श्रीनगर, 05 जून जम्मू कश्मीर से 145 श्रद्धालुओं का पहला जत्था रविवार को हज यात्रा पर सऊदी
अरब के लिए रवाना हुआ।
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते दो साल से हज यात्रा बंद थी। अधिकारियों ने यह
जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस साल केंद्र शासित प्रदेश के करीब 6,000 श्रद्धालु यात्रा करने वाले हैं।
अधिकारियों के अनुसार, पहले पांच दिन श्रीनगर हवाई अड्डे से जेद्दा हवाई अड्डे के लिए केवल एक सीधी उड़ान
होगी, उसके बाद दो उड़ानें संचालित होंगी।
जम्मू कश्मीर हज कमेटी के कार्यकारी अधिकारी अब्दुल सलाम मीर ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘सभी व्यवस्थाएं
कर ली गई हैं। सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा है
और श्रद्धालुओं को कोई समस्या नहीं होगी।’’ उन्होंने कहा कि
किसी भी श्रद्धालु की रिपोर्ट में कोविड-19 की पुष्टि नहीं हुई है।
कार्यकारी अधिकारी और भारत की हज
कमेटी के सदस्य एजाज हुसैन ने सभी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उन्होंने कहा कि हज कमेटी और केंद्र
शासित प्रदेश सरकार ने हजयात्रा के लिए सभी इंतजाम किए हैं। उन्होंने कहा, ‘
‘हमने इस साल श्रद्धालुओं के लिए
सुविधाओं में सुधार करने की कोशिश की है।’’
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए श्रद्धालुओं से बातचीत की। उपराज्यपाल
ने ट्विटर पर लिखा,
‘‘जम्मू कश्मीर के हज यात्रियों के पहले जत्थे के साथ बातचीत की। हजयात्रा करने वाले लोगों
को मेरी बधाई और शुभकामनाएं। मैं सफल हज यात्रा और जम्मू कश्मीर की शांति, सौहार्द और समृद्धि के लिए
प्रार्थना करता हूं।’’
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने भी हजयात्रियों को बधाई दी। पार्टी ने
ट्वीट किया,
‘‘जेकेएनसी के अध्यक्ष डॉ फारूक अब्दुल्ला, उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने आज यात्रा के लिए जाने वाले
‘हुजाज’ को बधाई दी।
उन्होंने हज यात्रियों से जम्मू कश्मीर, लद्दाख में स्थायी शांति और समृद्धि के लिए विशेष
रूप से प्रार्थना करने का आग्रह किया।’’

