तिरुवनंतपुरम, 16 जुलाई । केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने शनिवार को कहा कि देश में
मंकीपॉक्स का पहला मामला केरल में सामने आने के मद्देनजर राज्य सरकार ने इस बीमारी से बचाव के उपाय
तेज कर दिए हैं।
जॉर्ज ने स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य आयी केंद्रीय टीम के साथ चर्चा की। मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य
विभाग चेचक या इसी तरह के लक्षणों वाले लोगों पर भी नजर रख रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि
उन्हें मंकीपॉक्स न हो। उन्होंने कहा कि संक्रमण का पता लगाने के लिए औचक तौर पर लिए गए नमूनों की जांच
की जाएगी।
मंत्री ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘हवाई अड्डे पर निगरानी तेज की जाएगी। इसके तहत, स्वास्थ्य विभाग हवाई अड्डे
के अधिकारियों के साथ चर्चा करेगा। यदि किसी व्यक्ति में लक्षण मिलते हैं, तो उन्हें पृथक-वास में भेजने के लिए
कदम उठाए जाएंगे और उन्हें अस्पतालों में स्थानांतरित करने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है।’’
उन्होंने कहा कि मंकीपॉक्स की रोकथाम के लिए व्यापक रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है और अब तक 1,200 से
अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। जॉर्ज ने कहा, ‘‘जिस मरीज में संक्रमण की पुष्टि हुई,
उसकी हालत स्थिर है। अभी तक किसी अन्य व्यक्ति में इस बीमारी का पता नहीं चला है।
मरीज के संपर्क में
आए सभी लोगों पर नजर रखी जा रही है।’’
मंत्री ने कहा कि केंद्रीय टीम ने उनके और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ चर्चा की।
उन्होंने तिरुवनंतपुरम मेडिकल
कॉलेज में मरीज से मुलाकात भी की।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सलाहकार डॉ. पी रवींद्रन, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के संयुक्त निदेशक
डॉ. संकेत कुलकर्णी, राममनोहर लोहिया अस्पताल
, नयी दिल्ली से डॉ. अनुराधा, त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश
ठोके और जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. रुचि जैन टीम का हिस्सा हैं।
देश में मंकीपॉक्स के पहले मामले की पुष्टि बृहस्पतिवार को पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान में व्यक्ति के
नमूने की जांच से हुई। पहला मामला केरल के एक व्यक्ति का है जो 12 जुलाई को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई)
से लौटा था। मरीज के संपर्क में आए सभी लोगों की पहचान की गई और उसके 11 सह-यात्रियों, उनके परिवार के
सदस्यों, एक ऑटो चालक,
एक टैक्सी चालक तथा एक निजी अस्पताल के त्वचा विशेषज्ञ, जहां संक्रमित व्यक्ति
इलाज के लिए सबसे पहले पहुंचा था, निगरानी में हैं।
तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पतनमथिट्टा, अलाप्पुझा और कोट्टायम के लिए विशेष अलर्ट जारी किया गया है क्योंकि
12 जुलाई को शारजाह-तिरुवनंतपुरम इंडिगो उड़ान में सवार रहे संक्रमित व्यक्ति के सह-यात्री इन्हीं जिलों के थे।

