Untitled design 2022 07 22T234447.623

मुरादनगर, 22 जुलाई  हरिद्वार से गंगाजल लेकर बढ़ रहे कांवडि़यों के रंग अनेक है, लेकिन मंजिल
सबकी भगवान शिव की स्तुति ही है। कांवड़ में बच्चे, बूढ़े और जवान बिना थके शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं। ये

भगवान भोले के प्रति आस्था हीं है जो कि खेल कूद और घर की सभी सुविधाओं को दरकिनार कर बच्चे शिव

भक्ति में लीन होकर हरिद्वार, ऋषिकेश से कावड़ ला रहे हैं। इस बार कावड़ यात्रा का नजारा महिलाओं और बच्चों
की संख्या को देखकर बदला हुआ सा नजर आ रहा है। रेवाड़ी के छह साल के विपुल, अपने सात साल के भाई

आयुष, आठ साल के विधान के साथ गंगाजल लेकर तेजी से गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। खास बात यह है कि
उनके पिता नंदकशोर भी उनके साथ हैं लेकिन चलने में वे पिता को भी पीछे छोड़ रहे हैं। नंदकशोर ने बताया कि

उनका बड़ा बेटा इस बार तीसरी कावड़ ला रहा है। बड़े से सीख लेकर छोटे दो बेटे भी कांवड़ लेने के लिए इस बार
आ गए। नन्हे कावड़ियों की भक्ति को देख लोग हतप्रभ रह गए। राजस्थान के धनीराम भी अपने छह और सात

साल के बेटे के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेकर हाईवे से गुजर रहे थे। पूछने पर उन्होंने बताया कि बेटों ने इस
बार कावड़ लाने की जिद की थी। इसी के चलते हुए उनको अपने साथ ले गए थे। दोनों बेटे रोजाना 40 से 45

किलोमीटर की दूरी को उनके साथ तय करते हैं और उनसे पहले ही गंतव्य तक पहुंच जाते हैं। भोले के भक्त
जिनमें महिलाएं व बच्चे भी बम भोले बम भोले करते हुए उत्साह के साथ अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं।यह

नजारा पाइपलाइन मार्ग और मेरठ रोड पर देखा जा रहा है। वहीं जगह-जगह लगाए गए कावड़ सेवा शिविरों में
भोलो की रात भी सेवा चल रही है। पुलिस के आला अधिकारी कांवड लेकर आ रहे शिव भक्तों से हालचाल पूछते

नजर आ रहे हैं ,वहीं दिल्ली मेरठ रोड पर पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं, ताकि किसी भी भोले को परेशानी
का सामना न करना पड़े।