नई दिल्ली, 24 अप्रैल । दिल्ली और एनसीआर में शामिल हुए पारस्परिक सामान्य परिवहन करार को
मंजूरी मिलने के बाद राज्यों की ओर से परमिट जारी किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सबसे पहले हरियाणा
की ओर से परमिट जारी कर नए रूटों पर बसें दौड़ाने की तैयारी है।
माना जा रहा है कि अगले तीन महीने में सभी
नए रूटों पर निजी ऑपरेटर और राज्य उपक्रम की बसें चलनी शुरू हो जाएंगी,
जिसके बाद एनसीआर में शामिल
जिलों के बीच सफर में कम समय लगेगा।
समझौते के बाद समय की बचत के लिए रूटों को छोटा और सीधा
किया गया है, जिससे समय की बचत हो और प्रदूषण कम करने में भी मदद मिले।
हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के परिवहन विभागों के बीच मार्च में पारस्परिक सामान्य परिवहन
करार हुआ था, जो अगले 10 वर्ष तक प्रभावी रहेगा।
इस करार के तहत हरियाणा से दिल्ली के बीच 61, यूपी से
हरियाणा के बीच 16 और राजस्थान से हरियाणा के बीच सात नए रूट प्रस्तावित किए गए हैं।
जबकि, पुराने रूटों
को विधिवत रखकर उनमें कुछ आंशिक परिवर्तन कर छोटा और सीधा किया गया है।
साथ में ख्याल रखा गया है
कि एनसीआर के हर जिले और छोटे-बड़े शहर तक सीधी बस सेवा संचालित हो।
अब इस समझौते को एनसीआर
प्लानिंग बोर्ड की ओर से भी मंजूरी दी जा चुकी है।
करार में स्पष्ट किया गया था कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की ओर से स्वीकृति मिलते ही अगले 10 वर्ष तक करार
लागू हो जाएगा।
जैसे ही मंजूरी मिली है तो राज्य नए रूटों पर बसों को संचालित करने की योजना बना रहे हैं,
क्योंकि हरियाणा से दिल्ली के बीच सबसे अधिक रूट हैं।
इसलिए दोनों ही राज्य इन नए रूटों पर बसों को परमिट
देने जा रही हैं। इस दिशा में हरियाणा सरकार ने काम शुरू कर दिया है,
जबकि दिल्ली सरकार मई के पहले
सप्ताह तक नई रूटों का आवंटन कर सकती है। इसे लेकर तैयारी चल रही है।

