉल करे,
या उसे नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर लेकर जाये और कही कोई दुर्घटना होती है तो वहा जिसके द्वारा दुर्घटना हुई बिना जाने मारतोड़ न करें यह बहुत ही गलत निर्णय होता है क्या पता दुर्घटना करने वाला व्यक्ति ही उस घायल व्यक्ति की मदद करें और उसे अस्पताल तक पहुंचा दें, इसलिये ऐसा कभी न करें। कार्यक्रम में अन्त में सभागार में उपस्थित लोगो को यातायात की सुरक्षा हेतु शपथ भी दिलाई गई।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, अधिशासी अधिकारी पी0डब्ल्यू0डी0 आदि सहित अन्य अधिकारी एवं परिवहन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

