नई दिल्ली, 24 अप्रैल । दिल्ली सरकार ‘क्लाउड किचन’ नीति बनाने को लेकर मंगलवार को हितधारकों
से सलाह-मशविरा करेगी। इस नीति की घोषणा 2022-23 के बजट में की गई थी।
एक सरकारी बयान में कहा गया है कि कई ‘क्लाउड किचन’ संचालकों और भोज डिलीविरी एग्रीगेट को सत्र के लिए
आमंत्रित किया गया है
जिसकी अध्यक्षता दिल्ली संवाद एवं विकास आयुक्त के उपाध्यक्ष जासमीन शाह करेंगे।
‘क्लाउड किचन’
सिर्फ खाने का ऑर्डर लेकर ग्राहकों तक भोज पहुंचाते हैं और उनके यहां बैठकर खाना खाने की
जगह नहीं होती है।
उद्योग विभाग के सहयोग से डीडीसी द्वारा आयोजित परामर्श का उद्देश्य दिल्ली के ‘क्लाउड किचन’ संचालक के
सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों को समझना और शहर भर में ‘क्लाउड किचन’ क्लस्टर स्थापित करने की
क्षमता और व्यवहार्यता का पता लगाना है।
बयान में कहा गया है कि सरकार क्लाउड किचन के लिए भूमि और अन्य प्रोत्साहनों के प्रावधान करने और ऐसी
इकाइयों के लिए लाइसेंस नियमों में ढील देने पर विचार कर रही है।
बयान के मुताबिक, दिल्ली में क्लाउड किचन की संख्या हर साल 20 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ रही है।
फिलहाल में शहर में 20,000 से अधिक ‘क्लाउड किचन’ हैं जो लगभग दो लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार और कम
से कम 50,000 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करते हैं।

