हाईकोर्ट ने लेक ब्रिज चुंगी व पार्किंगों के ठेकों पर नगर पालिका को दिया झटका, निर्णय पर लगाई रोक
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नैनीताल नगर पालिका बोर्ड के विभिन्न कार पार्किंग और लेक ब्रिज चुंगी का ठेका बिना निविदा निकाले पुराने ठेकेदारों को 20 प्रतिशत धनराशि बढ़ाकर देने के निर्णय पर रोक लगा दी है। साथ ही टिप्पणी की है कि पालिका बोर्ड को यह अधिकार नहीं है। इस आदेश के बाद अब नगर पालिका को डीएसए मैदान स्थित कार पार्किंग को छोड़कर अन्य पार्किंग एवं चुंगी के लिए नये सिरे से निविदाएं निकालनी होगी। वहीं डीएसए पार्किंग का मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।
बताते चलें कि इस मामले में अमरोहा यूपी निवासी अजय कुमार द्वारा दायर की गई याचिका में कहा गया है कि नगर पालिका बोर्ड द्वारा 25 मार्च 2022 को बोर्ड बैठक में निर्णय लेकर बिना निविदा के ठेके दे देने से सरकार को राजस्व का बड़ा नुकसान हुआ है क्योंकि कई लोग 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ाकर निविदा में प्रतिभाग करने की पेशकश कर रहे हैं। इसका लाभ सरकार को मिलता। यह भी कहा गया कि यह उन लोगों के अधिकारों का भी हनन है, जो इसमें प्रतिभाग करना चाहते हैं।
याचिका में न्यायालय से मांग की गई है कि ठेका तत्काल पुराने ठेकेदार से वापस लिया जाए और 1 अप्रैल से 1 लाख रुपए प्रतिदिन के हिसाब से वसूला जाये। याचिका में नगर पालिका, बीडी पांडेय पार्किंग ठेकेदार नरदेव शर्मा, डीएसए मैदान पार्किंग संचालक सचिन कुमार, लेक ब्रिज ठेकेदार उमेश मिश्रा को पक्षकार बनाया गया है।

