फरीदाबाद, 07 जुलाई । एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगने के बाद प्लास्टिक
पैकेजिंग से जुड़ी यूनिट में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी
क्योंकि पैकेजिंग में भी कई तरह की प्लास्टिक
इस्तेमाल होती है,
जिसका फिलहाल कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में लघु उद्योग के प्रतिनिधियों ने सरकार से इस
बारे में स्थिति साफ करने की मांग की थी।
प्रतिनिधियों ने केंद्रीय श्रम व रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव से भी इस बारे
में मुलाकात की थी।
गुरुवार को पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने इस बारे में नोटिफिकेशन जारी कर स्थिति को स्पष्ट
किया है, जिससे प्लास्टिक पैकेजिंग यूनिट को बड़ी राहत देने का काम किया किया है।
इसके लिए लघु उद्योग
भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाशचंद,
राष्ट्रीय अध्यक्ष बलदेव भाई प्राजापति और राष्टीय मंत्री नरेश पारिक ने
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का आभार व्यक्त किया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बलदेव भाई प्राजापति ने बताया कि एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया गया
है। प्लास्टिक के कप, प्लेट, स्ट्रॅा, ट्रे आदि सहित 19 तरह की चीजों को प्रतिबंधित किया गया है। पैकेजिंग यूनिट्स
में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक व सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, जिसे लेकर
7 जुलाई को पर्यावरण,
वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की तरफ से नोटिफिकेसन जारी कर स्थिति को स्पष्ट
किया गया है। नोटिफिकेशन में प्लास्टिक पैकेजिंग व सिंगल यूज प्लास्टिक का स्पष्टीकरण दिया है।
ईपीआर के दिशा निर्देश अनुसार डेयरी, खाद्य, बेवरेज, बेकरी इंडस्ट्रीज में जो प्लास्टिक कप व ट्रे प्लास्टिक
पैकेजिंग के रूप में उपयोग होते हैं,
वह सिंगल यूज प्लास्टिक के दयारे से बाहर माने जाएंगे। इस संबंध में
सीपीसीबी से अनुरोध किया गया है
कि वह पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 5 के तहत प्लास्टिक
कच्चे माल के निर्माताओं को जारी दिशा-निर्देश को संशोधित करे ताकि उनके काम में किसी तरह की बाधा न
आए। उन्होंने कहा कि इन निर्देशों से बहुत से उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी। इस प्रयास के लिए लघु उद्योग
भारती के सभी सदस्यों ने राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाशचंद का आभार व्यक्त किया है।

