नई दिल्ली, 13 अगस्त । राजधानी दिल्ली में कई हादसे होने के बावजूद अभी भी ना केवल चोरी छिपे
अपितु धडल्ले से जानलेवा मांझा बिक रहा है। गत दिनों मांझे से एक युवक की गला कटने के बाद हुई दर्दनाक
मौत के बाद भी लगातार मांझे की चपेट में गंभीर रूप से लोगो के घायल होने के मामले आ रहे है हैं बावजूद
इसके प्रशासन इस और कडाई नहीं कर पा रहा। यह कहना है प्रमुख समाजसेवी परमानन्द शर्मा का। परमानन्द
शर्मा राम नगर ब्लाक कांग्रेस के अध्यक्ष भी है कहते हैं 15 अगस्त और रक्षाबंधन पर विशेष रूप से पतंग उड़ाने
का प्रचलन है पतंग उड़ाने के लिए जिस (मांझे) का प्रयोग हो रहा है उस मांझे के कारण अनेको अनेक हादसे हो
रहे है जिसके दुपहिया वाहन सबसे ज्यादा शिकार हो रहे है। शर्मा कहते हैं पतंग तो साधारण धागे से भी उड़ाई जा
सकती है लेकिन लोग एक दूसरे की पतंग ज्यादा काटने के चक्कर में तेज धार वाला मांझा खरीदते है जो साधारण
मांझे से कई गुना महंगा होता है। वह पतंग तो तुरंत काट देता है लेकिन लोगो की जान पर भी भारी पड़ जाता है।
यह खतरनाक मांजा रोजाना दर्जनों बे-जुबान पक्षियों को भी अपनी चपेट में ले लेता है।
वैसे तो ये चाइनीज मांझा
के प्रयोग पर पिछले कई साल से रोक है उसके बाबजूद ये मांझा धड़ले से चोरी छिपे बिक रहा है इस मांझे की धार
ओर मजबूती इतनी होती है कि अगर दोनों हाथों से खींच कर तोड़ने का प्रयास करते है तो ये हाथों की उंगलियों
को चोट पहुचता और खून तक निकल जाता है दुपहिया वाहन चालकों को जब वे वाहनचला रहे होते है तो कटी हुई
पतंग की डोर (मंझा) उनकी गर्दनों को छूते ही काट देता है क्योकि वाहन की रफ्तार के कारण ये चीनी धागा जो
आसानी से नही टूट ता दुपहिया चालको के गर्दन पे उलझ कर प्राण तक लील लेता है। श्री शर्मा कहते हैं सरकार
को तत्काल इस ओर कड़े कदम उठाने चाहियें।

