नई दिल्ली, 16 मई । कश्मीर में कश्मीरी पंडितों की ओर से किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर लाठीचार्ज व
आंसू गैस छोड़ने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आलोचना की है।
कश्मीरी पंडित बीते दिनों आतंकियों द्वारा
एक कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट की हत्या के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे।
केजरीवाल ने कहा कि राहुल भट्ट की
हत्या से कश्मीरी पंडित नाराज थे। अपनी नाराजगी जताने के लिए वो प्रदर्शन कर रहे थे।
उनपर लाठी चलाना,
आंसू गैस के गोले छोड़ना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें सुरक्षा उपलब्ध कराना चाहिए,
जिससे वह कश्मीर में
अपने घर वापसी कर सके। उन्होंने लाठीचार्ज करने वाले अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की है।
कश्मीरी पंडितों को लेकर जारी बयान में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ दिन पहले कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट
की हत्या कर दी गई थी। कुछ आतंकवादियों ने उनके कार्यालय में जाकर हत्या की थी।
ऐसा लगता है कि वो
सोचकर आएं थे कि कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाना है।
हमारी सेना ने दोनों आतंकियों को ढूढ़कर मार गिराया
है। मगर पूरा देश इस बात से चिंतित है
कि कश्मीरी में आज भी कश्मीरी पंडित सुरक्षित क्यों नहीं है। कश्मीरी
पंडित वहां शांति के साथ रहना चाहते थे।
वहां उनका घर है। अब वही घर बसाना चाहते है। वह अपने बच्चों के
साथ रहना चाहते है।
केजरीवाल ने कहा कि इस हादसे के बाद से कश्मीरी पंडित डरे हुए है। वह नाराजगी जताने के लिए सड़क पर आते
है तो उनकी कॉलोनी में ताला लगाकर उन्हें रोका जाता है।
उन्होंने कहा कि यह राजनीति का वक्त नहीं है। यह
देश का मुद्दा है। कश्मीरी पंडित सुरक्षा चाहते है। उनके परिवार को उनके लोग वहां सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे
है। अगर कश्मीर में रह रहे पंडितों को सुरक्षा नहीं मिल रही है तो देश के दूसरे हिस्से में रह रहे कश्मीरी पंडित
वहां वापस कैस जाएंगे। किस भरोसे वह वापस कश्मीर में जाकर वापस रहने की सोचेंगे।
उन्होंने केंद्र सरकार से गुजारिश करते हुए कहा कि कश्मीरी पंडितों को वापस कश्मीर में बसाने के लिए जो भी
सुरक्षा व्यवस्था करनी चाहिए करें। उसके लिए जितना भी खर्च हो वह खर्च किया जाएं। प्रर्दशन करने वाले कश्मीरी
पंडितों पर लाठी नहीं चलाई जाएं। हमें उन्हें गले लगाना, वो हमारे अपने है। उनपर आंसू गैस के गोले नहीं छोड़ने
चाहिए। आतंकी व देश के दुश्मन यह समझ ले कि अगर उन्होंने कश्मीरी पंडितों को गलत इरादे से देखा तो देश
उन्हें छोड़ेगा नहीं।
आज देश के विभिन्न राज्यों में कश्मीरी पंडित बसे है। हम सबको मिलकर उनके सुरक्षा व
पूर्नवास सुनिश्चित करना है। पूरा देश कश्मीरी पंडितों, भाई बहनों के साथ खड़ा

