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गाजियाबाद, 25 जुलाई । श्रवण मास के दूसरे सोमवार और पहले प्रदोष व्रत के दिन पूजा अर्चना के साथ
सभी शिवालयों में भक्तों ने सुबह चार बजे से जलाभिषेक करना शुरू कर दिया। प्रदोष व्रत का सोमवार के दिन

संयोग बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसे में रुद्राभिषेक और पूजा अर्चना के लिए मंदिरों में काफी भीड़ रही। श्री
दूधेश्वरनाथ मंदिर में रात्रि 12 बजे से ही भक्तों की लाइन लग गई।

हजारों की संख्या में भक्तों ने भगवान श्री
दूधेश्वरनाथ का जलाभिषेक और पूजा अर्चना की।

श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर के महंत नारायण गिरि ने बताया कि सुबह चार बजे से भगवान श्रीदूधेश्वरनाथ का
जलाभिषेक शुरू हो गया। भक्त रात से ही लाइन में लग गए थे। श्रृंगार के बाद भगवान को 156 प्रकार का भोग

लगाया गया। महाआरती की गई। श्रावण शिवरात्रि का मुख्य मेला 26 जुलाई से 27 जुलाई तक रहेगा। शिवरात्रि का
व्रत बुधवार 27 जुलाई को होगा तथा

इसी दिन लाखों की संख्या में शिवभक्त कांवड़िये हरिद्वार, गंगोत्री, गोमुख से
गंगाजल लाकर भगवान दूधेश्वर का अभिषेक करेंगे।

26 जुलाई को ही भगवान दूधेश्वर की आठ प्रहर की विशेष पूजा भी शुरू होगी। श्री दूधेश्वर श्रृंगार सेवा समिति के
अध्यक्ष विजय मित्तल ने कहा कि अब श्रवण मास में दो सोमवार पड़ेंगे। एक अगस्त व आठ अगस्त सावन के

सोमवार पड़ रहे हैं। इन दिनों में भगवान श्री दूधेश्वर का विभिन्न रूपों में आरती से पूर्व भव्य श्रृंगार व 156 प्रकार
के व्यंजनों से भोग लगाया जाएगा। आरती के बाद श्रृंगार को भक्तों के दर्शनार्थ रखा जाएगा। शिवरात्रि को भगवान

का विशेष श्रृंगार होगा। भगवान दूधेश्वर भक्तों को दूल्हे के रूप में दर्शन देंगे। कांवड़ मेले में दूधेश्वर श्रृंगार समिति
के सभी 300 कार्यकर्ता दो दिन होने वाले कांवड़ मेले में पूरी व्यवस्था संभालेंगे।

मंदिर के मीडिया प्रभारी एसआर सुथार ने बताया कि हाजिरी का जल 26 जुलाई से चढ़ना शुरू होगा और चतुर्दशी
का जल मंगलवार रात 9:15 से शुरू होकर 27 जुलाई शाम तक चढ़ेगा। शिवरात्रि का व्रत भी बुधवार को रहेगा।

पिछले दो साल से भक्त शिवरात्रि पर मंदिर में भगवान दूधेश्वरनाथ की पूजा अर्चना नहीं कर सके थे। मंदिर में दो

साल बाद कांवड़ मेला लग रहा है। ऐसे में अनुमान है कि इस साल कांवड़ मेले में श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में
रहेगी।

इन मंदिरों में रही भक्तों की भीड़ : सावन के दूसरे सोमवार के दिन प्रमुख रूप से शिव मंदिर रईसपुर, मनन धाम
मंदिर मोरटा, शिव मंदिर नेहरू नगर सेकेंड-सी, शिव मंदिर नेहरू नगर-3 सी, संगम शिव मंदिर राजनगर सेक्टर-9,

शिव एक मंदिर राजनगर, स्वयं भू शिव मंदिर कविनगर, शिव मंदिर शास्त्री नगर, शिव शक्तिधाम डासना, शिव

मंदिर पटेल नगर, शिव मंदिर लोहिया नगर, शिव मंदिर गोविदपुरम, शिव मंदिर अशोक नगर, शिव मंदिर प्रताप

विहार, शिव मंदिर महेंद्र एन्क्लेव के अलावा सभी सोसायटी के मंदिरों में भगवान शिव का जलाभिषेक व पूजा
अर्चना के लिए भक्तों की संख्या ज्यादा रही।